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‘मिर्जापुर: द मूवी’ में ‘शूरवीर’ गाने के इस्तेमाल पर मेकर्स को लीगल नोटिस भेजा गया है। शूरवीर गाना गाने और कंपोज करने वाले इंडिपेंडेंट आर्टिस्ट रैपरिया बालम ने साफ कहा है कि वो इस गाने को किसी भी हाल में फिल्म मिर्जापुर में नहीं रहने देंगे। ये गाना महाराणा प्रताप पर बना था, लेकिन अब गाने को बिना इजाजत हिंसक सीन में रखा गया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में रैपरिया बालम के प्रवक्ता रघुवीर सिंह उर्फ जागीरदार आरवी ने कहा, ‘लीगल नोटिस भेजे हुए 2-3 दिन हो गए हैं। शूरवीर गाने के कॉपीराइट रैपरिया बालम के पास हैं, तो मेकर्स इसे बिना उनकी इजाजत के कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं। ये गाने हमने कमर्शियल इस्तेमाल के लिए नहीं बनाए थे। हमने ये नई जनरेशन के लिए बनाए। वह किताब नहीं पढ़ते, तो हम चाहते थे कि उन्हें गानों के जरिए इन शूरवीरों के बारे में पता चले।’ आगे उन्होंने कहा, ‘जो ये फिल्म आई है, उसमें ये गाना बिना पूछे लगा दिया। अगर वो ये गाना किसी और देशभक्ति फिल्म में लगा देते तो हमें आपत्ति नहीं होती, क्योंकि आर्टिस्ट का सपना होता है कि फिल्म में उसका गाना लगे। लेकिन मिर्जापुर कोई देशभक्ति फिल्म नहीं है। फिल्म में गाली-गलौज है, गाना जिस कैरेक्टर पर फिल्माया गया है, वो नशे करता है। उसके ऊपर ये गाना दिखाया है, तो एक तरह से ये दिखाया जा रहा है कि मुन्ना भैया, महाराणा प्रताप जैसा है। बच्चों को तो यही गलत मैसेज जाएगा।’ लीगल नोटिस में तीन मांगें गाना किस पर फिल्माया, इतनी बुद्धि तो होनी चाहिए- रघुवीर सिंह मिर्जापुर के मेकर्स की निंदा करते हुए रघुवीर सिंह ने कहा, ‘गाने से हमारी आइडियलॉजी जुड़ी है। हम नहीं चाहते कि गाने का गलत यूज हो। अगर मिर्जापुर की टीम हमसे संपर्क करती, तो हम उन्हें दूसरे नए गाने बनाकर दे देते। लेकिन ये गाना हम नहीं दे सकते। इससे हमारा भावनात्मक जुड़ाव है। हम चाहते हैं ये गाना फिल्म से हटे। इसके कॉपी राइट हमारे पास हैं। मेकर्स की दूसरी गलती ये है कि ये गाना महाराणा प्रताप पर है, ये आप किस कैरेक्टर पर इस्तेमाल कर रहे हैं, इतनी बुद्धि तो होनी चाहिए।’ गाने के राइट्स किसके पास? ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने क्यों दिया मिर्जापुर मेकर्स को लाइसेंस रघुवीर सिंह ने बताया है कि ये गाना 2020 में महाराणा प्रताप पर बनाया गया। बनाते हुए रैपरिया बालम और ट्रूपर रिकॉर्ड्स साथ काम कर रहे थे, तब तय हुआ कि जल्द ही दोनों पार्टरन बनकर काम करेंगे। गाना ट्रूपर रिकॉर्डस ने अपने चैनल पर अपलोड किया। जब रैपरिया बालम ने डॉक्यूमेंटेशन की बात कही, तो उनकी बात नजरअंदाज की जाने लगी। इसके बाद रैपरिया बालम ने इस गाने का कॉपी राइट अपने नाम लिया और शूरवीर जैसे 9 गानों की सीरीज बनाई। रघुवीर सिंह कहते हैं, ट्रूपर रिकॉर्ड्स के पास इस गाने के अधिकार नहीं हैं। अगर उन्होंने ये गाना एक्सेल एंटरटेनमेंट को दिया, तो ये तो धोखा है। ट्रूपर को सोचना चाहिए कि जिस राजस्थान ने उन्हें इतने व्यूज दिए हैं, उनके साथ धोखा करते हुए उन्हें शर्म आनी चाहिए। उन्होंने प्रोडक्शन से 10-20 लाख लिए होंगे, लेकिन इन पैसों के लिए राजस्थान के सम्मान का स्वाभिमान का सौदा कैसे कर दिया। ये शर्म आने की बात है। जानिए क्या है पूरा विवाद? फिल्म मिर्जापुर 4 सितंबर को रिलीज हुई, जिसके एक हिंसक सीन में शूरवीर गाना दिखाया गया। फिल्म रिलीज के बाद राजस्थान के मशहूर सिंगर रैपरिया बालम ने एक वीडियो जारी कर बताया है कि ये गाना बिना उनकी इजाजत के फिल्म में इस्तेमाल हुआ है। ये गाना महाराणा प्रताप की वीरता पर बनाया गया है, लेकिन मिर्जापुर के मेकर्स ने इसका इस्तेमाल विलेन का महिमामंडन करने के लिए किया। गाना रिलीज करने वाली म्यूजिक कंपनी ने मिर्जापुर टीम को दिया कॉपीराइट सिंगर रैपरिया बालम का दावा है कि गाने के कॉपी राइट्स उनके पास हैं, हालांकि ये गाना रिलीज करने वाले ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने इस दावे का खंडन किया। इतना ही नहीं कंपनी ने विवाद के बीच मिर्जापुर के मेकर्स को इस गाने के राइट्स भी दे दिए हैं। फरहान अख्तर से संपर्क करने की कोशिश, जवाब नहीं मिला रैपरिया बालम की टीम ने मिर्जापुर बनाने वाले एक्सेल एंटरटेनमेंट के मालिक फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से संपर्क करने की कोशिश की। फरहान की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है, जबकि रितेश ने मैसेज के जवाब में कहा कि उनकी टीम इस मामले पर बात करेंगी।
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