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अमेरिका में इन दिनों नया ट्रेंड चल रहा है। अमेरिकी पुरुष जीवनसाथी की तलाश में अब एशियाई और दक्षिण अमेरिकी देशों की ओर रुख कर रहे हैं। इन पुरुषों का मानना है कि इन देशों में उन्हें ज्यादा ‘पारंपरिक’ और ‘सेवा करने वाली’ जीवनसाथी मिलती हैं। ऐसा ही एक उदाहरण माइक नाम के अमेरिकी युवक का है, जो रिमोट वर्क की सुविधा मिलते ही थाईलैंड चला गया। वहां उसकी मुलाकात पाफान नाम की युवती से हुई और अब दोनों की सगाई हो चुकी है। हाल ही में इनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पाफान जमीन पर बैठकर माइक के नाखून काट रही थी। माइक का कहना है कि उसके ज्यादातर फॉलोअर्स अमेरिकी पुरुष हैं, जो यह देखकर हैरान हैं कि एक महिला पार्टनर इतनी समर्पित कैसे हो सकती है। माइक जैसे कई युवक हैं, दूसरे देशों में संस्कारी पत्नी की तलाश में गए और वहीं बस गए। इस ट्रेंड को सोशल मीडिया ने काफी बढ़ावा दिया है। यूट्यूब चैनल, ऑनलाइन फोरम और टिकटॉक अकाउंट्स पर अलग-अलग देशों की ‘रैंकिंग’ की जाती है और बताया जाता है कि कहां बेहतर जीवनसाथी के लिए शादी के बेहतर मौके हैं। इनमें एशियाई देशों में थाईलैंड, फिलीपींस और वियतनाम जबकि, दक्षिण अमेरिका में ब्राजील सबसे आगे माने जा रहे हैं। बेथ बेली इसे द्वितीय विश्व युद्ध के दौर से जोड़ती हैं। वे बताती हैं कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जब बड़ी संख्या में महिलाएं कामकाज में शामिल हुईं, तो अमेरिका में उनकी पारंपरिक भूमिकाएं बदलने लगीं। इसके बाद कुछ पूर्व सैनिकों ने विदेशों में अधिक पारंपरिक जीवनसाथी की तलाश शुरू की। उस समय करीब 1 लाख अमेरिकी पुरुषों ने विदेशी महिलाओं से शादी की थी। हालांकि अब पुरुष रिमोट वर्क और डिजिटल-नोमैड वीसा की सुविधा का इस्तेमाल करते हुए एशिया या अन्य देशों में ही रहकर जीवनसाथी की तलाश करते हैं। पारंपरिक जीवनसाथी को लेकर युवाओं की सोच बदली है। इप्सोस जैसे सर्वे में यह स्पष्ट है कि करीब 31% युवक मानते हैं कि उनकी पत्नी सेवाभावी हो। वे नहीं चाहते कि शादी के बाद जीवनसाथी अनावश्यक विवाद करे। अमेरिकी पुरुषों में क्यों बढ़ी अपने देश की महिलाओं से नाराजगी? विशेषज्ञ बेथ बेली के अनुसार, पश्चिमी देशों में रिश्तों को लेकर पुरुषों की नाराजगी के कुछ नए कारण सामने आए हैं। बेली के अनुसार, बेहतर शिक्षा और अच्छी कॉर्पोरेट नौकरियों के कारण महिलाएं अब ज्यादा दबंग हो गई हैं। ट्रेंड में ये भी सामने आया कि अधिकांश घरेलू काम से कतराती हैं, वाद-विवाद करती हैं। जबकि एशियाई और लैटिन अमेरिकी देशों की महिलाओं में शादी के बाद पुरुषों के प्रति सेवा और हमेशा साथ निभाने का समर्पण भाव साफ देखने को मिलता है।
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