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भाजपा बोली- नेहा बोरा बांग्लादेश जैसा आंदोलन चाहती हैं: उनके शब्दों के पीछे राहुल गांधी की सोच; AISA अध्यक्ष ने कहा था- बांग्लादेश से प्रेरणा मिली

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नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले

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नेहा बोरा ने बांग्लादेश के सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट को वीडियो मैसेज भेजा है, जिसपर विवाद बढ़ गया है। - Dainik Bhaskar

नेहा बोरा ने बांग्लादेश के सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट को वीडियो मैसेज भेजा है, जिसपर विवाद बढ़ गया है।

भाजपा ने AISA अध्यक्ष नेहा बोरा के बांग्लादेश के जेन-जी आंदोलन पर दिए बयान को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा है। भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि नेहा बोरा के शब्दों के पीछे राहुल गांधी की सोच है।

भंडारी ने कहा- राहुल गांधी ने एक मार्च के दौरान नेहा बोरा को आंदोलन के चेहरे के तौर पर पेश किया था। वही नेहा बोरा चाहती हैं कि जो बांग्लादेश में हुआ, भारत में भी बिल्कुल वैसा ही हो। ये शब्द भले ही नेहा बोरा के हैं, लेकिन इनके पीछे के विचार राहुल गांधी के हैं।

दरअसल, नेहा बोरा ने दो दिन पहले बांग्लादेश के सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट (SSF) को उनके छठे सेंट्रल कॉन्फ्रेंस के लिए बधाई देते हुए एक वीडियो मैसेज भेजा था। इसमें उन्होंने कहा कि भारत का जेन-जी आंदोलन बांग्लादेश के आंदोलन से प्रेरित है। SSF बांग्लादेश के छात्र आंदोलन और तख्तापलट के घटनाक्रमों में सक्रिय था।

पढ़िए नेहा बोरा ने वीडियो मैसेज में क्या कहा…

आपको हमारा लाल सलाम। आज भारत में जो जेन-जी आंदोलन हो रहा है, वह सबसे पहले बांग्लादेश में शुरू हुआ। आपने हमें रास्ता दिखाया, इसके लिए हम आपके शुक्रगुजार हैं।

हम जानते हैं कि बांग्लादेश में शुरू हुआ आंदोलन लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों के लिए था। आज भारत में युवा जिस आंदोलन में हिस्सा ले रहे हैं, वह भी लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है।

हम जानते हैं कि बांग्लादेश में युवा धार्मिक कट्टरपंथ के खिलाफ लड़ रहे थे। भारत में जेन-जी भी यही लड़ाई लड़ रहा है। ढाका यूनिवर्सिटी और जहांगीर यूनिवर्सिटी बढ़ती धमकियों और हमलों के बीच मुश्किल हालात में हैं।

भारत में भी हमारे संस्थानों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों की यही स्थिति है, जहां छात्रों के अधिकारों पर बड़े पैमाने पर रोक लगाई जा रही है। शिक्षा के निजीकरण पर जोर दिया जा रहा है। यहां शिक्षण संस्थानों का भगवाकरण हो रहा है और आलोचनात्मक सोच को दबाया जा रहा है।

भंडारी बोले- राहुल लोकतंत्र को नष्ट करने की साजिश रच रहे

भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने कहा- बांग्लादेश में क्या हुआ, यह साफ है। एक इस्लामवादी समूह ने भीड़ का इस्तेमाल करते हुए अराजकता फैलाई और पूरी व्यवस्था को खत्म करने की कोशिश की। उनका मकसद सत्ता परिवर्तन था। नेहा बोरा भी भारत में बांग्लादेश जैसा अराजक आंदोलन चाहती हैं।

भंडारी ने कहा- अब यह स्पष्ट है कि जब राहुल गांधी लोकतांत्रिक तरीकों से अपने परिवार को सत्ता में लाने में विफल रहते हैं, तो वह अपने पूरे इकोसिस्टम के साथ भारत में लोकतंत्र को नष्ट करने की साजिश रच रहे हैं। राहुल का उद्देश्य लोकतांत्रिक विरोध नहीं, बल्कि अराजकता को वैधता देना है।

नेहा बोरा NEET पेपर लीक से SIR विरोध तक प्रदर्शनों में सक्रिय रहीं

इस साल जुलाई में नेहा बोरा NEET पेपर लीक के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनों के दौरान चर्चा में आईं। इन प्रदर्शनों में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई थी। वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में भी शामिल हुईं।

अक्टूबर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान वह फिर चर्चा में आईं।

10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। हिरासत के दौरान जारी एक वीडियो में उन्होंने कहा- मैं हिरासत में हूं, आंदोलन नहीं। उनके भाषणों और प्रदर्शनों के वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए।

राहुल गांधी के साथ मार्च में गईं, आवास पर बैठक में दिखीं

12 अक्टूबर को दिल्ली में INDIA ब्लॉक के मार्च के दौरान नेहा बोरा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ सबसे आगे नजर आईं। इस दौरान राहुल गांधी उनके कंधे पर हाथ रखकर चलते दिखे।

13 अक्टूबर को वह राहुल गांधी के 5, सुनेहरी बाग रोड स्थित आवास पर हुई चाय पर बैठक में भी शामिल हुईं। बैठक में विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बाद में वह विपक्षी नेताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी शामिल हुईं और अपनी बात रखी।

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