अडाणी ग्रुप डिफेंस सेक्टर में ₹1.8 लाख करोड़ निवेश करेगा:  2026 में AI-पावर्ड ड्रोन, मिसाइल बनाने पर फोकस; ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हो चुके प्रोडक्ट्स
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

अडाणी ग्रुप डिफेंस सेक्टर में ₹1.8 लाख करोड़ निवेश करेगा: 2026 में AI-पावर्ड ड्रोन, मिसाइल बनाने पर फोकस; ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हो चुके प्रोडक्ट्स

Spread the love


  • Hindi News
  • Business
  • Adani Group Plans Rs 1.8 Lakh Crore Defense Investment In 2026 For Drones And AI Weapons

नई दिल्ली26 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अडाणी ग्रुप ने अगले साल डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में ₹1.8 लाख करोड़ निवेश करने का प्लान बनाया है। कंपनी इस इन्वेस्टमेंट के जरिए मानवरहित और ऑटोनॉमस सिस्टम्स, एडवांस्ड गाइडेड वेपन्स बनाने पर जोर देगी, ताकि भविष्य की लड़ाई की जरूरतों के हिसाब से प्रोडक्ट्स बनाए जा सकें।

PTI की रिपोर्ट के मुताबि 2025 में ऑपरेशन सिंदूर जैसे मिशन्स में अडानी का मिलिट्री हार्डवेयर इस्तेमाल हो चुका है। अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस अगले साल AI-इनेबल्ड मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक्स, और बड़े पैमाने पर MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) ट्रेनिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश करेगी।

तीनों सेनाओं में शामिल हुए अडाणी के हथियार

अडाणी डिफेंस देश के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड प्राइवेट सेक्टर डिफेंस प्लेयर्स में से एक बनकर उभरा है। 2025 में इसके कई सैन्य उपकरणों का इस्तेमाल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भी किया गया था।

  • नौसेना और सेना में ड्रोन: 2025 में कंपनी के दृष्टि 10 UAVs (मानवरहित हवाई वाहन) को लंबी दूरी के इंटेलिजेंस, सर्विलांस और टोही मिशन (ISR) के लिए भारतीय नौसेना और सेना में शामिल किया गया।
  • काउंटर-ड्रोन सिस्टम: इसके काउंटर-ड्रोन सिस्टम ने सेना, नौसेना और वायु सेना द्वारा किए गए ट्रायल को पास कर लिया है।
  • गाइडेड वेपन्स: कंपनी के अग्निका लॉइटरिंग म्यूनिशन्स ने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में भी अपनी क्षमता दिखाई। इसके अलावा, कंधे पर रखकर दागी जाने वाली मिसाइल सिस्टम ARKA MANPADS को भी तीनों सेनाओं के लिए तैयार कर लिया गया है।
अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने फरवरी में डीआरडीओ के साथ मिलकर बनाए व्हीकल-माउंटेड काउंटर-ड्रोन सिस्टम को अनवील किया था।

अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने फरवरी में डीआरडीओ के साथ मिलकर बनाए व्हीकल-माउंटेड काउंटर-ड्रोन सिस्टम को अनवील किया था।

ऑटोनॉमस सिस्टम्स क्या हैं?

ये सिस्टम्स हवा, पानी और जमीन पर बिना इंसान के चलते हैं। सेंसर्स, सॉफ्टवेयर और सुरक्षित नेटवर्क से ये कम इंसानी मदद से काम करते हैं। इससे सेना दूर तक पहुंच सकती है और सिपाही सुरक्षित रहते हैं।

  • हवा में: ड्रोन जासूसी, निगरानी, मैसेज भेजना और सटीक मदद के काम करते हैं। ये लंबे समय तक उड़ सकते हैं।
  • पानी में: बिना क्रू वाले जहाज निगरानी, पानी के नीचे लड़ाई और माइंस साफ करने का काम करते हैं।
  • जमीन पर: छोटे व्हीकल सामान पहुंचाने, जासूसी, बम निपटाने और बॉर्डर गार्ड करने में मदद करते हैं।
कंपनी मानवरहित और ऑटोनॉमस सिस्टम्स, एडवांस्ड गाइडेड वेपन्स बनाने पर जोर देगी।

कंपनी मानवरहित और ऑटोनॉमस सिस्टम्स, एडवांस्ड गाइडेड वेपन्स बनाने पर जोर देगी।

प्राइवेट डिफेंस में 25% हिस्सेदारी का टारगेट

2026 में अडाणी हवा, पानी, जमीन पर ड्रोन बढ़ाएगी। सटीक हमले की ताकत बढ़ेगी, सर्विस और ट्रेनिंग सेंटर फैलेंगे। AI से चलने वाले कई इलाकों के सिस्टम बेहतर होंगे। ये भारत के डिफेंस प्लान से मैच करेंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये प्लान सेक्टर को ताकत देंगे और नौकरियां पैदा करेंगे। कंपनी का लक्ष्य प्राइवेट डिफेंस में 25% हिस्सा पाना है।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *