सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक रोपवे में कुछ लोग बैठे नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोपवे प्रोजेक्ट उद्घाटन होते ही डिब्बा टूटा गया और बीजेपी नेता भी साथ में नीचे आ गिरे।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो को पांच महीने पहले छत्तीसगढ़ के मां बम्लेश्वरी मंदिर में रोपवे टूटने की है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वाराणसी में रोपवे प्रोजेक्ट उद्घाटन होते ही डिब्बा टूटा गया है।
डॉ. उदित राज (@Dr_Uditraj) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “800 करोड़ की उड़ान, और पहला सफर जमीन पर खत्म! बनारस में मोदी जी का रोपवे प्रोजेक्ट उद्घाटन होते ही डिब्बा टूटा और बीजेपी नेता भी साथ में नीचे आ गिरे। “विकास” अब सीधा क्रैश लैंड कर रहा है।“ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
हमने वायरल वीडियो के आखिरी क्लिप में “डोंगरगढ़ में बड़ा हादसा, मां बम्लेश्वरी का दर्शन कर रोप-वे से नीचे उतर रहे भाजपा नेताओं का हुआ हादसा…” लिखा हुआ पाया।

इस कीवर्ड की मदद से हमने सर्च किया। इस दौरान हमें अमर उजाला की एक खबर मिली। यह रिपोर्ट 25 अप्रैल 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में लिखा है “जिले के डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर पहाड़ पर स्थित रोपवे की ट्रॉली रोप से टूटकर गिर गई। हादसे में भाजपा नेता रामसेवक पैकरा घायल हो गए हैं। भाजपा प्रदेश महामंत्री भरत वर्मा को चोट आई है, जिन्हें राजनांदगांव अस्पताल रेफर किया गया है। भाजपा नेता दया सिंह और मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल घटना के समय रोप वे की ट्रॉली में मौजूद थे। “
इसके बाद हमें एनडीटी की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 25 अप्रैल 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में लिखा है कि छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के विश्व प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी देवी मंदिर में रोपवे की ट्राली टूटने से एक हादसा हो गया, जिसमें कई भाजपा नेता घायल हो गए। बीजेपी प्रदेश महामंत्री भरत वर्मा को चोट आई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रामसेवक पैकरा रोपवे में सवार होकर माता के दर्शन के लिए गए थे।
आगे की पड़ताल में हमें डीसीपी काशी के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 28 सितंबर 2025 को साझा की गई है। पोस्ट में वायरल वीडियो का फर्जी बताया गया है। पोस्ट में लिखा है सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक वीडियो “जिसमें बनारस के रोपवे का डिब्बा टूटकर गिरने की बात कही गयी है,” को वायरल किया जा रहा है । कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस इस वीडियो का पूर्णरूप से खण्डन करती है।”
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को छत्तीसगढ़ का पाया है। इस वीडियो का वाराणसी से कोई संबंध नहीं है।








