एन. रघुरामन का कॉलम:  गुरुकुलों में बच्चों को 4 बजे उठा देते हैं, जबकि हम घर में ‘स्लीप कॉप’ बने रहते हैं
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: गुरुकुलों में बच्चों को 4 बजे उठा देते हैं, जबकि हम घर में ‘स्लीप कॉप’ बने रहते हैं

1960 के दशक में तमिलनाडु में नानाजी के गांव में बिताई गर्मी की छुट्टियां असल में समर क्लासेस ही होती थीं। आमतौर पर हमें सुबह 4 से 4.30 बजे के बीच जगा कर सभी भाई-बहनों को कोई काम दिया जाता था। जैसे, सबसे बड़ा बच्चा कुएं से पानी निकालकर बैकयार्ड में रखे ‘हुंडा’ नाम के […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  गर्मियों में महंगे यात्रा खर्च से बचने के लिए ‘होम स्वैप’ पर विचार करें
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: गर्मियों में महंगे यात्रा खर्च से बचने के लिए ‘होम स्वैप’ पर विचार करें

8 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु 2026 की गर्मियां आते-आते यात्री एक कठिन आर्थिक स्थिति झेल रहे हैं। अमेरिका में लोगों को लग रहा है कि उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा ईंधन पर खर्च हो रहा है। इधर, भारत में साधारण संतरा और सेब के दाम भी अल्फांसो आम के स्तर पर […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  प्रकृति से जुड़ने पर हमारा खुद से संबंध बेहतर होता है
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: प्रकृति से जुड़ने पर हमारा खुद से संबंध बेहतर होता है

“यह मेरा बेटा है, और मैं इसे आपकी देखरेख में छोड़ रही हूं, इसका ख्याल रखिएगा।’ मेरी मां इसी तरह से मेरा, हमारे बचपन के घर के बाहर खड़े उस बड़े-से गूलर के पेड़ से परिचय कराती थीं। वे मुझे उसकी दो मजबूत शाखाओं से बंधे साड़ी के एक झूले में लिटाया करती थीं। पेड़ […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  इस ‘समर चैलेंज’ को जीतकर बनें विजेता
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: इस ‘समर चैलेंज’ को जीतकर बनें विजेता

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Win This ‘Summer Challenge’ And Emerge A Winner 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु गर्मी के इस सीजन में सिर्फ तापमान नहीं बढ़ रहा, बल्कि घर के खर्चों में भी उछाल आ रहा है। जिन लोगों ने नए एयर कंडीशनर या स्टेबलाइजर्स की ‘पैनिक बाइंग’ से […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  हमारे जीवन के छोटे-छोटे आश्चर्यों को हल्के में न लें
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: हमारे जीवन के छोटे-छोटे आश्चर्यों को हल्के में न लें

यदि मैं आपसे पूछूं कि आपके जीवन में किन-किन चीजों की कमी है, तो आपकी सूची कितनी लंबी होगी? मेरी तो बहुत लंबी है। सबसे पहले तो मुझे कावेरी नदी की कमी खलती है। 60 से 90 के दशक के बीच यह बारहों महीने बहने वाली नदी हुआ करती थी, लेकिन अब यह कभी-कभी सूख […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  पक्के इरादे का बीज आपको त्याग से सफलता तक ले जाता है
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: पक्के इरादे का बीज आपको त्याग से सफलता तक ले जाता है

सफलता उन्हीं को मिलती है, जो समाज के तानों, शारीरिक सीमाओं या अनजान चीजों के डर से नहीं डिगते। यहां दो उदाहरण पेश हैं। 1. ईश्वर ने हर प्रजाति की मां को शक्ति दी है कि वह अपनी भूख पर काबू करके बच्चों को खिला सके। इंसान इसमें सबसे आगे हैं। चाहे वे बहुत भूखे […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  सफलता के लिए हर वर्कप्लेस की एक अनूठी संस्कृति होनी चाहिए
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: सफलता के लिए हर वर्कप्लेस की एक अनूठी संस्कृति होनी चाहिए

महानतम मैनेजमेंट एक्सपर्ट पीटर ड्रकर ने कहा था कि ‘कल्चर ईट्स स्ट्रैटेजी फॉर ब्रेकफास्ट।’ यानी किसी संगठन की संस्कृति- मान्यताएं, व्यवहार और मूल्य- किसी भी रणनीतिक योजना से ज्यादा ताकतवर होती है। संस्कृति विषाक्त या असंतुलित हो तो अच्छी से अच्छी रणनीति को भी विफल कर देगी। क्योंकि कर्मचारी उसमें प्रभावी ढंग से काम नहीं […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  दूसरे की बर्बादी से हासिल की गई सम्पत्ति एक खोखली जीत की तरह है
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: दूसरे की बर्बादी से हासिल की गई सम्पत्ति एक खोखली जीत की तरह है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column Wealth Acquired At The Expense Of Others Is A Hollow Victory 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु एक बार एक व्यक्ति ने एक गोरैया को पकड़ लिया। गोरैया ने उससे जीवन की भीख मांगी और कहा कि बदले में वह उसे तीन ऐसी सीख देगी, जो […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  निवेश के इस सहज दौर में इन्फ्लुएंसर्स से बचिए
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: निवेश के इस सहज दौर में इन्फ्लुएंसर्स से बचिए

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column Avoid Influencers In These Easy Investing Times 4 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु ‘जुलाई 2022 की बात है, मैंने कॉलेज के छात्रों के लिए एक एक्सपेरिएंटियल लर्निंग मैनेजमेंट प्रोग्राम आयोजित किया। हमने छह समूहों को 500-500 रुपए दिए और उनसे कहा कि एक निश्चित समय में […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  शिक्षा बच्चों को हमेशा परीक्षा के लिए ही तैयार नहीं करती!
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: शिक्षा बच्चों को हमेशा परीक्षा के लिए ही तैयार नहीं करती!

राजस्थान के उदयपुर से 50 किमी दूर झाडोल और वहां से 7 किमी दूर चांगला गांव के निवासी पुष्कर का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। कई ग्रामीण बच्चों की तरह उसकी भी पढ़ाई में रुचि नहीं थी। परिवार भी उसे रोजमर्रा के कामों में नहीं लगाता था और वह दिशाहीन जीवन जी रहा था। […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  हमें बच्चों को ‘फंक्शनल इलिटरेट’ बनने से रोकना चाहिए
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: हमें बच्चों को ‘फंक्शनल इलिटरेट’ बनने से रोकना चाहिए

इसी वर्ष 15 जनवरी को कॉग्निटिव न्यूरोसाइंटिस्ट व एजुकेटर डॉ. जेरेड कूनी होरवाथ ने अमेरिकी सीनेट की कॉमर्स, साइंस एंड ट्रांसपोर्टेशन कमेटी के सामने बताया कि बीती एक सदी से ज्यादा समय में जेन-जी पहली ऐसी पीढ़ी है, जिसकी कॉग्निटिव क्षमताओं में गिरावट दिखी है। खासकर अटेंशन, मेमोरी, लिटरेसी व आईक्यू में। उन्होंने चौंकाने वाली […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  भरोसे की जादुई ताकत : एक फायरफाइटर और हीरे की कहानी
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: भरोसे की जादुई ताकत : एक फायरफाइटर और हीरे की कहानी

Hindi News Opinion N. Raghuraman Column: Trusts Magical Power A Firefighter & Diamond Story 15 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु भरोसा और निरंतरता ऐसे अदृश्य धागे हैं, जो इंसानी रिश्तों को जोड़ते हैं। जब आप इन्हें स्वयं महसूस करें तो ये न सिर्फ एक कनेक्शन, बल्कि अटूट रिश्ता बना देते हैं। अपने […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  छोटी-छोटी लतें नहीं रोकीं तो वे बड़ी समस्या बन सकती हैं
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: छोटी-छोटी लतें नहीं रोकीं तो वे बड़ी समस्या बन सकती हैं

मेरी भी कुछ छोटी लतें हैं। एक है ‘रिटर स्पोर्ट हेजलनट चॉकलेट’। यकीन मानिए कि 100 ग्राम के इस पैक को मैं हर लंच और डिनर के बाद चार हिस्सों में बांटकर महज दो दिनों में चट कर सकता हूं। हर विदेश यात्रा पर मैं पर्याप्त मात्रा में ये लेता हूं। बाहर से आने वाला […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  छोटी-छोटी लतें नहीं रोकीं तो वे बड़ी समस्या बन सकती हैं
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: छोटी-छोटी लतें नहीं रोकीं तो वे बड़ी समस्या बन सकती हैं

मेरी भी कुछ छोटी लतें हैं। एक है ‘रिटर स्पोर्ट हेजलनट चॉकलेट’। यकीन मानिए कि 100 ग्राम के इस पैक को मैं हर लंच और डिनर के बाद चार हिस्सों में बांटकर महज दो दिनों में चट कर सकता हूं। हर विदेश यात्रा पर मैं पर्याप्त मात्रा में ये लेता हूं। बाहर से आने वाला […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  समाज की व्यापक भलाई के लिए एआई का अधिकतम इस्तेमाल करें
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: समाज की व्यापक भलाई के लिए एआई का अधिकतम इस्तेमाल करें

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column Maximize The Use Of AI For The Greater Good Of Society 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में मदारीहाट-नागराकाटा सेक्शन के बीच करीब 52 किलोमीटर में फैली एक जगह है– बिन्नागुड़ी। यह इलाका हाथियों की सघन आबादी के लिए जाना जाता […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  समाज की व्यापक भलाई के लिए एआई का अधिकतम इस्तेमाल करें
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: समाज की व्यापक भलाई के लिए एआई का अधिकतम इस्तेमाल करें

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column Maximize The Use Of AI For The Greater Good Of Society 4 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में मदारीहाट-नागराकाटा सेक्शन के बीच करीब 52 किलोमीटर में फैली एक जगह है– बिन्नागुड़ी। यह इलाका हाथियों की सघन आबादी के लिए जाना जाता […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  साइबर सिक्योरिटी अब कचरे से भी निपट रही है!
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: साइबर सिक्योरिटी अब कचरे से भी निपट रही है!

मैं उन्हें ‘लिटर वॉरियर्स’ कहता हूं, क्योंकि इनमें से हर एक मॉर्निंग वॉक के दौरान गुजरते वाहनों से फेंके फास्ट फूड कंटेनर के 100 टुकड़े उठाता है। उनमें से कुछ जमी हुई सड़क से एक-एक टुकड़ा निकालते हैं, कुछ फोटो लेते हैं और उन्हें एआई पावर्ड टूल में अपलोड करते हैं। यह टूल लोकेशन, कचरे […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  क्या टेक्नोलॉजी और रिवाजों के मिलने से शादियों का ट्रेंड बदल रहा है?
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: क्या टेक्नोलॉजी और रिवाजों के मिलने से शादियों का ट्रेंड बदल रहा है?

भारतीय शादियों में आजकल पारम्परिक रिवाजों और आधुनिक तकनीक का खूबसूरत तालमेल किया जा रहा है। 20 की उम्र के युवा अपनी आधुनिक शादियों में पुराने रीति-रिवाजों को बेहतरीन तरीके से शामिल कर रहे हैं, क्योंकि शायद वे इसके पीछे का विज्ञान समझते हैं। वहीं, 60 की उम्र में दोबारा शादी करने वाले जोड़े परंपराओं […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  स्टार्टअप्स को बुजुर्गों की मेडिकल सहायता पर और ‘आरएंडडी’ करनी चाहिए
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: स्टार्टअप्स को बुजुर्गों की मेडिकल सहायता पर और ‘आरएंडडी’ करनी चाहिए

Hindi News Opinion Startups Should Do More R&D On Elderly Medical Aid: N Raghuraman Column 7 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु 15 जनवरी की दोपहर मेरे व्हाट्सएप पर मैसेज ब्लिंक हुआ। मैसेज खोलते ही नागपुर के धरमपेठ में खरे टाउन स्थित परांजपे स्कूल के मतदान केंद्र से 102 वर्षीय आरएस कुप्पुस्वामी की […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  हम बाहर की दुनिया को भी क्लासरूम में ला सकते हैं
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: हम बाहर की दुनिया को भी क्लासरूम में ला सकते हैं

पिछले बीस वर्षों से वह चौचिल्ला में एक ही जगह पर रह रहा था। उसने एक घंटे के लिए भी उस छोटी-सी जगह से बाहर कदम नहीं रखा। वह बाहर जा भी नहीं सकता, क्योंकि कोई उसे निकलने नहीं देगा। लेकिन पिछले दो हफ्तों से वह थाईलैंड से ऑस्ट्रेलिया तक यात्रा कर रहा है। इंटरव्यूज […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  सिर्फ पानी ही नहीं, आपके लिए सुरक्षित वाई-फाई भी जरूरी है
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: सिर्फ पानी ही नहीं, आपके लिए सुरक्षित वाई-फाई भी जरूरी है

10 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु हाल ही में मेरी इंदौर यात्रा में मुझसे पूछा गया कि ‘क्या मैं आपको पीने के लिए पानी दूं?’ मैंने ‘नहीं’ कहा। वजह पानी में मिलावट की खबरें नहीं थीं, बल्कि बाहर ठंड थी और सच में मेरा पानी पीने का मन नहीं था। मेजबान ने […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  कुछ ‘दरवाजों’ से आप अंदर आ सकते हैं, लेकिन बाहर नहीं जा सकते!
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: कुछ ‘दरवाजों’ से आप अंदर आ सकते हैं, लेकिन बाहर नहीं जा सकते!

6 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु कल्पना कीजिए कि कोई व्यक्ति सरकारी दफ्तर में यह पूछने जाता है कि उसे मिलने वाली सब्सिडी का क्या हुआ? या फिर, चूंकि वह किसी श्रेणी में है और किसी सरकारी योजना का लाभ लेने जाता है, लेकिन वहां बैठा अधिकारी बिना पलक झपकाए कहता है […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  सुविधा की कीमत बड़ी होती है और आपको समाज से जुदा भी करती है‘
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: सुविधा की कीमत बड़ी होती है और आपको समाज से जुदा भी करती है‘

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column ‘Convenience Comes At A High Price And Also Isolates You From Society’ 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु दिव्य मराठी’ के एक पाठक, महाराष्ट्र के जलगांव निवासी नजीर अहमद ने रविवार को अपना अनुभव शेयर किया। उन्होंने कहा ‘आज सुबह जब मैं नगरपालिका की गाड़ी में […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  याद कीजिए उन साधारण लोगों को, जिन्होंने आपकी जिंदगी को असाधारण बनाया
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: याद कीजिए उन साधारण लोगों को, जिन्होंने आपकी जिंदगी को असाधारण बनाया

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Remember The Ordinary People Who Made Your Life Extraordinary 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु कुछ लोगों के लिए अखबार में कभी शोकलेख नहीं छपते। वे शायद ही कभी खबरों में आते हैं। लेकिन हममें से हरेक ने किसी न किसी ऐसे व्यक्ति से जरूर मुलाकात […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  कर्ज को हल्के में न लें, वेतन कुर्क हो सकता है!
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: कर्ज को हल्के में न लें, वेतन कुर्क हो सकता है!

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column Don’t Take Loans Lightly, Salary May Be Attached! 4 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु इस महीने के अंत में स्टीफन (काल्पनिक नाम) का वेतन आधा हो सकता है। अमेरिकी सरकार ने इसी सप्ताह उनके नियोक्ता को इस संबंध में नोटिस भेजा है, क्योंकि उन्होंने 270 दिनों […]