एन. रघुरामन का कॉलम:  हममें से कितने उन ‘अदृश्य लोगों’ को देखने के लिए ट्रेन्ड हैं?
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: हममें से कितने उन ‘अदृश्य लोगों’ को देखने के लिए ट्रेन्ड हैं?

बुधवार सुबह की बात है, उस लोकल ट्रेन में खिड़की वाली सीट पर 20-25 साल का युवक बैठा था। वहीं, एक अधेड़ उम्र की महिला आंखें मूंदे तीसरे नंबर की सीट पर बैठी थी। ट्रेन का एसी घड़घड़ा रहा था। मैं सामने की सीट पर था। ट्रेन में भीड़ नहीं थी। मैं इधर-उधर देख रहा […]