कभी-कभी कुछ घटनाएं हमसे विशेष प्रतिक्रिया की मांग करती हैं। विश्व युद्धों, परमाणु हथियारों की ईजाद और शीत युद्ध के समय ऐसा ही हुआ था। जनरेटिव एआई को भी मैं इसी श्रेणी में रखता हूं। और इसके बावजूद एआई पर होने वाली चर्चाएं अकसर अलग-अलग खांचों में बंटी रहती हैं। तकनीकविद् इस बिंदु पर तो […]





