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23 घंटे पहले
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बारिश के मौसम में बिजली ज्यादा कटती है और इनवर्टर पर लोड बढ़ जाता है। ये मौसम इनवर्टर की बैटरी के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता है।
हवा में नमी, सीलन, जंग, वोल्टेज फ्लक्चुएशन और बैकअप की जरूरत के कारण इनवर्टर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे इनवर्टर का परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकता है। कई लोग बैटरी में पानी, साफ-सफाई और सर्विसिंग से जुड़ी जरूरी बातें नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे इनवर्टर के जल्दी खराब होने का रिस्क बढ़ जाता है।
इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज समझेंगे कि मानसून में इनवर्टर को कैसे सुरक्षित रखें। साथ ही जानेंगे कि-
- इनवर्टर और बैटरी की लाइफ कैसे बढ़ाएं?
- क्या मानसून से पहले इनवर्टर की सर्विसिंग जरूरी है?
एक्सपर्ट: आशीष जायसवाल, एनर्जी मैनेजर, ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी, भारत सरकार
सवाल- मानसून में इनवर्टर जल्दी खराब क्यों होता है?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- मानसून में हवा में नमी बढ़ जाती है, जिससे इनवर्टर के अंदर जंग और ऑक्सिडेशन का रिस्क बढ़ता है।
- धूल और नमी मिलकर सर्किट पर असर डाल सकते हैं।
- वोल्टेज फ्लक्चुएशन और बिजली कटौती बढ़ने से इनवर्टर को ज्यादा काम करना पड़ता है।
- नियमित सफाई और मेंटेनेंस न होने पर खराबी की संभावना और बढ़ जाती है।

सवाल- क्या मानसून में इनवर्टर पर ज्यादा दबाव पड़ता है?
जवाब- हां, इसकी मुख्य वजह ये है कि बारिश के मौसम में बिजली कटौती बढ़ जाती है। इसके कारण-
- लंबे समय तक बैकअप देने के कारण इनवर्टर और बैटरी पर अतिरिक्त लोड पड़ता है।
- बार-बार चार्जिंग और डिस्चार्जिंग से सिस्टम की एफिशिएंसी प्रभावित होती है।
सवाल- क्या नमी से इनवर्टर के इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स खराब हो सकते हैं?
जवाब- हां, इन टेक्निकल कारणों से ऐसा होता है-
- ज्यादा नमी से PCB (प्रिंटेड सर्किट बोर्ड), वायरिंग और टर्मिनल्स प्रभावित होते हैं।
- नमी से जंग, ऑक्सिडेशन और शॉर्ट सर्किट का रिस्क बढ़ जाता है।
- इससे इनवर्टर का परफॉर्मेंस घट सकता है या अचानक खराबी आ सकती है।

सवाल- मानसून में इनवर्टर की देखभाल और मेंटेनेंस कैसे करें?
जवाब- सभी जरूरी टिप्स पॉइंटर्स से समझें-
- इनवर्टर को ऐसी जगह रखें, जहां बारिश का पानी, सीलन या अत्यधिक नमी न पहुंच सके।
- इनवर्टर और बैटरी को खुले बरामदे या खिड़की के पास न रखें।
- बैटरी चार्जिंग के दौरान गैस निकल सकती है, इसलिए उसके आसपास पर्याप्त हवा का प्रवाह होना चाहिए।
- सूखे, मुलायम कपड़े से बाहरी सतह की रेगुलर सफाई करें। गीले कपड़े का इस्तेमाल न करें।
- टर्मिनलों पर जंग या सफेद-हरे रंग की परत दिखे तो तुरंत सर्विस इंजीनियर से साफ करवाएं।
- जरूरत पड़ने पर केवल डिस्टिल्ड (आसुत) पानी ही डालें। सामान्य नल का पानी कभी न डालें।
- इनवर्टर की क्षमता से ज्यादा उपकरण चलाने पर बैटरी जल्दी डिस्चार्ज होती है और इनवर्टर पर दबाव बढ़ता है।
- बैटरी को बार-बार पूरी तरह डिस्चार्ज न होने दें। इससे बैटरी की उम्र कम हो सकती है।
- घर में सही अर्थिंग का ख्याल रखें। खराब अर्थिंग से बिजली के झटके लगने और उपकरण खराब होने का खतरा बढ़ सकता है।

सवाल- इनवर्टर बैटरी में पानी क्यों डाला जाता है?
जवाब- इन कारणों से बैटरी में पानी डाला जाता है-
- बैटरी के अंदर इलेक्ट्रोलाइट लेवल सामान्य बनाए रखने के लिए पानी जरूरी होता है।
- चार्जिंग के दौरान पानी धीरे-धीरे वाष्पित (इवैपोरेट) होता रहता है।
- पानी कम होने पर बैटरी प्लेट्स खुल सकती हैं और डैमेज हो सकती हैं।
- डिस्टिल्ड वाटर सही लेवल तक रखने से बैटरी का परफॉर्मेंस और एज बेहतर रहता है। इससे बैटरी की एफिशिएंसी बनी रहती है।
सवाल- बैटरी का पानी कितने दिन में चेक करना चाहिए?
जवाब- सामान्य तौर पर हर 45-60 दिन में बैटरी का वाटर लेवल चेक करना चाहिए। मानसून और ज्यादा उपयोग के दौरान इसकी फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जा सकती है।
सवाल- पानी कब बदलना या भरना चाहिए?
जवाब- जब बैटरी का इलेक्ट्रोलाइट लेवल ‘मिनिमम’ मार्क से नीचे चला जाए, तब पानी भरना चाहिए। भरते हुए ध्यान रखना चाहिए कि-
- केवल डिस्टिल्ड वाटर का ही उपयोग करें।
- ओवरफिलिंग से बचें, क्योंकि इससे इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल सकते हैं।
सवाल- क्या बैटरी का पूरा पानी बदलना पड़ता है?
जवाब- आमतौर पर पूरा पानी नहीं बदला जाता। सिर्फ लेवल कम होने पर और पानी डालकर उसका लेवल पूरा किया जाता है। बैटरी में डिस्टिल्ड वाटर डाला जाता है।
सवाल- क्या RO का पानी बैटरी में डाल सकते हैं?
जवाब- नहीं। RO पानी में भी कुछ मिनरल्स हो सकते हैं। इसलिए केवल बैटरी-ग्रेड डिस्टिल्ड वाटर ही सुरक्षित है।
सवाल- बैटरी में ज्यादा पानी भरने से क्या नुकसान है?
जवाब- ओवरफिलिंग से एसिड बाहर आ सकता है, जिससे बैटरी और आसपास के हिस्सों को नुकसान हो सकता है।
सवाल- मानसून में इनवर्टर की सफाई कैसे करें?
जवाब- सूखे कपड़े से धूल साफ करें। टर्मिनल्स पर जंग दिखे तो उन्हें साफ करके ग्रीस लगाएं।
सवाल- क्या इनवर्टर को ढककर रखना चाहिए?
जवाब- नहीं। पूरी तरह नहीं ढकना चाहिए। इससे वेंटिलेशन रुकता है और गर्मी बढ़ सकती है। इससे बैटरी फटने का रिस्क हो सकता है।
सवाल- इनवर्टर रखने की सही जगह क्या है?
जवाब- सूखी, हवादार और ऊंची जगह सबसे बेहतर होती है। इसे सीधे फर्श पर रखने से नमी का असर बढ़ सकता है।
सवाल- क्या इनवर्टर को दीवार से सटाकर रखना ठीक है?
जवाब- नहीं, चारों तरफ थोड़ी जगह छोड़नी चाहिए ताकि गर्मी बाहर निकल सके।
सवाल- क्या मानसून में जंग लगना सामान्य है?
जवाब- हां, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जंग बढ़ने से करंट फ्लो प्रभावित होता है।
सवाल- बैटरी टर्मिनल पर सफेद परत क्यों जमती है?
जवाब- यह एसिडिक करप्शन होता है, जो नमी और गैस रिएक्शन की वजह से होता है।
सवाल- क्या बारिश में इनवर्टर से करंट लगने का खतरा बढ़ जाता है?
जवाब- हां, अगर वायरिंग खराब हो या नमी इनवर्टर के अंदर पहुंच जाए तो रिस्क बढ़ जाता है।
सवाल- इनवर्टर से स्पार्किंग क्यों होती है?
जवाब- ढीले कनेक्शन, टर्मिनल में जंग या ओवरलोडिंग के कारण स्पार्किंग हो सकती है।
सवाल- क्या इनवर्टर फट भी सकता है?
जवाब- हां, खराब वेंटिलेशन, गलत चार्जिंग या गैस जमा होने पर बैटरी ब्लास्ट का रिस्क बढ़ जाता है।
सवाल- कैसे पता चलेगा कि बैटरी कमजोर हो रही है?
जवाब- बैटरी कमजोर होने पर कुछ कॉमन संकेत दिखते हैं। ग्राफिक में सभी संकेत देखिए-

सवाल- इनवर्टर बैटरी की एवरेज लाइफ कितनी होती है?
जवाब- सामान्य तौर पर 3-5 साल, लेकिन सही मेंटेनेंस से यह ज्यादा समय तक भी चल सकती है।
सवाल- क्या लगातार ओवरलोडिंग से नुकसान होता है?
जवाब- हां, जरूरत से ज्यादा उपकरण चलाने पर बैटरी जल्दी खराब हो सकती है।
सवाल- मानसून में कौन-से उपकरण इनवर्टर पर नहीं चलाने चाहिए?
जवाब- इनवर्टर पर भारी लोड वाले उपकरण नहीं चलाने चाहिए। नीचे ग्राफिक में उपकरणों की पूरी सूची देखिए।

सवाल- क्या लंबे समय तक इनवर्टर बंद रखना ठीक है?
जवाब- नहीं, लंबे समय तक बंद रहने पर बैटरी पूरी तरह डिस्चार्ज हो सकती है। इससे उसकी एफिशिएंसी घटती है और वह जल्दी खराब हो सकती है।
सवाल- क्या मानसून से पहले इनवर्टर की सर्विसिंग कराना जरूरी है?
जवाब- हां, सर्विसिंग से बैटरी, वायरिंग और टर्मिनल की स्थिति चेक की जाती है, जिससे बारिश के मौसम में खराबी की आशंका कम रहती है।
सवाल- सर्विसिंग कितने महीने में करानी चाहिए?
जवाब- हर 6-12 महीने में सर्विसिंग करानी चाहिए, ताकि बैटरी, कनेक्शन और सिस्टम की एफिशिएंसी बनी रहे।
सवाल- क्या लोकल मैकेनिक से सर्विसिंग कराना सुरक्षित है?
जवाब- नहीं, केवल प्रशिक्षित और अनुभवी टेक्नीशियन से ही सर्विसिंग कराएं। गलत हैंडलिंग से बैटरी, वायरिंग या इनवर्टर खराब हो सकता है।
सवाल- क्या इनवर्टर हमेशा ऑन रखने से बैटरी डैमेज होती है?
जवाब- नहीं, अच्छी क्वालिटी वाले इनवर्टर में ऑटोमैटिक चार्ज कंट्रोल होता है, जो बैटरी को ओवरचार्जिंग और नुकसान से बचाता है।
सवाल- क्या ज्यादा चार्जिंग से बैटरी फट सकती है?
जवाब- हां, ओवरचार्जिंग से बैटरी गर्म हो सकती है, जिससे गंभीर नुकसान या दुर्घटना का रिस्क बढ़ जाता है।
सवाल- क्या इनवर्टर बंद करके रखने से बिजली की बचत होती है?
जवाब- हां, थोड़ी बिजली बच सकती है। लेकिन लंबे समय तक बंद रखने से बैटरी डिस्चार्ज होकर खराब भी हो सकती है।
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