अडाणी धोखाधड़ी केस- अमेरिकी सांसदों की अटॉर्नी जनरल को चिट्ठी:  बाइडेन प्रशासन के खिलाफ जांच की मांग; लिखा- बेवकूफीभरा फैसला था, रिश्ते बिगड़ने का खतरा
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

अडाणी धोखाधड़ी केस- अमेरिकी सांसदों की अटॉर्नी जनरल को चिट्ठी: बाइडेन प्रशासन के खिलाफ जांच की मांग; लिखा- बेवकूफीभरा फैसला था, रिश्ते बिगड़ने का खतरा

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वॉशिंगटन DC3 मिनट पहले

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उद्योगपति गौतम अडाणी समेत 8 लोगों पर अरबों रुपए की धोखाधड़ी के आरोप लगे थे। आरोप था कि ये सोलर एनर्जी से जुड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को 265 मिलियन डॉलर की रिश्वत दी या देने की योजना बना रहे थे। - Dainik Bhaskar

उद्योगपति गौतम अडाणी समेत 8 लोगों पर अरबों रुपए की धोखाधड़ी के आरोप लगे थे। आरोप था कि ये सोलर एनर्जी से जुड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को 265 मिलियन डॉलर की रिश्वत दी या देने की योजना बना रहे थे।

अमेरिका में 6 सांसदों ने सोमवार को बाइडेन सरकार के जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा अडाणी ग्रुप के खिलाफ की गई कार्रवाई की जांच की मांग की है। इसे लेकर नए अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को लेटर लिखा है। इन सांसदों ने भारत को अहम साझेदार बताते हुए कहा कि बाइडेन के जस्टिस डिपार्टमेंट की कार्रवाई से अमेरिका का नुकसान पहुंचा है।

सांसद लांस गुडेन, पैट फॉलन, माइक हरिडोपोलोस, ब्रैंडन गिल, विलियम आर टिम्मन्स और ब्रायन बेबिन ने कहा कि जस्टिस डिपार्टमेंट की कार्रवाई एक बेवकूफीभरा फैसला था, जिससे भारत जैसे अहम साझेदार से रिश्ते बिगड़ने का डर था। इन्होंने इस पूरी कार्रवाई को एक भटकाने करने वाला कैंपेन बताया था।

दरअसल पिछले साल अमेरिका में उद्योगपति गौतम अडाणी समेत 8 लोगों पर अरबों रुपए की धोखाधड़ी के आरोप लगे थे। यूनाइटेड स्टेट्स अटॉर्नी ऑफिस का कहना है कि अडाणी ने अमेरिका में सोलर एनर्जी से जुड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को 265 मिलियन डॉलर (करीब 2200 करोड़ रुपए) की रिश्वत दी या देने की योजना बना रहे थे।

यह पूरा मामला अडाणी ग्रुप की कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और एक अन्य फर्म से जुड़ा हुआ था। 24 अक्टूबर 2024 को न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में यह केस दर्ज हुआ था। इस मामले में गौतम अडाणी और उनके भतीजे समेत 8 लोगों को आरोपी बनाया गया था।

अमेरिका के हितों को चोट पहुंची है

सांसदों ने कहा-

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इसमें उन लोगों को टारगेट किया गया है, जिन्होंने हमारी इकोनॉमी में कई अरब डॉलर का योगदान, इससे हमारे देश में हजारों नौकरियां आई। इस फैसले से अमेरिका की अर्थव्यवस्था में रुकावट डालने की कोशिश की गई। यह अमेरिकी हितों पर बड़ी चोट है।

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उन्होंने कहा- हम आपसे (पाम बॉन्डी) बाइडेन सरकार के जस्टिस डिपार्टमेंट की जांच करने का अनुरोध करते हैं। इस विभाग ने सिर्फ चुनिंदा मामलों में ही कार्रवाई को आगे बढ़ाया, जबकि कई को छोड़ दिया। इससे भारत से सहयोगी से हमारे रिश्ते खतरे में पड़ गए थे।

अडाणी ग्रुप ने सभी आरोपों आधारहीन बताया था

अडाणी ग्रुप सभी आरोपों को आधारहीन बताया था। 21 नवंबर को जारी बयान में ग्रुप ने कहा था- ‘अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के डायरेक्टर्स के खिलाफ यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस और यूनाइटेड स्टेट्स सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन की ओर से लगाए गए आरोप निराधार हैं। हम उनका खंडन करते हैं।

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पिछले हफ्ते गौतम अडाणी ने डोनाल्ड ट्रम्प को जीत की बधाई देते हुए एक ट्वीट किया। इसमें लिखा- भारत और अमेरिका के बीच जैसे-जैसे साझेदारी गहरी होती जा रही है, अडाणी ग्रुप अपनी ग्लोबल एक्सपर्टीज और 10 बिलियन डॉलर का इस्तेमाल अमेरिका की एनर्जी सिक्योरिटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर में करेगा। इससे अमेरिका में 15 हजार नौकरियां पैदा होंगी। यहां पढ़ें पूरी खबर…



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