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9 मिनट पहले
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आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-
नेशनल (NATIONAL)
आज प्राइवेट ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट विक्रम-1 की पहली टेस्टिंग होगी
- 18 जुलाई को भारत की प्राइवेट स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस अपने पहले ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट विक्रम-1 की पहली टेस्टिंग करेगी।
- स्काईरूट एयरोस्पेस का ये मिशन आगमन के नाम से ऑपरेट किया जा रहा है। इसकी लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष सेंटर से की जाएगी।
- ये रॉकेट छोटे उपग्रहों को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करेगा। इस मिशन में कई पेलोड ले जाए जाने की उम्मीद है।
- अपनी पहली टेस्ट फ्लाइट के दौरान, विक्रम-1 60 डिग्री के झुकाव पर 450 किलोमीटर की कक्षा (ऑर्बिट) तक पहुंचेगा।
- विक्रम-1 कॉस्मोसर्व का मकसद ऑर्बिट में दुनिया के पहले ‘सॉफ्ट रोबोटिक कैप्चर सिस्टम’ को टेस्ट करना है।
- इस टेक्नोलॉजी को फ्लेक्सिबल रोबोटिक आर्म्स का इस्तेमाल करके बेकार हो चुके सैटेलाइट और ऑर्बिटल मलबे को कैप्चर करने के लिए डिजाइन किया गया है।
- इस टेक्नोलॉजी का मकसद स्पेस इंडस्ट्री के सामने मौजूद सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक – स्पेस जंक (अंतरिक्ष का कचरा) की समस्या को हल करना है।
- कंपनी ने कहा कि ‘मिशन आगमन’ का मकसद उड़ान के दौरान स्काईरूट के ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल और अहम टेक्नोलॉजी की परफॉर्मेंस को परखना भी है।
- विक्रम-1 स्काईरूट का दूसरा स्पेस मिशन है। इससे पहले 2022 में स्काईरूट विक्रम-S सबऑर्बिटल की भी सफल टेस्टिंग कर चुका है।
- विक्रम-S भारतीय जमीन से अंतरिक्ष तक पहुंचने वाला पहला प्राइवेट तौर पर बनाया गया रॉकेट था।
विक्रम-1
- विक्रम-1 को स्काईरूट एयरोस्पेस ने डिजाइन और विकसित किया है।
- इसका नाम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है।
- इस व्हीकल को 350 किलोग्राम तक वजन वाले छोटे सैटेलाइट्स को लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में के लिए डिजाइन किया गया है।

ये रॉकेट पूरी तरह से कार्बन-कंपोजिट सामग्री से बना है, जो स्टील से 5 गुना हल्का और अत्यधिक मजबूत है
2. देश में पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू हुई
- 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।
- इस ट्रेन को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से रवाना किया गया। इसका नाम ‘नमो ग्रीन रेल’ रखा गया है।
- ये पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित एक ‘जीरो पॉल्यूशन’ ट्रेन है।
- इसमें बिजली बनाने के लिए फ्यूल सेल का उपयोग किया जाता है, जिससे ट्रेन की इलेक्ट्रिक मोटर चलती है।
- इसके साथ ही भारत, जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन के बाद हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया है।
- हाइड्रोजन ट्रेन प्रदूषण कम करने और ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
- ये हाइड्रोजन ट्रेन ‘हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज’ योजना का हिस्सा है।
- इसके तहत देश के अलग-अलग ऐतिहासिक (हेरिटेज) और पहाड़ी रूटों पर ऐसी 35 हाइड्रोजन ट्रेनें चलाने की योजना है।
हाइड्रोजन ट्रेन
- ये ऐसी ट्रेन होती हैं जो डीजल के बजाय हाइड्रोजन ईंधन से चलती है।
- इसमें बिजली बनाने के लिए फ्यूल सेल का उपयोग किया जाता है, जिससे ट्रेन की इलेक्ट्रिक मोटर चलती है।
- ट्रेन की छत पर हाइड्रोजन गैस टैंकों में संग्रहित रहती है और फ्यूल सेल में हाइड्रोजन और हवा की ऑक्सीजन की रासायनिक अभिक्रिया होती है।
- इस प्रक्रिया से बिजली बनती है। यही बिजली ट्रेन के इलेक्ट्रिक मोटरों को चलाती है।

पीएम मोदी ने जींद रेलवे स्टेशन पर हाइड्रोजन ट्रेन को सोनीपत के लिए रवाना किया।
अपॉइंट (APPOINTMENT)
3. टी श्रीनिवास कुमार पृथ्वी विज्ञान के सचिव अपॉइंट हुए
- 16 जुलाई को केंद्र सरकार ने सीनियर ओशनोग्राफर डॉ. टी. श्रीनिवास कुमार तुम्मला को अर्थ साइंस मिनिस्ट्री (MoES) का नया सेक्रेटरी अपॉइंट किया।
- अर्थ साइंस भारत सरकार का एक प्रमुख मंत्रालय है, जो मौसम, जलवायु, महासागर, भूकंप विज्ञान और प्राकृतिक आपदाओं के पूर्वानुमान और अनुसंधान के लिए काम करती है।
- वे इस पद पर 2 साल तक के लिए होंगे। उन्होंने 1998 में श्रीनाथ ISRO में वैज्ञानिक के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी।
- श्रीनाथ ने 2001 में रिमोट सेंसिंग, भू-स्थानिक तकनीक और आपदा प्रबंधन परियोजनाओं पर कार्य किया।
- श्रीनाथ ने एड्वाइजर सर्विस एंड सैटेलाइट ओशियनग्राफी ग्रुप में भी काम कर चुके हैं।
- श्रीनाथ महासागर सूचना सेवाओं, समुद्री पूर्वानुमान और उपग्रह आधारित महासागर निगरानी कार्यक्रमों को लीड कर चुके हैं।
- 2024 में श्रीनाथ UNESCO-IOC के हेड, इंडियन ओसियन सुनामी वार्निंग एंड मिटिगेशन सिस्टम (IOTWMS) पर्थ (ऑस्ट्रेलिया) में सेक्रेट्रेट में काम किया।

श्रीनाथ ने एड्वाइजर सर्विस एंड सैटेलाइट ओशियनग्राफी ग्रुप में भी काम कर चुके हैं।
4. पीएम नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ और पंजाब का दौरा किया
- 17 जुलाई को पीएम नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ और पंजाब का दौरा किया।
- पीएम मोदी ने ₹12,070 करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्टों की नींव रखी और उद्घाटन किया।
- साथ ही पीएम मोदी जालंधर से देश के 75 अमृत भारत स्कीम वाले रेलवे स्टेशनों का भी उद्घाटन करेंगे।
- पीएम मोदी में जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का उद्धगहटन किया और अमृतसर-वाराणसी के बीच चलने वाली नई श्रीसंत रविदास एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई।

इंटरनेशनल (INTERNATIONAL)
5. राफेल लड़ाकू विमान डार्विन पहुंचा
- 17 जुलाई को भारतीय वायुसेना (IAF) की एक टुकड़ी युद्धाभ्यास ‘पिच ब्लैक 2026’ में हिस्सा लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंची है।
- भारतीय वायुसेना ने चार राफेल और दो C-17 एयरक्राफ्ट के साथ 120 से ज्यादा सैनिकों की टुकड़ी युद्धाभ्यास के लिए ऑस्ट्रेलिया भेजा है।
- ‘पिच ब्लैक 2026’ युद्धाभ्यास 20 जुलाई से 7 अगस्त तक उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (RAAF) के डार्विन, टिंडल और एंबरली बेस पर आयोजित होगा।
- इस युद्धाभ्यास में 20 देशों के करीब 100 जेट एयरक्राफ्ट और 2,500 से अधिक जवान हिस्सा लेंगे।
- भारतीय वायुसेना की टुकड़ी इंडो-पैसिफिक और यूरोप के देशों की वायु सेनाओं के साथ मिलकर जटिल हवाई अभ्यास में हिस्सा लेगी।
- ये दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक और कदम है। जिससे दोनों देशों के बीच आपसी तालमेल और ऑपरेशनल जानकारी बढ़ेगी।
- अभ्यास ‘पिच ब्लैक 2026’ हमारे सहयोगियों और मित्र देशों के साथ वायुसेना की सबसे बड़ी ट्रेनिंग है।
- 1983 से डार्विन में आयोजित होने वाला ‘पिच ब्लैक’ अभ्यास RAAF का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास है।
- इस अभ्यास में भारत, अमेरिका, जापान, पापुआ न्यू गिनी, इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, जर्मनी, फ्रांस और स्पेन के विमान शामिल होंगे।

इस युद्धाभ्यास में न्यूजीलैंड, फिजी, कनाडा, ब्रुनेई, मलेशिया, फिनलैंड और स्वीडन के सैन्यकर्मी भी इसमें हिस्सा लेंगे।
मिसलीनियस (Miscellaneous)
6. एयर इंडिया ने एयर बुकिंग कर लिए नया एप लॉन्च किया
- 16 जुलाई को एअर इंडिया ने सफर आसान बनाने के लिए अपने मोबाइल एप को नए फीचर्स के साथ लॉन्च किया है।
- फ्लाइट लेट या कैंसिल होने पर यात्रियों को एप के जरिए सीधी जानकारी मिलेगी।
- ऐसी किसी भी स्थिति में होटल में ठहरने और वहां तक जाने के लिए कैब की पूरी जानकारी भी सीधे एप के जरिए मिल सकेगी।
- इसके साथ ही इस टिकट बुक करना, सीट चुनना, भोजन चुनना, वेब चेक-इन, फ्लाइट स्टेटस देखना और यात्रा का प्रबंधन एक ही ऐप में किया जा सकता है।
- चेक-इन किए गए सामान की वास्तविक समय (Real-time) में स्थिति ट्रैक की जा सकती है।गेट बदलने, बोर्डिंग समय और फ्लाइट स्टेटस की तुरंत जानकारी।

आज का इतिहास
- 1743 में साप्ताहिक अखबार न्यूयार्क में दुनिया में पहली बार आधे पेज का विज्ञापन प्रकाशित हुआ।
- 1872 में ब्रिटेन में चुनाव में गुप्त मतदान अधिनियम आया। इससे पहले मतदान खुले तौर पर किए जाते थे।
- 1947 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित भारत स्वतंत्रता अधिनियम को ब्रिटेन के सम्राट द्वारा मंजूरी दी गई।
- 1980 में पूर्ण रूप से भारत में निर्मित उपग्रह ‘रोहिणी-1’ पृथ्वी की कक्षा में स्थापित।
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