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दिल्ली की लंबे समय से लंबित वजीराबाद जल आपूर्ति सुधार परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। आर्थिक कार्य विभाग की स्क्रीनिंग कमेटी ने वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट कमांड एरिया के लिए 2574 करोड़ रुपए की एशियन डेवलपमेंट बैंक सहायता प्राप्त परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। वर्ष 2013 में परिकल्पित यह परियोजना अब क्रियान्वयन की दिशा में बढ़ रही है। परियोजना का उद्देश्य जल नेटवर्क का आधुनिकीकरण कर लीकेज और पानी की बर्बादी कम करना तथा दिल्लीवासियों को अधिक भरोसेमंद जल आपूर्ति उपलब्ध कराना है। जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि इसका लाभ उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के लाखों लोगों को मिलेगा। पुरानी पाइपलाइन बदलेगी परियोजना के तहत पुरानी, क्षतिग्रस्त और कम क्षमता वाली पाइपलाइनों को बदला जाएगा। जरूरत के अनुसार नई ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनें भी बिछाई जाएंगी। वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, अंडरग्राउंड रिजर्वायर, पंपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और वितरण नेटवर्क को अपग्रेड किया जाएगा। वजीराबाद कमांड एरिया में बुराड़ी, मॉडल टाउन, जहांगीरपुरी, पीतमपुरा, पंजाबी बाग, शकूर बस्ती, पीरागढ़ी और अवंतिका समेत कई क्षेत्र शामिल हैं। एनआरडब्ल्यू घटाने पर जोर
परियोजना का प्रमुख लक्ष्य नॉन-रेवेन्यू वाटर कम करना है। इसमें पाइपलाइन लीकेज, भौतिक जल हानि और अनधिकृत उपयोग से होने वाला नुकसान शामिल है। इसके लिए वजीराबाद, चंद्रावल, वेस्ट, साउथ-वेस्ट, ईस्ट, नॉर्थ-ईस्ट, नॉर्थ-वेस्ट और साउथ जोन के आठ कमांड सेंटरों को आपस में जोड़ा जाएगा। परियोजना के तहत 6 जल आपूर्ति जोन में एनआरडब्ल्यू कम करने, डीपीआर तैयार करने और निगरानी के लिए कंसल्टेंसी सेवाएं ली जाएंगी। इसके अलावा दिल्ली के लिए 30 वर्षीय एकीकृत वाटर मास्टर प्लान भी तैयार किया जाएगा।
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