पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अपने जीवन में विचार और वीरता, दोनों ही बनाए रखें
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपने जीवन में विचार और वीरता, दोनों ही बनाए रखें

मनुष्य का जीवन निराला है। यह मां की गोद और चिता की वेदी के बीच का है। जब आप पहली बार आंख खोलते हैं तो अपने को मां की गोद में पाते हैं। कई लोग प्रसन्न हो रहे होते हैं। आगमन का आनंद मनाया जाता है। उस आगमन से आप अनजान हैं, लेकिन आपका जन्म […]