नई दिल्ली9 घंटे पहले
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दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरोपी का नाम कमरुद्दीन उर्फ बाबा है। वह खुद को तांत्रिक और मौलाना बताया था।
दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में धनवर्षा (अचानक धन लाभ) का लालच देकर तीन लोगों की जहर देकर हत्या करने के आरोप में पुलिस ने एक तांत्रिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने तीन लोगों को जहर मिले लड्डू खिलाए और नकदी लेकर फरार हो गया था।
यह इस मामले में पहली गिरफ्तारी है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान कमरुद्दीन उर्फ बाबा के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का रहने वाला है और लोनी और फिरोजाबाद में तंत्र-मंत्र का सेंटर चलाता था।
दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास 8 फरवरी को एक बंद कार के अंदर तीन लोगों के शव मिले थे। मृतकों की पहचान 76 साल के रणधीर, 47 साल के शिव नरेश सिंह और 40 साल की लक्ष्मी देवी के रूप में की गई। रणधीर ड्राइवर की सीट पर और बाकी दोनों पीछे की सीट पर बैठे थे।
पुलिस ने बताया कि कमरुद्दीन करीब एक साल से तीनों मृतकों के संपर्क में था। CCTV फुटेज में उसे उसी दिन कार के बगल वाली सीट पर बैठे देखा गया था। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और लोकेशन डेटा से भी घटना में उसके शामिल होने की पुष्टि हुई है।

इसी कार से तीनों मृतक बेहोशी की हालत में मिले थे। बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
कार से शराब, कोल्ड ड्रिंक, कैश और दस्तावेज बरामद
डीसीपी (आउटर) सचिन शर्मा ने बताया कि पश्चिम विहार ईस्ट थाने में 8 फरवरी को PCR कॉल आई थी। सूचना थी कि एक कार में एक महिला सहित तीन लोग बेहोश पड़े हैं। पुलिस मौके पर पहुंची तो ड्राइविंग सीट पर एक बुजुर्ग बैठा मिला।
एक 42 साल के व्यक्ति को राहगीरों ने कार से बाहर निकाला हुआ था। करीब 40 साल की महिला कार के अंदर पड़ी थी। तीनों को संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कार की तलाशी में शराब की बोतलें, कोल्ड ड्रिंक, खाली गिलास, मोबाइल फोन, कैश, हेलमेट, जैकेट, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज मिले। तीनों मृतक बापरौला, नगली डेयरी और जहांगीरपुरी के रहने वाले थे। परिजनों ने आत्महत्या से इनकार किया और मौत की परिस्थितियों पर शक जताया, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
मृतकों के संपर्क में था आरोप, कॉल डिटेल से खुला राज
पुलिस की तकनीकी निगरानी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि घटना से पहले तीनों की कमरुद्दीन से लगातार बातचीत हो रही थी। तीनों घटना से एक दिन पहले और घटना वाले दिन गाजियाबाद के लोनी गए थे।
जांच में यह भी सामने आया कि जब वे दिल्ली लौट रहे थे, तब कार में एक और व्यक्ति मौजूद था। आगे की जांच में पुष्टि हुई कि वह व्यक्ति कमरुद्दीन था, जो लोनी से कार में बैठा और बाद में उसी जगह कार छोड़कर फरार हो गया, जहां तीनों बेहोश मिले।

पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास से पुलिस ने सड़क किनारे खड़ी कार जब्त की थी।
आरोपी ने पूजा के नाम पर 2 लाख मंगवाए
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब दो महीने पहले जहांगीरपुरी निवासी सलीम के जरिए लक्ष्मी की उससे पहचान हुई थी। बाद में लक्ष्मी ने शिव नरेश और रंधीर से उसकी मुलाकात कराई।
कमरुद्दीन ने तीनों को धनवर्षा के लिए विशेष पूजा कराने का झांसा दिया। उसने उनसे 2 लाख रुपये कैश, शराब और कोल्ड ड्रिंक की व्यवस्था करने को कहा।
दिल्ली आने के दौरान जहर मिले लड्डू खिलाए
घटना वाले दिन आरोपी ने जहर मिले लड्डू तैयार किए और लोनी से दिल्ली तक कार में उनके साथ आया। रास्ते में उसने पूजा के नाम पर उन्हें शराब, कोल्ड ड्रिंक और जहर मिले लड्डू खिलाए।
डीसीपी के मुताबिक, लड्डू और ड्रिंक पीने के बाद तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी और वे बेहोश हो गए। इसके बाद आरोपी कैश लेकर फरार हो गया।
आरोपी पर पहले भी दो हत्या के मामले दर्ज
डीसीपी के अनुसार, कमरुद्दीन आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ इसी तरह के दो हत्या के मामले पहले भी दर्ज हैं। साल 2014 में राजस्थान के धौलपुर जिले के राजा खेड़ा थाने में IPC की धारा 143, 363 और 302 के तहत मामला दर्ज हुआ था।
वहीं, 2025 में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के मक्खनपुर थाने में BNS की धारा 103(1) और 123 के तहत एक और FIR दर्ज है। पश्चिम विहार ईस्ट थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस संभावित साथियों की पहचान के लिए आगे की जांच कर रही है।
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