
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
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सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों के शिक्षण सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य बताया है। इससे जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात ऐसे शिक्षकों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है, जो बिना टीईटी पास किए सेवाएं दे रहे हैं। जनपद में करीब 5 से 6 हजार शिक्षक ऐसे हैं, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले से बिना शिक्षक पात्रता परीक्षा दिये सेवाएं दे रहे हैं। अब कोर्ट के आदेश के बाद इन शिक्षकों को अपनी नौकरी बचाने के लिए दो साल में टीईटी पास करनी होगी।








