नई दिल्ली25 मिनट पहले
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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से पूछा कि क्या कोयले से चलने वाले उद्योगों को NCR से बाहर शिफ्ट किया जा सकता है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने दिल्ली से 300 किलोमीटर के अंदर नए कोयला आधारित पावर प्लांट खोलने पर रोक लगाने के प्रस्ताव पर सरकार से जवाब भी मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्माण और तोड़-फोड़ (डिमोलिशन) के काम से उड़ने वाली धूल को कैसे रोका जाए, इस पर भी सभी पक्ष अपनी राय दें। इसके लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कुछ उपाय सुझाए हैं।
बेंच ने सभी पक्षों को 12 मार्च से पहले अपनी-अपनी रिपोर्ट और प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि CAQM के सुझावों के आधार पर 12 मार्च को गाड़ियों से होने वाले एयर पॉल्यूशन के मुद्दे की जांच करेगा।

कोर्ट के अन्य आदेश…
- कोर्ट ने कहा कि इन नोटिसों को ही आधिकारिक सूचना माना जाएगा। राज्यों को मिले सुझावों के आधार पर आगे का एक्शन प्लान भी कोर्ट में जमा करना होगा।
- कोर्ट ने पर्यावरण, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और ऊर्जा मंत्रालय से कहा कि वे मिलकर एक ऐसा प्रस्ताव तैयार करें, जिसमें NCR के कोयला आधारित उद्योगों को धीरे-धीरे बंद करने की योजना हो।
- इस योजना में यह भी बताया जाए कि कौन-कौन से उद्योग प्रभावित होंगे, उन्हें कौन सा वैकल्पिक ईंधन दिया जा सकता है, और यह बदलाव किस तरह से और कितने समय में होगा।
- कोर्ट ने दिल्ली सरकार (GNCTD) से भी कहा कि वह CAQM की लंबे समय वाली सिफारिशों को लागू करने के लिए अपनी डिटेल योजना पेश करे।
सुप्रीम कोर्ट में पिछली सुनवाई की खबरें…
17 दिसंबर 2025: सरकार लॉन्ग टर्म प्लान बनाए:स्टेट बॉर्डर के 9 टोल प्लाजा बंद करें; पुराने वाहनों पर बैन को मंजूरी दी
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