दिल्ली के शालीमार बाग में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर:  पूर्व विधायक समेत अन्य ने खाली किए घर; लोग बोले-सीएम की राहत योजना नहीं आई काम – New Delhi News
टिपण्णी

दिल्ली के शालीमार बाग में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर: पूर्व विधायक समेत अन्य ने खाली किए घर; लोग बोले-सीएम की राहत योजना नहीं आई काम – New Delhi News

Spread the love




दिल्ली के शालीमार बाग स्थित रोड नंबर-320 पर रविवार सुबह से बड़े पैमाने पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू हो गई। सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद प्रशासन ने अतिक्रमण कर बनाए गए करीब 150 मकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। कार्रवाई के मद्देनजर इलाके को 900 से अधिक अर्द्धसैनिक बलों और भारी पुलिस बल की निगरानी में छावनी में तब्दील कर दिया गया। राजस्व विभाग के एडीएम की देखरेख में एमसीडी के बुलडोजर दस्ते ने पहले मकानों की बिजली, पानी और पीएनजी आपूर्ति बंद कराई, इसके बाद सड़क चौड़ीकरण के लिए तोड़फोड़ शुरू की गई। लोग बोले-सरकारी राहत का नहीं मिला लाभ कार्रवाई शुरू होने से पहले पूर्व विधायक वंदना कुमारी सहित अधिकांश परिवार अपने घर खाली कर चुके थे। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी थी और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। मामले में प्रभावित परिवारों को राहत दिलाने के लिए दिल्ली सरकार ने भी प्रयास किए थे। सीएम रेखा गुप्ता के निर्देश पर अधिकारियों ने प्रभावित मकान मालिकों को 3 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अथवा एक वर्ष के लिए मुफ्त फ्लैट उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि कई प्रभावितों का आरोप है कि वे राजनीतिक आश्वासनों के चलते सरकार द्वारा दी जा रही राहत का लाभ नहीं उठा सके। हाईकोर्ट औरसुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि पहले हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल जाएगी। इसी उम्मीद में उन्होंने पुनर्वास संबंधी प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। लेकिन दोनों अदालतों से निराशा हाथ लगने के बाद अब उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश शर्मा की बेंच ने मामले पर कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने पूछा कि संबंधित भूमि का मालिकाना हक किसके पास है। इस पर केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि यह जमीन वर्ष 1980 में ही सरकार द्वारा अधिग्रहित की जा चुकी थी। जस्टिस दीपांकर दत्ता एवं जस्टिस सतीश शर्मा की बेंच ने कहा, यदि इस प्रकार के अतिक्रमण को नियमित करने का आदेश दिया जाए तो कल लोग सुप्रीम कोर्ट के सामने भी कब्जा कर उसे नियमित करने की मांग करने लगेंगे। अदालत की इस टिप्पणी के साथ याचिका खारिज हो गई और प्रशासन को कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया। इसके बाद रविवार सुबह से शुरू हुई बुलडोजर कार्रवाई देर शाम तक जारी रहने की संभावना है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *