![]()
सावन माह के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के संयोग पर उज्जैन समेत प्रदेशभर के प्रमुख शिव और नागदेवता मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। उज्जैन में अब तक महाकाल मंदिर में डेढ़ लाख और नागचंद्रेश्वर मंदिर में चार लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वर्ष में एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट रविवार रात 12 बजे खोले गए, जो अगले 24 घंटे दर्शन के लिए खुले रहेंगे। महाकाल मंदिर के पट तड़के 2:30 बजे खोले गए और भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। हालांकि, महाकाल मंदिर में भीड़ के बीच व्यवस्था बिगड़ने की शिकायतें भी सामने आई हैं। कई श्रद्धालु भीड़ में फंस गए, जबकि हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग में कई महिला-पुरुष दब गए। दर्शनार्थियों ने इसे अब तक की सबसे खराब व्यवस्था बताया। नागपंचमी पर प्रदेश के अन्य मंदिरों में भी विशेष आयोजन और श्रद्धालुओं की भीड़ है। सेंधवा के नागलवाड़ी शिखरधाम में भिलट देव का 101 लीटर दूध से अभिषेक कर 108 व्यंजनों का भोग लगाया गया। अब तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं और आज 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। भोजपुर महादेव का 6 क्विंटल फूलों से नागेश्वर स्वरूप में श्रृंगार किया गया। ग्वालियर के प्राचीन नागदेवता मंदिर, रायसेन के सोमेश्वर धाम और गैरतगंज के नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और अभिषेक किया। इधर, शाम 4 बजे बाबा महाकाल की तीसरी सवारी निकलेगी, जिसमें चंद्रमौलेश्वर पालकी में, मनमहेश हाथी पर और शिव-तांडव प्रतिमा गरुड़ रथ पर विराजित रहेगी। करिए नागचंद्रेश्वर के दर्शन… खबर के मिनट-टु-मिनट अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
Source link







