काशी और आसपास के जिलों की 130 लावारिस महिलाओं की पहचान फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन के जरिये की गई फिर भी उनके परिजनों ने उन्हें अपनाने से इन्कार कर दिया। किसी के पिता जमींदार थे तो किसी के पति सरकारी कर्मचारी हैं। इनमें से पांच महिलाओं की गंभीर बीमारियों से पिछले छह महीने में मौत हो चुकी है। 125 महिलाएं सामने घाट स्थित अपना घर आश्रम में रह रही हैं।
आइरिस स्कैन और फिंगर प्रिंट के जरिये इन महिलाओं के आधार कार्ड निकाले गए। पता मिला तो आश्रम प्रशासन और प्रोबेशन विभाग के अफसरों ने उनके परिजनों से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने महिलाओं को अपने साथ रखने से साफ इन्कार कर दिया। किसी महिला को संपत्ति के लालच में घर से निकाला गया, तो किसी की तबीयत खराब हो गई थी। मानसिक रूप से परेशान महिलाओं को अपनों ने सड़क पर छोड़ दिया। गंगा घाट, बाजार और चौराहों पर मिलने वाली इन महिलाओं को जिला प्रोबेशन विभाग के सहयोग से अपना घर आश्रम लाया गया है।







