उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस जहां सीटें तय किए जाने की जल्दी में हैं, वहीं सपा अभी जमीनी हकीकत का जायजा लेने में और वक्त लगा रही है। उसका जोर जीतने की क्षमता पर है तो कांग्रेस अपनी बढ़ती ताकत का हवाला दे रही है।
इसके चलते सीट निर्धारण के फार्मूले पर सहमति अभी तक नहीं बन पा रही है। असल में सपा व कांग्रेस दोनों ने चुनाव से पहले आंतरिक सर्वे कराए हैं और इसमें सपा को 2022 के चुनाव के नतीजों से काफी ज्यादा सीटें मिलती दिखाई गई हैं, लेकिन बहुमत से दूरी है।