एन. रघुरामन का कॉलम:  निवेश के इस सहज दौर में इन्फ्लुएंसर्स से बचिए
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एन. रघुरामन का कॉलम: निवेश के इस सहज दौर में इन्फ्लुएंसर्स से बचिए

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4 घंटे पहले

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एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु - Dainik Bhaskar

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

‘जुलाई 2022 की बात है, मैंने कॉलेज के छात्रों के लिए एक एक्सपेरिएंटियल लर्निंग मैनेजमेंट प्रोग्राम आयोजित किया। हमने छह समूहों को 500-500 रुपए दिए और उनसे कहा कि एक निश्चित समय में इस रकम को दोगुना करें।

मुझे याद है कि इसके लिए उन्हें 48 घंटे का समय दिया गया था। उन्हें न केवल कमाई गई राशि दिखानी थी, बल्कि जजों को पूरी प्रक्रिया भी समझानी थी। जहां कुछ समूह पूंजी को दोगुना करने में सफल रहे, वहीं कुछ ने 300 रुपए जैसा थोड़ा कम मुनाफा कमाया।

लेकिन उनमें से एक समूह ने अपनी पूरी राशि ही गंवा दी!उन्होंने बहुत कम समय में जल्दी मुनाफा कमाने के चक्कर में अपनी मूल राशि एक ‘क्रिप्टो प्लेटफॉर्म’ में लगा दी। जिस दिन प्रोजेक्ट जमा करना था, उस प्लेटफॉर्म ने सभी तरह की निकासी रोक दी! जब उनसे इसका कारण पूछा गया, तो सामने आया कि इस ग्रुप ने फिनफ्लुएंसर्स की सिफारिश पर ऐसा किया।

ये सोशल मीडिया स्टार ‘इन्फ्लुएंसर्स’ की ही सब कैटेगरी हैं, जो वित्तीय विशेषज्ञ होने का दावा करते हैं। उस दिन मुझे अहसास हुआ कि ‘जेन-जी’ के वित्तीय नैरेटिव अक्सर साबुन के बुलबुले की तरह होते हैं। शायद वजह यह है कि हम सभी ‘सहज निवेश’ के युग में हैं। वास्तव में, शेयर बाजार पहले कभी इतना समावेशी नहीं रहा जितना हमने हाल के वर्षों में देखा है। हर सेक्टर में एक ‘स्टार परफॉर्मर’ मौजूद है, जिससे इन युवा निवेशकों के पास पैसा बनाने की सामान्य से अधिक संभावना होती है।

हालांकि एक अकादमिक अध्ययन ने चेतावनी दी है कि ‘जेन-जी’ शेयर बाजार की इस ऊंची उड़ान के प्रति बहुत ज्यादा जोखिम ले रहे हैं। जी हां, युवा वयस्क शेयर बाजार में बड़े स्तर पर मौजूद हैं। वित्तीय उद्योग ने इस वर्ग की दिलचस्पी को देखते हुए ऐसे ऐप बनाए हैं जिनसे स्टॉक खरीदना और बेचना बहुत सस्ता या मुफ्त हो गया है। हम ‘लोकतांत्रिक और सहज निवेश’ के एक नए युग में हैं।

सोशल मीडिया दिलचस्पी तो जगा सकता है, लेकिन वास्तविक वित्तीय सुरक्षा केवल प्रमाणित क्रेडेंशियल्स और उन प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर करती है जो भारत के विकसित होते ‘प्रतिभूति बाजार संहिता’ का पालन करते हैं।

वर्ष 2026 की शुरुआत तक, भारत की वित्तीय खुफिया इकाई एफआईयू-इंडिया ने 20 से अधिक ऐसे क्रिप्टो प्लेटफॉर्म और एप की पहचान की है जिन्हें कुछ नियमों का पालन न करने के कारण असुरक्षित कैटेगरी में डाल दिया गया है। ऐसे में, विश्वस्त सलाह पर भरोसा करना ही आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने का एकमात्र तरीका है।

मैनेजमेंट टिप: यदि आप करीबी दोस्तों के बजाय सोशल मीडिया की सिफारिशों के आधार पर निवेश कर रहे हैं, तो उचित सावधानी बरतें। ऐसे में पेशेवर मदद की भूमिका सबसे अहम हो जाती है।

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