अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का चौथी तिमाही में मुनाफा 79% बढ़ा:  रेवेन्यू बढ़कर ₹6,375 करोड़ रहा, 2025 में अब तक कंपनी का शेयर 20% चढ़ा
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अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का चौथी तिमाही में मुनाफा 79% बढ़ा: रेवेन्यू बढ़कर ₹6,375 करोड़ रहा, 2025 में अब तक कंपनी का शेयर 20% चढ़ा

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मुंबई2 दिन पहले

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अडाणी ग्रुप की कंपनी अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड की चौथी तिमाही में कुल कमाई यानी टोटल इनकम 6,596 करोड़ रुपए रही। ये पिछले साल की तुलना में 36% ज्यादा है। कंपनी की इस कमाई में ऑपरेशन से रेवेन्यू 6,375 करोड़ रुपए रहा। वहीं जनवरी से मार्च तिमाही में कंपनी का टोटल खर्च 5,412 करोड़ रुपए और टोटल टैक्स 287 करोड़ रुपए रहा।

टोटल इनकम में से खर्च, टैक्स और अन्य खर्चे घटा दें, तो कंपनी को चौथी तिमाही में 647 करोड़ रुपए का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट हुआ। ये पिछले साल की तुलना में 79% बढ़ा है। यानी कंपनी की कमाई के साथ मुनाफा भी बढ़ा है। अडाणी एनर्जी ने गुरुवार (24 अप्रैल) को जनवरी-मार्च तिमाही (Q4FY25, चौथी तिमाही) के नतीजे जारी किए हैं।

नतीजों में आम आदमी के लिए क्या रहा?

अगर आपके पास अडाणी एनर्जी के शेयर हैं, तो कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को प्रति शेयर 0.80 रुपए के अंतरिम डिविडेंड (लाभांश) को भी मंजूरी दी है। कंपनियां अपने शेयरधारकों को मुनाफे का कुछ हिस्सा देती हैं, उसे डिविडेंड कहते हैं।

Q4 FY25 में प्रॉफिट में 80% और रेवेन्यू में 35% की बढ़ोतरी शेयर के लिए पॉजिटिव है। ऐसे में एनालिस्ट को लगता है कि अगर स्टॉक ₹980 से ऊपर का ब्रेकआउट देता है तो मीडियम टर्म में स्टॉक के ₹1,080-₹1,200 रुपए तक जा सकता है।

इस साल में अब तक शेयर का परफॉर्मेंस कैसा रहा?

रिजल्ट के बाद अडाणी एनर्जी का शेयर आज 2.58% की तेजी के साथ 963 रुपए पर बंद हुआ। अडाणी एनर्जी के शेयर ने पिछले 5 दिन में 7.5% रिटर्न दिया है।

वहीं 1 महीने में शेयर 17% चढ़ा है। वहीं 6 महीने में 2% गिरा है। एक साल में कंपनी का शेयर करीब 8% गिरा है। कंपनी की मार्केट वैल्यू 1.16 लाख करोड़ रुपए है।

कोई और बड़े अपडेट?

  • ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार 26,969 सर्किट किलोमीटर तक हो गया है। इसमें वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में 140 सर्किट किमी जोड़े गए।
  • ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक 350% बढ़कर ₹59,396 करोड़ हो गई, जो स्ट्रॉन्ग बिडिंग एक्टिविटी और फ्यूचर रेवेन्यू पोटेंशियल को रिफ्लेक्ट करता है।
  • 31 लाख स्मार्ट मीटर लगाए गए। इससे कस्टमर बेस बढ़कर 31.8 लाख हो गया। वहीं पावर ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी बढ़कर 90,236 MVA हो गई।

कॉन्सोलिडेटेड मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन

कंपनियों के रिजल्ट दो भागों में आते हैं- स्टैंडअलोन और कॉन्सोलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है। जबकि कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है।

भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर ट्रांसमिशन कंपनी है AESL

अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) को पहले अडाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड के नाम से जाना जाता था। इसकी स्थापना 2015 में हुई थी। ये भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर ट्रांसमिशन कंपनी है।

इयह हाई-वोल्टेज एसी और डीसी ट्रांसमिशन लाइनों और सबस्टेशनों को ऑपरेट करती है। इसमें 4950 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। कंपनी के चेयरमैन गौतम अडाणी और एमडी अनिल सरदाना हैं।



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