मनोरंजन

सोनीपत में टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस का 'समीर कनेक्शन':STF ने उठाया, रो पड़ी मां; बोली- बेटा 14 साल की उम्र से किडनी पेशेंट, उसे छुड़वा दो

Spread the love




बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के तार सीधे तौर पर हरियाणा के सोनीपत से जुड़ गए हैं। इस केस में संदिग्ध आरोपी रेहान से पहली बार बातचीत करवाने के मामले में सोनीपत के गांव देवड़ू निवासी 18 वर्षीय समीर का नाम सामने आया है। वारदात वाली रात ही सोनीपत STF की टीम ने समीर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था, जो फिलहाल पुलिस हिरासत में है। बेटा का नाम केस में आने और पुलिस द्वारा उठाए जाने के बाद समीर का परिवार पूरी तरह टूट गया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में समीर की मां मंजू और मौसी बबली रो पड़ीं और बेटे को बेकसूर बताते हुए उसे छोड़ने की गुहार लगाई। 14 की उम्र में खराब हुई किडनी, रोज जाता है स्कूल मां मंजू ने बताया कि समीर उनका सबसे छोटा बेटा है और 12वीं कक्षा में पढ़ता है। वह प्रतिदिन स्कूल जाता है जिसकी रेगुलर अटेंडेंस भी देखी जा सकती है। मां ने बताया कि जब समीर 14 साल का था (2021 में कोविड के दौरान), तब फास्ट फूड खाने व इन्फेक्शन की वजह से उसकी किडनी बुरी तरह प्रभावित हो गई थी। उसके शरीर पर सूजन आ गई थी, जिसके बाद से ही उसकी दवाइयां चल रही हैं और वह कई बार अस्पताल में भी भर्ती रह चुका है। बीमारी के कारण स्कूल से लौटने के बाद वह सीधा बिस्तर पर लेट जाता था और घर से बाहर भी नहीं निकलता था। रीहान सिर्फ बचपन का पड़ोसी, इंस्टाग्राम फोटो से जुड़ा था नाम समीर की मौसी बबली ने बताया कि बचपन में रीहान और समीर का परिवार गांव देवड़ू में ही एक-दूसरे के पड़ोसी हुआ करते थे। हालांकि बाद में समीर का परिवार गांव से बाहर कॉलोनी में शिफ्ट हो गया था। पहले भी इंस्टाग्राम पर हथियार के साथ एक फोटो अपलोड होने के मामले में समीर का नाम सामने आया था, जिस पर परिजनों का कहना है कि सिर्फ दोस्त होने के कारण उसका नाम घसीटा गया था, जबकि उसका किसी भी आपराधिक नेटवर्क या गैर-कानूनी गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है। CCTV फुटेज और पड़ोसियों से जांच की मांग समीर के पिता हसन प्राइवेट जॉब करते हैं और परिवार में समीर के अलावा 3 अन्य भाई-बहन (जिनमें एक शादीशुदा बहन) हैं। मां मंजू ने बताया कि उनके घर में CCTV कैमरे लगे हुए हैं, जिससे समीर की रोज़ाना की मूवमेंट चेक की जा सकती है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि गांव या पड़ोस में किसी से भी समीर के चरित्र के बारे में पूछा जा सकता है। पुलिस इस मामले में निष्पक्षता से जांच करे और उनके निर्दोष व बीमार बेटे को जल्द से जल्द रिहा करे। बेटे का नाम आने पर रो पड़ी मां, बोली- उसे छुड़वा दो अपने बेटे का नाम सामने आने के बाद मंजू भावुक हो गईं। रोते हुए उन्होंने कहा कि उनके बेटे का कहीं कोई कसूर नहीं है। उन्होंने गुहार लगाते हुए कहा कि उनके बेटे को छुड़वा दिया जाए। मां ने अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए उसकी बीमारी, नियमित स्कूल जाने और घर तक सीमित रहने की बात रखी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *