राज्य कर विभाग (एसजीएसटी) कानपुर के 30 से ज्यादा अफसरों की नौ टीमों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में लोहा, स्क्रैप से जुड़ी नौ फर्जी फर्मों पर छापा मारा। जांच के दौरान 390 करोड़ रुपये की बोगस सप्लाई और 72.12 करोड़ रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का खुलासा हुआ। आठ फर्मों के खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर के लिए तहरीर दी गई है। इन सभी फर्मों ने सेंट्रल जीएसटी का पंजीकरण ले रखा था। एक फर्म ने 25 दिन पहले पंजीकरण कराया था। और दो करोड़ का लेन-देन कर डाला।
छापेमारी में कई फर्में अस्तित्वहीन पाई गईं। ये फर्में केवल कागजों पर व्यापार दिखा रही थीं। कुछ व्यक्तियों को तो यह भी जानकारी नहीं थी कि उनके नाम पर जीएसटी पंजीयन लिया गया है। फर्जी दस्तावेज के आधार पर आठ फर्मों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान मौके पर ही 1.34 करोड़ रुपये की आईटीसी ब्लॉक की गई। ये कार्रवाई संयुक्त रूप से एडीशनल कमिश्नर सान्या छाबड़ा ,कार्यवाहक एडीशनल कमिश्नर कुमार आनंद और एडीशनल कमिश्नर (एसआईबी) प्रशांत कुमार के निर्देशन में की गई।







