कंबोडिया के शातिरों ने केस्को के रिटायर्ड सुप्रिटेंडेंट इजीनियर रमेश चंद्र और उनकी पत्नी को 69 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 53 लाख की ठगी की साजिश रची। उन्हें जिन नंबरों से कॉल की गई उसके तीन वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) कंबोडिया और दो यूके के मिले हैं। क्राइम ब्रांच के साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है। नेटवर्क से और आगे की जानकारी जुटाई जा रही है। कॉल के लिए पुराने आईफोन का इस्तेमाल किया गया।
पार्वती बागला रोड की उपवन सोसाइटी निवासी रमेश चंद्र अपनी पत्नी के साथ सोसाइटी में रह रहे हैं। उनका एक बेटा यूएसए और दूसरा नोएडा में है। वह तीन अक्तूबर की सुबह डायलिसिस कराने लाजपतनगर गए थे। इसी बीच उनके पास कॉल आई। कॉल करने वाले ने 19 वर्षीय युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने के नाम पर उन्हें धमकाया। इसके बाद कई और नंबरों से कॉल की। वह दोपहर डेढ़ बजे अपने फ्लैट आए तो उन्हें गौरव नाम के व्यक्ति ने फोन किया। मुंबई के कोलाबा थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी गई। इसके बाद उन्हें जेट एयरवेज के लगभग 500 करोड़ की मनी लांडि्रंग के केस में भी शामिल बताकर धमकाया गया। कॉल करने वाले ने जेल ले जाने की बात कही। रिटायर्ड इंजीनियर ने अपनी डायलिसिस की बात बताई तो उनसे कई बार में 53 लाख रुपये ले लिए।
शातिरों ने दंपती को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। उनकी शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। साइबर अपराधियों ने कॉल के लिए पुराने आई फोन का इस्तेमाल किया। रुपये जिन अकाउंट में ट्रांसफर हुए वो म्यूल अकाउंट हैं। इन रुपयों को कुछ दिन बाद दूसरे खातों में भेज दिया गया।