नई फिल्म, लेकिन कहानी पुराने किरदारों की। नया कैफे, लेकिन सजावट दूसरे शहर जैसी। किशोर भी पिछली पीढ़ियों के मुकाबले कई खतरनाक या जोखिम भरी गतिविधियों से दूरी बना रहे हैं। क्या इन बदलावों के पीछे कोई वजह है? अमेरिकी मनोवैज्ञानिक एडम मास्त्रोइयानी का तर्क है कि आजकल लोग जोखिम कम लेने लगे हैं। इससे […]
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टेक सीईओ ने बेटियों को लिखी चिट्ठी: डरकर पीछे न रहें, इतिहास गवाह- नई तकनीक ने नौकरियां छीनीं नहीं, बल्कि नए रास्ते खोले
हाल के दिनों में बदलती तकनीक और एआई को लेकर कई तरह के सवाल उठे। कहा जा रहा है कि भविष्य में कई काम मशीनें संभाल लेंगी। इससे युवाओं के रोजगार के अवसर छिन जाएंगे। अदृश्य डर के इस माहौल में अमेरिका की ऑटोनॉमस डिलीवरी रोबोट बनाने वाली कंपनी ‘सर्व रोबोटिक्स’ के सीईओ अली काशानी […]
मां का दूसरा दिमाग बन रहा AI: बच्चे पढ़ाने में मददगार; डिजिटल एजेंट से हो रही सुविधा, डेटा की सुरक्षा पर भी सवाल
बच्चे की लाइब्रेरी की किताब कब लौटानी है, फुटबॉल मैच के लिए कब पहुंचना है, स्कूल के कार्यक्रम में क्या लेकर जाना है या बेटी के बैंड प्रदर्शन के लिए काले मोजे खरीदने हैं… आधुनिक अमेरिकी परिवारों में ऐसे छोटे-छोटे कामों की सूची इतनी लंबी हो गई है कि इन्हें याद रखना भी एक बड़ी […]
इंसानी दिमाग को बिजनेस बनाने में जुटा चीन: ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस में अमेरिका से आगे निकलने की तैयारी में ड्रैगन; मस्क को दी चुनौती
चीन अब इंसानी दिमाग को अपना अगला बड़ा बिजनेस बनाने की तैयारी में है। क्वांटम कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स और फ्यूजन पावर की तरह उसने ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (बीसीआई) को भी भविष्य की उन इंडस्ट्री में गिना है, जिन पर वह दबदबा चाहता है। बीसीआई यानी ऐसी मशीनें, जो दिमाग से संकेत लेती हैं और उसे संकेत भेजती […]
विश्व की सबसे बड़ी 50 घण्टे की अखण्ड गीता साधना: संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत जी करेंगे 1 लाख नए साधकों वाले 50वें स्वर्णिम बैच का उद्घाटन – New Delhi News
सनातन धर्म और भगवद्गीता के पावन ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने हेतु ‘गीता परिवार’ एक ऐतिहासिक और अद्वितीय आध्यात्मिक अनुष्ठान का आयोजन करने जा रहा है। इस महाभियान का मुख्य आकर्षण 50 घंटे का अखंड गीता पारायण होगा, जो 50वें स्वर्णिम बैच के भव्य शुभारंभ की पूर्वपीठिका बनेगा। 50 घंटे की अखंड गीता साधना इस […]
लहर-लहर:परिवार संस्कारों की विरासत देता है, लेकिन पहचान तो खुद बनाई जाती है
इस दुनिया में परिवार की सामाजिक आवश्यकता क्या है? परिवार बनते हैं, फैलते हैं और बिखर जाते हैं, मिट जाते हैं। परिवार हमेशा के लिए नहीं होते हैं। बच्चे को मां-बाप दोनों की जरूरत होती है। उनके बिना वो ठीक से पल नहीं सकता। इसलिए परिवार बना। भाई-बहन भी परिवार है। परिवारों को कॉमन बिजनेस […]
इंटरव्यू- परिणीति चोपड़ा:स्क्रिप्ट चुनने में लंबी प्लानिंग नहीं, अंतरात्मा की आवाज पर भरोसा करती हूं
परिणीति चोपड़ा ने नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘शक: ट्रस्ट नो वन’ के साथ अपना ओटीटी डेब्यू किया है। उन्होंने एक खास बातचीत में अपने वेब डेब्यू, खुद पर भरोसे, बायोपिक की इच्छा और जीवन के नए फैसलों को लेकर चर्चा की। ओटीटी की दुनिया में कदम रखने का फैसला आपने क्यों किया? बड़े परदे पर […]
The right perspective… whether it’s a person or a community, look at it with an open mind, not with any preconceived notions.
Hindi News Entertainment The Right Perspective… Whether It’s A Person Or A Community, Look At It With An Open Mind, Not With Any Preconceived Notions. जावेद अख्तर (मशहूर गीतकार और लेखक). मुंबई27 मिनट पहले कॉपी लिंक जावेद अख्तर कहते हैं- सामाजिक नैतिकता भी यही है कि आप जो अपने बारे में सोचते हैं, वही दूसरे […]
हाईकोर्ट की टिप्पणी: पिता चाहे कितना भी अमीर हो, मां की ममता का विकल्प नहीं
Hindi News Opinion No Matter How Rich A Father Is, There Is No Substitute For A Mother’s Love. चंडीगढ़10 घंटे पहले कॉपी लिंक चंडीगढ़ | हाईकोर्ट ने बच्चे की कस्टडी से जुड़े एक मामले में स्पष्ट किया कि पिता की आर्थिक मजबूती या बड़ा निवेश, मां की ममता और भावनात्मक देखभाल का विकल्प नहीं हो […]
ब्रांड से सबक: कभी एक रुपए में बिकने की नौबत आई, आज देश की शीर्ष टायर निर्माताओं में है अपोलो
Hindi News Business Once On The Verge Of Being Sold For Just One Rupee, Apollo Is Now One Of The Top Tyre Manufacturers In The Country. नई दिल्ली43 मिनट पहले कॉपी लिंक रेवेन्यू के लिहाज से अपोलो आज देश की दूसरे नंबर की टायर कंपनी है। दिसंबर 2025 की एक रिपोर्ट के अनुसार अपोलो सालाना […]
एमआईटी का इनोवेशन: पेट में ही पैदा होगी बिजली: शरीर के भीतर घुलकर पच जाएगी कागज से बनी बैटरी, केमिकल से छुटकारा
एक्स-रे और एमआरआई जैसी मशीनों ने शरीर के भीतर झांककर मेडिकल जगत की तस्वीर बदल दी है। अब वैज्ञानिक ‘एडिबल सेंसर्स’ (निगलने योग्य सेंसर्स) के जरिए शरीर के अंदरूनी हिस्सों की निगरानी का नया दौर शुरू कर रहे हैं। बीमारी का पता लगाने के लिए अक्सर कैमरे या सेंसर युक्त गोलियां दी जाती हैं, लेकिन […]
लहर-लहर:क्या सुख सिर्फ रोमांच और ‘वाह!’ का पल है, या इनसे कहीं आगे का एहसास?
सुख क्या है? दुख क्या है? अंग्रेजी में दो शब्द हैं- थ्रिल और जॉय। सवाल यह है कि ये थ्रिल और जॉय क्या सुख हैं? या ज़िंदगी में जो-जो चीजें हमें चाहिए थीं, उनका मिल जाना सुख है? हमारी कुछ बुनियादी जरूरतें हैं- रोटी, सिर पर छत और तन ढकने के लिए कपड़े। इनके बिना […]
एआई से पूछ रहे अमेरिकी- क्या खाएं: चटपटे स्नैक्स की मांग बढ़ी; ब्रांड के बजाय जरूरत बताकर विकल्प खोज रहे ग्राहक
अमेरिका में हल्की भूख लगने पर क्या खाएं, इसका जवाब अब लोग एआई से भी मांग रहे हैं। ग्राहक किसी खास उत्पाद को खोजने के बजाय ज्यादा प्रोटीन या फाइबर वाले स्नैक्स के विकल्प पूछ रहे हैं। खाद्य कंपनी कोनाग्रा ब्रांड्स के मुताबिक, यह बदलाव ज्यादा प्रोटीन, चटपटे स्वाद और खास स्वास्थ्य जरूरतों के हिसाब […]
टेक जगत में खत्म हो रही है काम की खुशी: विशेषज्ञों का दावा- अति-दक्षता की दौड़ में दफ्तरों से इंसानी बातचीत के अवसर गायब
कार्यस्थल पर काम की असली खुशी सहकर्मियों से बातचीत, मिलकर सोचने, बहस करने और गलतियों से सीखने की प्रक्रिया में है। लेकिन अब अति-दक्षता के चक्कर में इंसानी संबंध खत्म हो रहा है। ऑटोमेशन की वजह से काम अब नीरस असेंबली-लाइन बनकर रह गया है। टेक और नॉलेज सेक्टर में इसका सबसे ज्यादा असर है। […]
कामकाजी महिलाओं का सोलो ट्रैवल 9 गुना तक बढ़ा: 73% यात्रा के फैसले खुद ले रहीं; 48% लाइव ट्रैकिंग की वजह से सुरक्षित महसूस कर रहीं
साल में एक फैमिली वैकेशन और उसके लिए पति, परिवार या दोस्तों की तारीखें मिलने का इंतजार… भारतीय महिलाओं में छुट्टी का यह तरीका बदल रहा है। अब वे खुद जगह चुन रही हैं, बजट तय कर रही हैं और साथ जाने वाला न मिले तो सोलो या महिलाओं के ग्रुप में निकल रही हैं। […]
किताब पढ़ने से घटता है तनाव: सेहत दुरुस्त रखने में मददगार हैं किताबें; फिक्शन पढ़ने से दूसरों के नजरिए समझने में मिलती है मदद
मोबाइल स्क्रीन के युग में दुनिया भर में लोगों का किताबों से यह रिश्ता कमजोर हो रहा है। लेकिन साइकोलॉजिकल मेडिसिन में प्रकाशित एक नई रिसर्च से पता चलता है कि मनोरंजन के लिए मनपसंद किताब पढ़ने से आपके दिमाग और सेहत पर फायदेमंद असर होते हैं। जब हम अपनी पसंद की कहानी में पूरी […]
बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने नया प्रयोग: ब्रिटेन के स्कूलों में रोबोट क्लास अटेंड कर रहे, बच्चे घर से देख रहे
किसी बीमारी या दुर्घटना की वजह से स्कूल न जा पाने वाले या फिर स्कूल जाने से घबराने वाले बच्चों के लिए ब्रिटेन में नया प्रयोग हो रहा है। कई स्कूलों में ऐसे बच्चों की जगह रोबोट क्लास में बैठ रहा है। करीब 4 लाख रुपए कीमत वाला एवी1 रोबोट घर बैठे बच्चों को पढ़ाई […]
लंदन में शेखों का बेकाबू शौक: 350 की रफ्तार से दौड़ा रहे सुपरकारें; 83 करोड़ की 90 गाड़ियां जब्त
मध्य लंदन की एक शांत सड़क पर लाल सिग्नल हरा होते ही नारंगी रंग की लेम्बोर्गिनी का एक्सीलेटर दबाया गया। 350 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम इस कार के इंजन की गर्जना से पूरी सड़क दहल उठी। 6.3 करोड़ रु. (6,00,000 पाउंड) की इस कार पर दुबई की नंबर प्लेट लगी थी। समस्या […]
इंटरव्यू:‘द कन्फ़ेशन…’ की कहानी घटना से ज्यादा नैतिक सवालों पर है: आदिल हुसैन
आदिल हुसैन की फिल्म ‘द कन्फ़ेशन ऑफ मैरी’ टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित हुई है। फिल्म में नाना पाटेकर भी अहम भूमिका में हैं। इस फिल्म को लेकर आदिल ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। क्या यह फिल्म 1966 के केरल के चर्चित ‘मदाथरुवी केस’ पर बेस्ड है? फिल्म को किसी एक व्यक्ति या घटना […]
‘वेलनेस’ के नाम पर कर्मचारियों की नींद ट्रैक: स्कोर की चिंता ने उनका चैन छीना; नैप पॉड, हर्बल टी- स्मार्ट रिंग तक पहुंचा कॉर्पोरेट वेलनेस
ऑफिस में काम का दबाव कम करने के लिए शुरू हुआ ‘वेलनेस’ अब बेडरूम तक पहुंच रहा है। कंपनियां कर्मचारियों को ज्यादा तरोताजा रखने के लिए नींद सुधारने वाले प्रोग्राम, नैप पॉड, हर्बल टी और स्लीप-ट्रैकिंग डिवाइस आजमा रही हैं। कॉर्पोरेट जगत इसे ‘वेलनेस इनिशिएटिव’ बता रहा है। दावा है कि इसका मकसद कर्मचारियों की […]
18 माह की बेटी के लिए ढाल बनी मां: आंखों में रोशनी नहीं, फेफड़े बेदम; डॉक्टरों ने उम्मीद छोड़ी पर मैंने नहीं, मां जो हूं
18 महीने की एल्सी… जन्म से ही देख नहीं सकती। बीच-बीच में सांस लेना बंद कर देती है। वह दुर्लभ जीन म्यूटेशन ‘आरएआरबी’ से जूझ रही है। दुनिया में इस विकार के 100 से भी कम मामले हैं। डॉक्टर्स और परिजनों को एल्सी के बचने की उम्मीद जरा भी नहीं थी… पर उसे जन्म देने […]
Honesty is the first condition of living in society, walking properly on the road is also an example of this.
Hindi News Entertainment Honesty Is The First Condition Of Living In Society, Walking Properly On The Road Is Also An Example Of This. जावेद अख्तर (मशहूर गीतकार और लेखक). मुंबई20 मिनट पहले कॉपी लिंक जावेद अख्तर कहते हैं- कार को लेफ्ट में ड्राइव करना ईमानदारी है। कानून है कि सिग्नल लाल होगा तो आपको रुकना […]
‘नेपोली ऑन द रोड’ बनी दुनिया की नंबर-1 पिज्जा चेन: पहली बार इटली का वर्चस्व खत्म किया; एक फूड वैन से शुरू हुआ था सफर
ब्रिटेन की छोटी पिज्जा चेन ‘नेपोली ऑन द रोड’ ने इटली को शिकस्त देकर दुनिया की नंबर-1 पिज्जा चेन का खिताब जीत लिया है। पिज्जा के जन्मदाता इटली का इस ग्लोबल अवार्ड्स में सात में से छह साल दबदबा था। इटली के नेपल्स स्थित तेआत्रो मर्कदांते थिएटर में जब ‘50 टॉप पिज्जा’ अवार्ड्स के 10वें […]
बच्चों पर खर्च बढ़ा रहे अमीर: टॉप डिग्री वाली नैनी चाहिए; सैलरी 2 करोड़ रु. सालाना
अमीर परिवारों में बच्चों की देखभाल करने के लिए टॉप यूनिवर्सिटीज की डिग्री वाली नैनी की मांग बढ़ रही है। काम थोड़ा मुश्किल है, लेकिन कमाई भी जबरदस्त है। कुछ नैनी सालाना करीब 2 करोड़ रुपए तक कमा रही हैं। ब्रिटिश अमेरिकन हाउसहोल्ड स्टाफिंग की फाउंडर अनीता रोजर्स के मुताबिक पहले लोग ज्यादा पैसे देने […]
ब्रिटिश लेखिका एनी रिडआउट का एक्सपीरियंस: 8 घंटे का स्क्रीन टाइम 2 घंटे किया; नींद बढ़ी-थकान दूर, रचनात्मकता लौटी, बच्चों ने फोन छोड़ कागज-पेन थामा
स्क्रीन के सामने बिताया वक्त हमारी नींद, रचनात्मकता और रिश्तों को कैसे प्रभावित करता है? इसका जवाब ढूंढ़ने के लिए ब्रिटेन की लेखिका एनी रिडआउट ने दो सप्ताह का प्रयोग किया। उन्होंने अपना मोबाइल खुद से दूर रखा और स्क्रीन टाइम आठ घंटे से घटाकर मात्र दो घंटे कर दिया। नतीजा यह रहा कि अलग-अलग […]




