“यह मेरा बेटा है, और मैं इसे आपकी देखरेख में छोड़ रही हूं, इसका ख्याल रखिएगा।’ मेरी मां इसी तरह से मेरा, हमारे बचपन के घर के बाहर खड़े उस बड़े-से गूलर के पेड़ से परिचय कराती थीं। वे मुझे उसकी दो मजबूत शाखाओं से बंधे साड़ी के एक झूले में लिटाया करती थीं। पेड़ […]
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रीता कोठारी का कॉलम: अपने अनुभवों के लिए हमारे पास क्या हमेशा शब्द होते हैं?
कई साल पहले मैं अपनी चाची को एक प्रख्यात होम्योपैथ के पास ले गई थी। जैसा कि होम्योपैथी में अकसर होता है, मेरी चाची से कई सवाल पूछे गए- आप कहां रहती हो, घर में कौन-कौन है, आप को चिंता करने की आदत है, आप गुस्से में आ जाती हो या नहीं? मेरे परिवार के […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सद्गुणों को विजयी बनाना है तो मौन और ध्यान को साधें
Hindi News Opinion Vijay Shankar Mehta Column: Conquer Negativity With Silence & Meditation 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता इन दिनों दुनिया में जो देश युद्ध कर रहे हैं, उनको लेकर विश्लेषकों का कहना है जिस देश का जासूसी नेटवर्क तगड़ा होगा और जो एआई का इस्तेमाल भरपूर करेगा, वो जीतेगा। दुनिया का […]
एन. रघुरामन का कॉलम: हमारे जीवन के छोटे-छोटे आश्चर्यों को हल्के में न लें
यदि मैं आपसे पूछूं कि आपके जीवन में किन-किन चीजों की कमी है, तो आपकी सूची कितनी लंबी होगी? मेरी तो बहुत लंबी है। सबसे पहले तो मुझे कावेरी नदी की कमी खलती है। 60 से 90 के दशक के बीच यह बारहों महीने बहने वाली नदी हुआ करती थी, लेकिन अब यह कभी-कभी सूख […]
रश्मि बंसल का कॉलम: नारियल पानी वालों करो न गुरूर, चाय का है अपना सुरूर
31 मिनट पहले कॉपी लिंक रश्मि बंसल, लेखिका और स्पीकर मेरी बेटी को चाय बिलकुल पसंद नहीं। वो सिर्फ कॉफी पीती है। सोचा था, वो बड़ी होगी, कहेगी- मम्मी, एक कप चाय बना दूं? साथ पीएंगे। वो दिन कभी आया नहीं। मेरी नाक के नीचे मेरे खून ने मुझसे ही बगावत कर दी! और अब […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: तुम सौदागर तेल के, हम कोल्हू के बैल!
कच्ची घाणी। अब तो इसके लिए भी आधुनिक तरीके, मशीनें आ गई हैं। लेकिन पहले कोल्हू होता था और कोल्हू का बैल। जी, हम सब कच्ची घाणी के या कोल्हू के बैल ही तो हैं! कोल्हू चलता था तो ‘चक चूं’ करता था। बैल बस, सारी उम्र चलता रहता था। साल, महीने गिने बिना। गोल-गोल […]
रश्मि बंसल का कॉलम: थोड़ी-बहुत फिक्र भली, पर ज्यादा चिंता किस काम की?
Hindi News Opinion Rashmi Bansal’s Column A Little Worry Is Good, But What Is The Use Of Worrying Too Much? 4 घंटे पहले कॉपी लिंक रश्मि बंसल, लेखिका और स्पीकर रोज ऑफिस से निकलने के पहले आप मम्मी को मैसेज करती हो- निकल गई। एक दिन रिक्शे में बैठने के बाद पता चलता है कि […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपने जीवन में विचार और वीरता, दोनों ही बनाए रखें
मनुष्य का जीवन निराला है। यह मां की गोद और चिता की वेदी के बीच का है। जब आप पहली बार आंख खोलते हैं तो अपने को मां की गोद में पाते हैं। कई लोग प्रसन्न हो रहे होते हैं। आगमन का आनंद मनाया जाता है। उस आगमन से आप अनजान हैं, लेकिन आपका जन्म […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: ट्रम्प के उकसावे में न आना हमारी समझदारी
Hindi News Opinion Shekhar Gupta Column: Indias Wisdom In Not Taking Trumps Provocation 11 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ ट्रम्प अपने सहयोगियों और मित्रों को अपमानित करते हैं। इसे समझने का एक सरल तरीका भी है, जिसे अगर हम भारत में ट्रकों के पीछे लिखी सूक्तियों से समझें तो इस सूक्ति […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: उत्साह को उदासी में बदलने वाले मन पर काम करते रहें
Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column: Work On Mind Turning Sadness To Enthusiasm 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता कहा तो जाता है कि हर काम उत्साह से किया जाए। और यह भी सत्य है कि बिना दबाव के इन दिनों कोई काम हो ही नहीं सकता। तो उत्साह को समझा जाए। […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: अफगानिस्तान से भिड़कर घिर गया है पाकिस्तान
Hindi News Opinion Shekhar Gupta’s Column Pakistan Is Cornered After Clashing With Afghanistan 3 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ जब तीन महाशक्तियां अपनी ताकत के शिखर पर थीं, तब उन्होंने अफगानिस्तान को दबाने की कोशिश की मगर नाकाम रहीं। ब्रिटेन ने 19वीं सदी के मध्य में, सोवियत संघ ने 1979 के […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: दु:ख की समझ का नाम ही दु:ख का मिटना है
Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column: Understanding Sorrow Is Ending Sorrow 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता दुनिया में हमारा इरादा कई चीजें कमाने का होता है। धन, पद, प्रतिष्ठा, सुख, परिवार- ये सब कमाई के हिस्से हैं। लेकिन दो और चीजें भी हमारी कमाई बन जाती हैं- सुख और दु:ख। सुख […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सुख को शांति से जोड़ने की कला ही अध्यात्म है
Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column: Spirituality Is Connecting Happiness With Peace 36 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता भाग्य का सबसे हठीला ढंग यही है कि वह समय पर बदल ही जाता है। अच्छे-अच्छे लोगों के जीवन में दुर्भाग्य जब प्रवेश करता है तो समझ नहीं पाते यह क्या हो गया? इस […]
बरखा दत्त का कॉलम: ‘हिट एंड रन’ मामलों में और कितनी जानें गंवाएंगे हम?
‘यह कोई न्यूज स्टोरी नहीं, एक आंदोलन बनना चाहिए’, इन्ना माकन ने अत्यंत पीड़ा के साथ यह शब्द मुझसे कहे। मैं सिर झुकाकर सहमति ही जता पाई। जब वे पीड़ा, गुस्से और अकेलेपन के चलते रो रही थीं, तो मैं भी बमुश्किल ही अपने आंसू रोक पाई। दिल्ली में ब्राइडल मेकअप स्टूडियो चलाने वाली इन्ना […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अगर चरित्र मजबूत है तो ईश्वरीय शक्ति भी साथ है
किसी पर कलंक लगाना आजकल व्यापार-सा हो गया है। जब किसी के चरित्र पर लांछन लगाया जाता है, तो उसका सत्य ढूंढना बड़ा कठिन होता है। क्योंकि सत्य जिस न्याय की अपेक्षा करता है, वो न्याय भी अपने गलियारों में किसी और से न्याय मांग रहा होता है। दुनिया में जितने काम आसान हैं, उनमें […]
एन. रघुरामन का कॉलम: छोटी-छोटी लतें नहीं रोकीं तो वे बड़ी समस्या बन सकती हैं
मेरी भी कुछ छोटी लतें हैं। एक है ‘रिटर स्पोर्ट हेजलनट चॉकलेट’। यकीन मानिए कि 100 ग्राम के इस पैक को मैं हर लंच और डिनर के बाद चार हिस्सों में बांटकर महज दो दिनों में चट कर सकता हूं। हर विदेश यात्रा पर मैं पर्याप्त मात्रा में ये लेता हूं। बाहर से आने वाला […]
एन. रघुरामन का कॉलम: छोटी-छोटी लतें नहीं रोकीं तो वे बड़ी समस्या बन सकती हैं
मेरी भी कुछ छोटी लतें हैं। एक है ‘रिटर स्पोर्ट हेजलनट चॉकलेट’। यकीन मानिए कि 100 ग्राम के इस पैक को मैं हर लंच और डिनर के बाद चार हिस्सों में बांटकर महज दो दिनों में चट कर सकता हूं। हर विदेश यात्रा पर मैं पर्याप्त मात्रा में ये लेता हूं। बाहर से आने वाला […]
रश्मि बंसल का कॉलम: बड़े आइडिया का इंतजार न कीजिए, एक शब्द से प्रेरणा लीजिए
Hindi News Opinion Rashmi Bansal Column: Dont Wait For Big Ideas, Get Inspired By One Word 11 घंटे पहले कॉपी लिंक रश्मि बंसल, लेखिका और स्पीकर डॉक्टर साहिब शादी में गए। चार लोगों से मिले। सब ने अपनी हड्डी-पसलियों की शिकायत करते हुए मुफ्त सलाह ली। वकील साहिबा पार्टी में पहुंचीं तो मधुमक्खी की तरह […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: किसी की कुशलता पूछना आदत नहीं हमारा स्वभाव हो
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Indian Culture: Asking Wellbeing Is Nature, Not Habit 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता हमारी भारतीय संस्कृति में किसी की कुशलता पूछना जीवंत कृत्य है। धीरे-धीरे इसे हमने आदत बना लिया, जबकि यह पूछताछ स्वभाव होना चाहिए। हम समाज में किसी से मिलते हैं तो […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: नए साल में नई शपथ, नए नियम
2025 गया! 26 आ गया। अरदास यही है कि हमारे सभी कर्म सत्कर्म हों! ईश्वर कृपा करे कि इस बार पिछले साल जैसे हादसों का मुंह न देखना पड़े। हालांकि समय न किसी के लिए रुकता। न किसी के लिए चलता। उसकी अपनी चाल है। वर्षों से। युगों-युगों से। न वो कभी थका। न कभी […]
एन. रघुरामन का कॉलम: हम बाहर की दुनिया को भी क्लासरूम में ला सकते हैं
पिछले बीस वर्षों से वह चौचिल्ला में एक ही जगह पर रह रहा था। उसने एक घंटे के लिए भी उस छोटी-सी जगह से बाहर कदम नहीं रखा। वह बाहर जा भी नहीं सकता, क्योंकि कोई उसे निकलने नहीं देगा। लेकिन पिछले दो हफ्तों से वह थाईलैंड से ऑस्ट्रेलिया तक यात्रा कर रहा है। इंटरव्यूज […]
एन. रघुरामन का कॉलम: सिर्फ पानी ही नहीं, आपके लिए सुरक्षित वाई-फाई भी जरूरी है
10 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु हाल ही में मेरी इंदौर यात्रा में मुझसे पूछा गया कि ‘क्या मैं आपको पीने के लिए पानी दूं?’ मैंने ‘नहीं’ कहा। वजह पानी में मिलावट की खबरें नहीं थीं, बल्कि बाहर ठंड थी और सच में मेरा पानी पीने का मन नहीं था। मेजबान ने […]

























