बोनट और इंजन में घुस गई थी पेड़ की लकड़ी
परिवहन विभाग व पुलिस की जांच में प्रथम दृष्टया मौत का कारण वाहन की तेज गति व झपकी आना बताया जा रहा है। कार जिस तरीके से पेड़ में कार टकराई है, उसके आगे की स्थिति को देखकर साफ पता चल रहा है कि वह 80 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही होगी। वाहन के अंदर मां की सीट पर साथ में बैठे दो साल के बालक का गिरा खिलौना भी लोगों में चर्चा का विषय है। वाहन के बोनट व इंजन में पेड़ की लकड़ी तक घुस गई है। रात करीब एक बजे दर्दनाक हादसा सीसीटीवी में कैद हो गया। जिसमें वाहन की गति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
जिम्मेदारों ने झाड़ा पल्ला
उस पेड़ के आसपास सड़क भी टूटी हुई है। घटना स्थल से पहले एक पेड़ सड़क की तरफ लटक रहा है तो ऐसे दो पेड़ आगे भी लटक रहे हैं। जिससे कोई भी बस व ट्रक दुर्घटना होने की संभावना बनी हुई है। पीडब्ल्यूडी का दावा है कि सड़क निर्माण के समय निश्चित रूप से पेड़ कटवाने के लिए एनओसी ली गई होगी, अनुमति किन कारणों से नहीं मिली यह जांच का विषय है। वहीं वन विभाग भी यह कह रहा है कि आखिर एक साथ कई पेड़ों के काटने के लिए लाट बनती है, यह कैसे छूट गया। यह भी जांच का विषय है।
घटना स्थल के सामने सेना रिटायर सूबेदार मेजर रहमत हुसैन ने बताया कि इसी पेड़ से एक माह पहले एक डीसीएम लड़ी थी, जिससे बैठे लोग घायल हुए थे। इसके लिए प्रशासन को संज्ञान में लाया गया। कई बार पेड़ काटने के लिए शिकायत भी की गई लेकिन एनओसी न मिलने के कारण कोई सुनवाई नहीं हुई। सपा सरकार में फोरलेन बनने के बाद सड़क को टूलेन करते हुए चौड़ीकरण तो कर दिया लेकिन सड़क पर व किनारे लटक रहे कुल चार पेड़ों को नहीं कटवाया गया। जिससे यह बड़ा हादसा हुआ।
तीन मौतों की जांच करेगी क्रैश इंवेस्टीगेशन कमेटी
सड़क हादसे में तीन या उससे अधिक के मरने वालों की जांच क्रैश इंवेस्टीगेशन कमेटी करेगी। इसमें जांच परिवहन विभाग के आरआई टी, पीडब्ल्यूडी के एई, यातायात के टीआई करेंगे। इनकी तरफ से 37 बिंदुओं पर जांच कराई जाएगी। जिसमें गाड़ी का प्रकार, क्रैश होने का कारण, एयर बैग खुला या नहीं, लाइट सही थी या नहीं, पीडब्ल्यूडी रोड़ के इंजीनियरिंग की जांच होगी। इसको 10 दिनों पर विवेचना करने के बाद रिपोर्ट को परिवहन विभाग के मुख्यालय, डीएम, यातायात निदेशालय में दिया जाएगा।












