10 घंटे पहले
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एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु
हाल ही में मेरी इंदौर यात्रा में मुझसे पूछा गया कि ‘क्या मैं आपको पीने के लिए पानी दूं?’ मैंने ‘नहीं’ कहा। वजह पानी में मिलावट की खबरें नहीं थीं, बल्कि बाहर ठंड थी और सच में मेरा पानी पीने का मन नहीं था। मेजबान ने मजाक में कहा कि ‘हमारा पानी सुरक्षित है।’ मैंने हंसकर कहा कि ‘आज का दौर हमें पानी से ज्यादा वाई-फाई सुरक्षित रखने की चेतावनी देता है।
मेहमाननवाजी में अब वाई-फाई पहले नंबर पर आ गया है और पानी दूसरे नंबर पर।’ मेजबान ने भी सहमत होकर कहा कि ‘हां, आप सही हैं। आजकल हर मेहमान पहले वाई-फाई पासवर्ड पूछता है। कभी मेहमाननवाजी में सबसे ऊपर होने वाला पानी अब दूसरे नंबर पर आ गया है।’ यहीं से हमारी चर्चा शुरू हुई कि आज के समय में गेस्ट वाई-फाई नेटवर्क की जरूरत क्यों है? और इसका जवाब यह है।
वाई-फाई पासवर्ड : किसी को यह चाहिए, कोई पूछता है और कोई शेयर कर देता है। सच में तो आज के डिवाइसेस ने इन लॉगिन्स को शेयर करना आसान बना दिया है। बस, किसी के पास खड़े हों और आपके गैजेट्स उनके नेटवर्क से जुड़ सकते हैं। लेकिन यह खतरनाक है। इसलिए नहीं कि मेहमान की मंशा गलत है, बल्कि जब आपका नेटवर्क उनसे जुड़े तो अनजाने में कुछ ऐसा डाउनलोड हो सकता है, जो आपके पूरे सिस्टम को संक्रमित कर दे।
आजकल अधिकतर घरों में सिर्फ फोन ही नहीं, बल्कि प्रिंटर, टीवी, कैमरे, डोरबेल तक नेटवर्क से जुड़े होते हैं। कई संपन्न घरों में तो वॉशिंग मशीन, स्पीकर और एलेक्सा जैसे असिस्टेंट भी जुड़े होते हैं, ताकि रोजमर्रा के काम आसान हो सकें। ज्यादातर मेहमानों को आपके घर के अन्य गैजेट्स का नहीं, सिर्फ इंटरनेट का एक्सेस चाहिए होता है। लेकिन नेटवर्क से जुड़े गैजेट्स बिना पूछे एक्सेस दे देते हैं। इसलिए अलग गेस्ट वाई-फाई नेटवर्क न सिर्फ मेहमानों को इंटरनेट की सुविधा देता है, बल्कि मेहमानों के जाने के बाद आप पासवर्ड भी बदल सकते हैं। घर के अन्य गैजेट्स को डिस्टर्ब किए बिना ऐसा आप कितनी ही बार कर सकते हैं।
गेस्ट वाई-फाई नेटवर्क कैसे सेटअप करें? चूंकि अलग-अलग इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर होते हैं, इसलिए सभी पर लागू होने वाला कोई एक दिशानिर्देश नहीं है। नेटवर्क सेटिंग्स में सर्विस प्रोवाइडर का एप इसे शुरू करने का बेहतर स्थान होता है। अगर वहां गेस्ट नेटवर्क का विकल्प न मिले, तो अपने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के नाम से वेब सर्च करें।
आप अपने राउटर के बिल्ट-इन फीचर का इस्तेमाल कर रेगुलर केबल इंटरनेट से आसानी से एक अलग गेस्ट वाई-फाई नेटवर्क बना सकते हैं, जो मेहमानों को इंटरनेट देता है और आपके मुख्य नेटवर्क व डिवाइसेस को सुरक्षित और प्राइवेट भी रखता है। इसके लिए ब्राउजर या एप के जरिए राउटर की सेटिंग्स में जाएं, ‘गेस्ट नेटवर्क’ विकल्प चालू करें।
इसका यूनिक नाम और पासवर्ड सेट करें और सेटिंग्स को अप्लाई कर दें। इसमें अकसर बैंडविड्थ लिमिट और डिवाइस आइसोलेशन के विकल्प भी होते हैं। तो इसे कैसे करें? राउटर सेटिंग्स में जाएं। वेब ब्राउजर में राउटर का आईपी एड्रेस डालें (जैसे 192.168.1.1) या फिर अपना इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (आईएसपी) एप इस्तेमाल करें।
1. ‘गेस्ट नेटवर्क’ या ‘गेस्ट वाई-फाई’ विकल्प ढूंढें और ऑन करें, जो आमतौर पर वायरलेस या एडवांस सेटिंग्स में होता है। 2. इसे अलग नाम दें, जैसे ‘योर होम_गेस्ट’ और मजबूत पासवर्ड बनाएं। 3. क्लाइंट आइसोलेशन चालू करें, ताकि मेहमान आपके निजी डिवाइसेस को एक्सेस ना कर सकें। मुख्य नेटवर्क को तेज रखने के लिए कुछ लोग गेस्ट नेटवर्क स्पीड कम भी कर देते हैं। 4. ये बदलाव अप्लाई करें और जांच लें। अगर समझ नहीं आए तो सर्विस प्रोवाइडर को कॉल करके मदद लें।
फंडा यह है कि सुरक्षित पानी पीना तो हम सब जानते हैं, लेकिन वाई-फाई पासवर्ड के मामले में वही सेफ्टी फीचर हम भूल जाते हैं। चूंकि वाई-फाई आज हमारे जीवन में अधिक जरूरी हो गया है तो इसे सुरक्षित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना सुरक्षित पानी पीना।








