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दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टी.एस. संधू ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक में ड्रेगुलेशन एंड कंप्लायंस रिडक्शन अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव, एमसीडी कमिश्नर और डीडीए उपाध्यक्ष समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। एलजी ने कहा कि सुधारों की सफलता का पैमाना केवल पोर्टल पर फाइलों का निस्तारण नहीं, बल्कि आम नागरिकों, दुकानदारों और उद्यमियों को मिलने वाली वास्तविक सुविधा होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रक्रियाओं को सरल बनाने और अनावश्यक अनुपालनों को कम करने पर जोर दिया। एलजी ने कहा कि अधिसूचित मास्टर प्लान फॉर दिल्ली-2047 से चरण-1 के कई महत्वपूर्ण सुधारों का रास्ता साफ हुआ है। इसके तहत जोनिंग, बिल्डिंग बायलॉज, सेटबैक, एफएआर और ग्राउंड कवरेज से जुड़े छह प्रमुख सुधार लागू हो चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, चरण-1 के 23 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से 13 सुधार लागू किए जा चुके हैं। चार सुधार नए श्रम कानूनों के लागू होने के बाद समाप्त हो गए हैं, जबकि शेष छह सुधारों को नए मास्टर प्लान में काफी हद तक शामिल कर लिया गया है। बैठक में बताया गया कि शहरी विकास विभाग जल्द ही दिल्ली के शेष 48 गांवों के शहरीकरण की अधिसूचना जारी करेगा। इसके बाद दिल्ली में कोई क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र के रूप में शेष नहीं रहेगा।
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