रसरंग में चिंतन:  मनुष्य के लिए मुश्किल है ऋतुओं से दूर रहना
अअनुबंधित

रसरंग में चिंतन: मनुष्य के लिए मुश्किल है ऋतुओं से दूर रहना

इन दिनों मैं वसंत ऋतु में ही डूबा हुआ हूं। इसके वैभव को अनुभव कर रहा हूं। हम सबने अनुभव किया होगा कि इन दिनों प्रकृति के कण-कण से सुगंध फैल रही है। पूरे वातावरण में महक व्याप्त हो गई है। ऐसे में वसंत का एक अनोखा रूप हमारे सामने होता है, जो मन को […]