शेखर गुप्ता का कॉलम:  राजनीति में अब नए विचारों की जरूरत है
टिपण्णी

शेखर गुप्ता का कॉलम: राजनीति में अब नए विचारों की जरूरत है

यह आपके राजनीतिक रुझान पर है कि जंतर-मंतर पर जो कुछ हुआ, उसे आप क्रांति मानें या एक आई-गई आंधी। पर इतना तो निश्चित रूप से हुआ कि पहली बार सरकार के खिलाफ सीधा जनाक्रोश उभरा और उसकी खुली निंदा हुई। 20 जुलाई के बाद सरकार ने अगर तत्परता से कदम उठाए तो इसकी असली […]