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सैमसंग इंडिया में टीवी-होम अप्लायंसेज डिवीजन से छंटनी शुरू: कॉस्ट कटिंग के तहत 100 कर्मचारियों को निकाला; 25% तक सेल्स टीम भी प्रभावित होगी

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लागत में बढ़ोतरी और सुस्त बिक्री की दोहरी मार झेल रही इलेक्ट्रॉनिक्स दिग्गज सैमसंग इंडिया ने भारत में नौकरियों में कटौती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी अपने टेलीविजन और होम अप्लायंसेज बिजनेस से अधिकारियों और कर्मचारियों की छंटनी कर रही है। सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक अलग-अलग स्तरों के करीब 80 से 100 अधिकारियों को कंपनी छोड़ने के लिए कहा जा चुका है। प्रभावित कर्मचारियों में मुख्यालय में तैनात डायरेक्टर स्तर के अधिकारियों और टीम लीडर्स के अलावा ब्रांच और एरिया मैनेजर्स भी शामिल हैं। मार्केट का गणित समझें: 3 वजहों से बढ़ा दबाव सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स को इस वक्त वैश्विक और घरेलू स्तर पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है… 25% तक सेल्स और मार्केटिंग स्टाफ पर असर संभव छंटनी का यह दौर फिलहाल टेलीविजन और होम अप्लायंसेज वर्टिकल तक ही सीमित है, लेकिन प्रभावित कर्मचारियों की संख्या आगे बढ़ सकती है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में एक एग्जीक्यूटिव के हवाले से बताया गया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस के सेल्स और मार्केटिंग वर्कफोर्स के 25 प्रतिशत हिस्से पर इसका असर पड़ सकता है। इस संभावित कटौती में मैनपावर एजेंसियों के जरिए रखे गए ऑफ-रोल कर्मचारी भी शामिल हैं। सैमसंग के घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स सेल्स डिवीजन में करीब 550 से 600 एग्जीक्यूटिव्स हैं (जिसमें उसका बड़ा स्मार्टफोन सेल्स ऑर्गनाइजेशन शामिल नहीं है)। प्रभावित कर्मचारियों के मुताबिक, कंपनी पिछले कुछ दिनों से छोटे-छोटे बैच में टर्मिनेशन लेटर जारी कर रही है। कुछ कर्मचारियों को नोटिस पीरियड पूरा किए बिना तुरंत जाने को कहा गया है। सैमसंग उन्हें सेवरेंस पैकेज के रूप में 3 महीने की सैलरी के साथ-साथ सर्विस के हर साल के बदले 1 महीने का अतिरिक्त वेतन दे रही है। स्मार्टफोन डिवीजन सुरक्षित, पर चुनौतियां वहां भी कम नहीं सैमसंग ने अपने सबसे बड़े बिजनेस यानी ‘स्मार्टफोन डिवीजन’ को फिलहाल इन छंटनियों से दूर रखा है। भारत में कंपनी के कुल रेवेन्यू का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा (75%) अकेले स्मार्टफोन सेगमेंट से ही आता है। इसलिए फोन बिक्री में रिकवरी से कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार की काफी उम्मीदें हैं। हालांकि, भारतीय स्मार्टफोन बाजार में ओवरऑल नरमी का रुख बना हुआ है। इंडस्ट्री अनुमानों के मुताबिक, स्मार्टफोन बिक्री में सालाना आधार पर 11 से 12 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी तरफ, सैमसंग इस साल कोशिशों के बावजूद भारत के हाई-वैल्यू एयर कंडीशनर (AC) मार्केट में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रही है। खर्चों को कम करने के लिए कंपनी अपने ब्रांच नेटवर्क को छोटा कर रही है और कई रीजनल ऑफिसों का विलय (मर्ज) किया जा रहा है। फाइनेंशियल रिपोर्ट: FY25 में रेवेन्यू 12% बढ़ा रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) में दाखिल वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक, सैमसंग इंडिया का प्रदर्शन पिछले वित्त वर्ष में काफी मजबूत रहा था: प्रतिद्वंद्वी कंपनियों का प्रदर्शन



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