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हर महीने मिलेंगे ₹1 लाख: आपकी स्किल्स और रिसर्च का खर्च उठायेगा, जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप प्रोग्राम

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51 मिनट पहले

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जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा फेलोशिप प्रोग्राम लेकर आया है। जिसमें स्टूडेंट्स को हर महीने 1 लाख रुपए का स्टाइपेंड दिया जाएगा। इस फेलोशिप का फायदा वे सभी लोग उठा सकते हैं, जो भारत से जुड़े ऐसे मुद्दों पर रिसर्च कर रहे हैं, जो देश के विकास में योगदान दे सकें।

क्या है जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप प्रोग्राम ये फेलोशिप प्रोग्राम जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड की तरफ से चलाया जाता है। इसमें ऐसे सभी लोग जो साइंस, ह्यूमैनिटी, पत्रकारिता, कला जैसे क्षेत्रों में रिसर्च कर रहे हैं। वे सभी इस फेलोशिप के लिए अप्लाई कर सकते हैं, जिससे उनकी स्टडी में मदद मिल सके।

इस प्रोग्राम में ऐसे सभी लोगों को 2 साल तक हर महीने 1 लाख रुपए के साथ-साथ सालाना 75 हजार रुपए एक्ट्रा दिए जाते हैं। जिसे आप यात्रा और रिसर्च में आने वाले एक्ट्रा खर्चों पर इस्तेमाल कर सकतें हैं।

कौन-कौन कर सकता हैं अप्लाई इस फेलोशिप के लिए ऐसे लोग अप्लाई कर सकते हैं, जिन्होंने अपने क्षेत्र में अच्छा काम किया हो और आगे कुछ नया करने की सोच रखते हों। उनके पास कोई ऐसा आइडिया या प्रोजेक्ट होना चाहिए, जिस पर वे रिसर्च करना चाहते हैं या कुछ नया करना चाहते हैं।

इस फेलोशिप के लिए सिर्फ भारतीय नागरिक ही आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि आप भारत में कहीं भी रहकर अपने प्रोजेक्ट पर काम कर सकते हैं।

इस योजना में उम्र की कोई सीमा नहीं है, किसी भी उम्र के लोग लोग इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसका मकसद लोगों को अपने क्षेत्र में और बेहतर काम करने, नई चीजें सीखने और देश के विकास में योगदान देने का मौका देना है।

सिलेक्शन प्रोसेस इस फेलोशिप के लिए कैंडिडेट्स का सिलेक्शन अलग-अलग फील्ड के अनुभवी और जाने-माने लोगों की एक कमेटी करती है। कमेटी यह देखती है कि किस कैंडिडेट ने अपनी फील्ड में अच्छा काम किया है और किसके पास कुछ नया करने का आइडिया है। सिलेक्शन के दौरान अलग-अलग फील्ड के टैलेंटेड लोगों को मौका देने की कोशिश की जाती है।

1968 में शुरू हुई थी फेलोशिप जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप की शुरुआत साल 1968 में हुई थी। तब से अब तक इस प्रोग्राम के तहत कुल 155 फेलोशिप दी जा चुकी हैं। इसका मकसद अलग-अलग फील्ड में काम करने वाले टैलेंटेड लोगों को रिसर्च और कुछ नया करने के लिए आर्थिक मदद और समय देना है।

PhD के लिए भी मिलती है स्कॉलरशिप साल 1987 से फेलोशिप PhD के लिए भी शुरू की गई है। उस समय इसे भारत और विदेश में हायर स्टडीज के लिए शुरू किया गया था। बाद में मार्च 1993 में इस स्कीम को शुरू करने की जिम्मेदारी जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड को दी गई।

इसके बाद एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई गई और साल 1994 में इस स्कीम को जवाहरलाल नेहरू स्कॉलरशिप फॉर डॉक्टोरल स्टडीज नाम से शुरू किया गया। इस स्कीम के लिए मंत्रालय की तरफ से 7 करोड़ रुपए दिए गए थे। स्कॉलरशिप का खर्च इसी रकम पर मिलने वाले ब्याज से चलाया जाता है। साल 2017 तक इस स्कीम के तहत PhD की पढ़ाई के लिए कुल 688 स्कॉलरशिप दी जा चुकी थीं।

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