कानून के हाथ लंबे होने की कहावत के बीच पाकबड़ा का यह मामला बताता है कि कभी-कभी सिस्टम की आंखें 38 साल तक बंद भी रह जाती हैं। एक अपहरण के आरोपी की फाइल दशकों तक धूल खाती रही और जैसे ही उच्च न्यायालय ने सख्ती दिखाई तो पुलिस हरकत में आ गई।
अब पुलिस ऐसे शख्स को ढूंढ रही है, जो अड़तीस साल से कानून की नजरों से ओझल है। हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद थाना पाकबड़ा पुलिस ने बृजमोहन नामक आरोपी की तलाश में नोटिस जारी किया है। मुरादाबाद से लेकर राजस्थान तक दबिश दी जा रही है, लेकिन अब तक पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पाकबड़ा थाना क्षेत्र के मोहल्ला छीपी वाला निवासी बृजमोहन पर वर्ष 1983 में एक युवती के अपहरण का आरोप लगा था। उस समय मामला काफी चर्चित रहा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की, आरोपी को जमानत मिली और कुछ समय तक वह अदालती कार्यवाही में भी शामिल होता रहा।
इसके बाद वर्ष 1987 में बृजमोहन ने खुद को निर्दोष बताते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। यहीं से कहानी ने नया मोड़ ले लिया। अब बृजमोहन की कोई हालिया तस्वीर पुलिस के पास नहीं है। ऐसे में पुराने रिकॉर्ड के आधार पर अनुमानित हुलिया जारी किया गया है। पुलिस के मुताबिक वर्तमान में बृजमोहन की उम्र करीब 60 साल होगी।








