टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: मिडलाइफ में होने वाली चीजों का असर वहीं तक सीमित नहीं रहता

मिडलाइफ के वर्षों (मोटे तौर पर 36-60 वर्ष) में आप अपने शरीर और दिमाग को कैसे ट्रीट करते हैं, उसका व्यापक असर इस बात पर पड़ सकता है कि आगामी दशकों में आपकी उम्र कैसे बढ़ेगी। संक्षेप में कहें तो मिडलाइफ हेल्थ आपके भविष्य की एक झलक है। मिडिल एज में आप जो बीज बोते […]

टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मन नियंत्रित हो तो शरीर में भी स्वास्थ्य उतर आएगा

अब तो मेडिकल साइंस भी मानता है कि तन की बीमारी के पीछे मन का भी अदृश्य हाथ होता है। भले ही मेडिकल साइंस को मन पकड़ में नहीं आता, लेकिन उसके प्रभाव पकड़े जा सकते हैं, क्योंकि मन अंग नहीं, एक अवस्था है और उसे हमने ही निर्मित किया है। इस मामले में मन […]