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एन. रघुरामन का कॉलम: क्या हमारी यात्राएं अकेलेपन से जूझ रही हैं

याद हैं वो दिन, जब पूरा परिवार साथ में यात्राएं करता था? तब यात्राएं कभी भी सिर्फ किसी मंजिल तक पहुंचने का नाम नहीं हुआ करती थीं। वे अपने आप में एक इवेंट थीं, उनमें एक रोमांच था और अकसर चलती-फिरती पिकनिक भी। बचपन में हम ट्रेन की खिड़की से चिपके रहते थे और अगले […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मन को खाली किया जाए तभी तो आत्मा उसमें रह पाएगी

यह बात तो अब सभी लोग मान रहे हैं कि डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से चिड़चिड़ापन, चक्कर आना, सिरदर्द, मितली- यह सब होता है और मनुष्य का मन इनको बढ़ाता है। मन को समझने-समझाने के लिए अनेक प्रयोग किए जाते हैं। अगर हमें समझ ना आया कि मन क्या है तो शायद हम कभी […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मन को खाली किया जाए तभी तो आत्मा उसमें रह पाएगी

यह बात तो अब सभी लोग मान रहे हैं कि डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से चिड़चिड़ापन, चक्कर आना, सिरदर्द, मितली- यह सब होता है और मनुष्य का मन इनको बढ़ाता है। मन को समझने-समझाने के लिए अनेक प्रयोग किए जाते हैं। अगर हमें समझ ना आया कि मन क्या है तो शायद हम कभी […]

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एन. रघुरामन का कॉलम: क्या एआई और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अगले 9/11 बन सकते हैं?

Hindi News Opinion AI & Online Platforms Threat Analysis | N Raghuraman Column 911 Impact 9 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु आज से ठीक 25 साल पहले मैं एक एसोसिएट एडिटर था और इस अखबार के मैनेजिंग डायरेक्टर सुधीर अग्रवाल के साथ एक नए प्रोजेक्ट पर करीब से काम कर रहा था। […]

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नवनीत गुर्जर का कॉलम: कोई हमें अन्नदाता कहे या जनता जनार्दन, पर चुनावों के हम मालिक नहीं हैं

उत्तर प्रदेश और पंजाब दो अहम राज्य हैं, जहां चुनाव होने वाले हैं। तमाम राजनीतिक पार्टियां इन चुनावों के लिए ही अपनी कमर कस रही हैं। नए-नए प्रभार गढ़े जा रहे हैं और नए-नए प्रभारी बनाए जा रहे हैं। हर तरह से, हर तरफ जोर-शोर से तैयारी की जा रही है। अगर कोई बेफिक्र बैठा […]

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चेतन भगत का कॉलम: ‘सत्य निकेतन’ ने हमारे समाज का कौन-सा सच दिखाया है?

Hindi News Opinion Chetan Bhagat Column | Satya Niketan Education Crisis & Delhi Reality 9 घंटे पहले कॉपी लिंक चेतन भगत, अंग्रेजी के उपन्यासकार पहले यह माना जाता था कि एजुकेशन की मदद से ही छात्र अपनी बदहाली से छलांग लगाकर बाहर आ सकते हैं। आज भी ऐसा ही है, लेकिन फर्क इतना है कि […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भौतिक सफलता में अध्यात्म का भी संतुलन बनाना सीखें

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Ram Mandir Ayodhya CEO & Spirituality 9 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अब मंदिरों में भी अत्यधिक प्रबंधन की आवश्यकता होगी। राम मंदिर, अयोध्या में सीईओ का चयन किया गया। शास्त्रों में व्यक्त है कि जब भी पूजा करें, किसी मंदिर में जाएं, तो जैसे […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भौतिक सफलता में अध्यात्म का भी संतुलन बनाना सीखें

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Ram Mandir Ayodhya CEO & Spirituality 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अब मंदिरों में भी अत्यधिक प्रबंधन की आवश्यकता होगी। राम मंदिर, अयोध्या में सीईओ का चयन किया गया। शास्त्रों में व्यक्त है कि जब भी पूजा करें, किसी मंदिर में जाएं, तो जैसे […]

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एन. रघुरामन का कॉलम: ‘बेस्ट’ बनने के साथ ही ‘बेस्ट लोगों’ के साथ रहना भी जरूरी है

Hindi News Opinion N Raghuraman Column: Success Tips For Career Growth & Expert Networking 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु अगर आप ऐसे व्यक्ति हैं, जिसने 17 साल की उम्र में कोई नेशनल या इंटरनेशनल प्रतियोगिता जीती है तो आप अपने कॅरिअर-पाथ और उस यूनिवर्सिटी को चुनने में काफी सावधानी बरतेंगे, जिसमें […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: आंतरिक खुशी चाहिए तो आस्तिकता स्वीकार करें

जो अपने जीवन के लक्ष्य को नकार दे, नास्तिकता उसके भीतर प्रवेश करने लगती है। कोई यूं ही नास्तिक नहीं हो जाता। जब वो परमशक्ति को प्राप्त करने की चुनौती से मुंह मोड़ता है, तब नास्तिक होता है। ईश्वर की खोज कितनी मायने रखती है- इसे समझना हो तो नास्तिक से पूछिए, आस्तिक नहीं बता […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: आंतरिक खुशी चाहिए तो आस्तिकता स्वीकार करें

जो अपने जीवन के लक्ष्य को नकार दे, नास्तिकता उसके भीतर प्रवेश करने लगती है। कोई यूं ही नास्तिक नहीं हो जाता। जब वो परमशक्ति को प्राप्त करने की चुनौती से मुंह मोड़ता है, तब नास्तिक होता है। ईश्वर की खोज कितनी मायने रखती है- इसे समझना हो तो नास्तिक से पूछिए, आस्तिक नहीं बता […]

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मेघना पंत का कॉलम: हम कब तक स्त्री को ही पुरुषों के फैसलों की जिम्मेदार मानते रहेंगे?

हाल ही में जब अभिनेत्री तृषा को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के स्वतंत्रता दिवस समारोह में देखा गया, तो इसके बाद तूफान खड़ा हो गया। तृषा वहां प्रमुख स्थान पर बैठी थीं और विजय के परिवार के सदस्यों से बातचीत कर रही थीं। इसके बाद तो राजनीतिक तंज, सोशल मीडिया पर अटकलों और- जाहिर है- […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: साधु को धन का प्रयोग करते समय सावधान रहना होगा

Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column | Sadhus Must Be Cautious With Money 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता चुनावों का धन तो बेहिसाब होता ही है, लेकिन जब मंदिरों का धन भी बिना हिसाब के हो जाए तो चिंता होना स्वाभाविक है। इस दौर में तो धर्म भी धन के बिना […]

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एन. रघुरामन का कॉलम: टेढ़ा खड़ा रहना कोई गलत नहीं है, लेकिन सही है।

सबसे पहले उन विज्ञापन जिंगल्स को याद करें, जो ‘टेढ़ा है…’ से शुरू होते थे या वे विज्ञापन, जो ‘…सही है’ पर खत्म होते थे? और कल्पना कीजिए कि जब आप 3 साल के थे तो कैसे आंखें बंद करके एक पैर पर सारस की तरह खड़े होते थे, दूसरा पैर किक मारने के लिए […]

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प्रो. मनोज कुमार झा का कॉलम: एल्गोरिदम ही सूझबूझ की जगह ले बैठें तो मनुष्य पीछे छूट जाएगा

Hindi News Opinion Manoj Kumar Jha Column | Democracy Ethics AI Machines Human Values India 2 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रो. मनोज कुमार झा राजद से राज्यसभा सांसद कुछ व्यक्तित्व इतिहास के किसी एक अध्याय के पात्र नहीं रहते, बल्कि प्रत्येक पीढ़ी के सामने एक नैतिक प्रश्न बनकर उपस्थित होते हैं। महात्मा गांधी और चंद्रशेखर […]

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एन. रघुरामन का कॉलम: पीड़ा को महसूस करने से ही समझदारी आती है

हममें से कई लोगों ने ऐसी कोई फिल्म या टीवी सीरियल जरूर देखे होंगे, जिनकी कहानियां मेडिकल से जुड़े हालात के इर्द-गिर्द घूमती हैं। इनमें डिलीवरी के बाद मरीज को अचानक से पोस्टपार्टम हैमरेज (पीपीएच) होता है- यानी अत्यधिक ब्लीडिंग, जो जानलेवा हो सकती है। ‘ग्राम चिकित्सालय’ ऐसा ही एक सीरियल है, जिसमें युवा, प्रतिभाशाली […]

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एन. रघुरामन का कॉलम: जब तक आपकी स्किल फीकी न पड़े, स्टेज मत छोड़िए

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column – Don’t Leave The Stage Until Your Skills Lose Their Sheen. 4 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन मेरे पसंदीदा एक्टर हैं। मुझे उनमें जो पसंद था, वह था उनका डायलॉग डिलीवरी का बिल्कुल अलग-अलग अंदाज। दिलीप कुमार हर शब्द के बाद […]

नवनीत गुर्जर का कॉलम:  जाने कब वो दिन आएंगे, जब लोग अपने भीतर के देवताओं को जगाकर वोट देने लगेंगे
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नवनीत गुर्जर का कॉलम: जाने कब वो दिन आएंगे, जब लोग अपने भीतर के देवताओं को जगाकर वोट देने लगेंगे

गुरु गोरखनाथ और उनके सहयोगी योगियों की भारतभर में कई कहानियां हैं। आज गोरखपुर में जो गोरखनाथ मंदिर है, वहां पहले घनी झाड़ियां थीं। कथा यूं है कि एक नेपाली सुंदरी ने गुरु गोरखनाथ को भोजन पर बुलाया। जानती थी योगी सिर्फ खिचड़ी खाते हैं। उसने पकवानों के थालों की तरह खिचड़ी के थाल परोसे। […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  सीजेपी ‘प्रेशर-ग्रुप’ ही बनी रहेगी या फिर राजनीति में भी उतरेगी?
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: सीजेपी ‘प्रेशर-ग्रुप’ ही बनी रहेगी या फिर राजनीति में भी उतरेगी?

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai Column | Will CJP Remain Pressure Group Or Join Politics? 7 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार कभी-कभार असंभव लगने वाली कहानियां भी रहस्यमयी रूप से सच हो जाती हैं। हर दिन करोड़ों लोग सिस्टम को बदलने का सपना देखते हैं, लेकिन बहुत कम सफल हो पाते हैं। […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  घर में आप ‘टीनेज लव’ को कैसे संभाले?
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एन. रघुरामन का कॉलम: घर में आप ‘टीनेज लव’ को कैसे संभाले?

1958 में एक बोर्डिंग स्कूल में कक्षा नौ के छात्र रहे 14 साल के थॉम स्टीनबेक ने अपने पिता को पत्र लिख कर कहा कि उन्हें सुसान नाम की लड़की से प्यार हो गया है। बताएं कि अब उन्हें क्या करना चाहिए। पत्र के आखिर में उन्होंने पिता को यह भी समझाया कि उनकी भावनाओं […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  एआई तेजी से जवाब दे सकता है, लेकिन सही निर्णय लेने में समय लगता है
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एन. रघुरामन का कॉलम: एआई तेजी से जवाब दे सकता है, लेकिन सही निर्णय लेने में समय लगता है

Hindi News Opinion N Raghuraman Column | AI Decision Making Speed Vs Accuracy | Mumbai News 23 मिनट पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु हर सप्ताह मैं मुंबई के माटुंगा स्थित साउथ इंडियन भजन समाज मंदिर जाता था। मंदिर के प्रवेश द्वार के बाहर शांत भाव से, सामान्य कपड़े पहने बैठे एक भिखारी के […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  युवावस्था में घटे कई दृश्य वृद्धावस्था तक चले आते हैं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: युवावस्था में घटे कई दृश्य वृद्धावस्था तक चले आते हैं

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column | Youth Habits Impact Old Age Life 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता गंदे विचार बुढ़ापे तक नहीं छूटते। यह बात सबसे अच्छे ढंग से वृद्ध ही जानते हैं। क्योंकि इस सब में जो कुछ व्यक्त होता है, वो तो बाहरी अनुशासन के साथ छुपा […]

नवनीत गुर्जर का कॉलम:  आंदोलन में मीम्स और कार्टून ऐसे सरपट दौड़े कि उनकी गति मापना मुश्किल हो गया
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नवनीत गुर्जर का कॉलम: आंदोलन में मीम्स और कार्टून ऐसे सरपट दौड़े कि उनकी गति मापना मुश्किल हो गया

Hindi News Opinion Navneet Gurjar Column | Memes & Cartoons Impact On Protests & NEET Leak 6 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर सबसे बड़ी दौलत क्या है? शिक्षा। ज्ञान। जीवन की इस सबसे महत्वपूर्ण निधि पर ही डाका पड़ने लगे तो परिणाम क्या होंगे? सही है, शिक्षा और ज्ञान का किसी डिग्री या किसी […]

रश्मि बंसल का कॉलम:  आओ एक नया इंडिया बनाएं, जहां पैसा नहीं, पसीना रंग लाए
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रश्मि बंसल का कॉलम: आओ एक नया इंडिया बनाएं, जहां पैसा नहीं, पसीना रंग लाए

मेरे पिताजी एक बहुत ही साधारण परिवार में पैदा हुए। बचपन में पेड़ के नीचे पंड्या जी के पास पढ़ते थे। पांचवीं कक्षा में सरकारी स्कूल में दाखिला हुआ। पढ़ाई में तेज निकले तो फिर गवर्नमेंट कॉलेज, रतलाम से बीएससी पूरी की। एमएससी की पढ़ाई के लिए वे इंदौर गए, एक छोटी-सी स्कॉलरशिप के सहारे। […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अहंकार की विदाई में ही संसार के सारे सुख समाए हैं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अहंकार की विदाई में ही संसार के सारे सुख समाए हैं

जिन विवेकानंद जी और स्वामी रामतीर्थ को सारी दुनिया में प्रशंसा मिली, उनको अपने ही देश में तवज्जो नहीं दी गई थी। और ये दोनों कहा करते थे कि प्रशंसा का प्रमाण-पत्र लेना भी हो तो परमात्मा से लो, दुनिया क्या देगी। लेकिन मनुष्य की सबसे बड़ी कमजोरी होती है अहंकार, और प्रशंसा अहंकार का […]