अब 9 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी पर भी BIS हॉलमार्क जरूरी:  सस्ता गोल्ड खरीदना आसान होगा, घड़ियों और पेन पर हॉलमार्किंग जरूरी नहीं
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अब 9 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी पर भी BIS हॉलमार्क जरूरी: सस्ता गोल्ड खरीदना आसान होगा, घड़ियों और पेन पर हॉलमार्किंग जरूरी नहीं

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नई दिल्ली5 मिनट पहले

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भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने शुक्रवार (18 जुलाई) से 9 कैरेट गोल्ड से बनी ज्वेलरी पर हॉलमार्क अनिवार्य कर दिया है। अब तक 24K, 23K, 22K, 20K, 18K और 14K तक के गोल्ड से बनी ज्वेलरी पर ही हॉलमार्क जरुरी था। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की पुष्टि करता है। वहीं, गोल्ड से बनी घड़ियों और पेन पर अब हॉलमार्क जरूरी नहीं है।

ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल ने बताया कि अब सभी ज्वैलर्स और हॉलमार्किंग सेंटरों को BIS के नए नियमों का पालन करना होगा। नए नियम के अनुसार 9 कैरेट गोल्ड (375 ppt) भी अब अनिवार्य हॉलमार्किंग के दायरे में आ गया है। पहले 9 कैरेट सोने के लिए यह जरूरी नहीं था, लेकिन अब ग्राहकों को सोने की शुद्धता की सही जानकारी देने के लिए इसे भी हॉलमार्क करना जरूरी होगा।

9 कैरेट गोल्ड हॉलमार्क नियम से 5 फायदे होंगे

  • मिडिल क्लास को फायदा: इसकी कीमत कम होगी, लोगों को सस्ता ऑप्शन मिलेगा।
  • शुद्धता की गारंटी: हॉलमार्क से 9 कैरेट गोल्ड की 37.5% शुद्धता पक्की होगी।
  • ग्राहकों का भरोसा: हॉलमार्क से ठगी से बचाव होगा और विश्वास बढ़ेगा।
  • क्वालिटी कंट्रोल: ज्वेलर्स को BIS नियमों का पालन करना पड़ता है।
  • एक्सपोर्ट बढ़ेगा: हॉलमार्क से यूके, यूरोप में बिक्री आसान होगी।

हॉलमार्किंग कानूनी है

हॉलमार्किंग BIS अधिनियम, 2016 के तहत की जाती है। यह गहनों और कलाकृतियों में कीमती धातु की मात्रा को प्रमाणित करता है। इससे ग्राहकों को पता चलता है कि उनके गहनों में सोना कितना शुद्ध है। हॉलमार्किंग से ग्राहकों को ठगी से बचाया जा सकता है। हॉलमार्किंग के 8 ग्रेड होते हैं। हर ग्रेड सोने की शुद्धता को दर्शाता है। अब 9K सोना भी इस लिस्ट में शामिल हो गया है। इससे ग्राहकों को और भी विकल्प मिलेंगे।

गोल्ड ज्वेलरी पर हॉलमार्किंग के ग्रेड

ग्रैड न्यूनतम शुद्धता PPT में कैरेट की शुद्धता

24 KF

999

24 KS

995
23K 958 23
22K 916 22
20K 833 20
18K 750 18
14K 585 14
9K 375 9

अब घड़ियों और पेन पर हॉलमार्किंग जरूरी नहीं BIS ने अपने नियमों में कुछ बदलाव भी किए हैं। अब सोने की घड़ियां और पेन को कलाकृतियों (Artefacts) की परिभाषा से बाहर कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब इन पर हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं है। सोने के सिक्के के बारे में भी एक नया नियम बनाया गया है। अब 24KF या 24KS सोने की पतली शीट से बने सिक्के को ही 100% शुद्ध माना जाएगा। यह सिक्का केवल टकसाल या रिफाइनरी द्वारा ही बनाया जाना चाहिए और इसकी कोई कानूनी मुद्रा वैल्यू नहीं होनी चाहिए।

सोना 790 महंगा हुआ, ₹98,243 प्रति 10 ग्राम पहुंचा

सोने-चांदी के दाम में शुक्रवार (18 जुलाई) को बढ़त देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 24 कैरेट सोने का दाम ₹790 बढ़कर ₹98,243 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले इसका दाम ₹97,453 पर था।

चांदी की कीमत ₹1,700 बढ़कर ₹1,12,700 प्रति किलोग्राम हो गई है। इससे पहले चांदी ₹1,11,000 पर थी। वहीं 14 जुलाई को चांदी ने ₹1,13,867 का ऑल टाइम हाई बनाया था। इसके पहले सोने ने 8 जून को ₹99,454 का ऑल टाइम हाई बनाया था।

भोपाल सहित 4 महानगरों में 10 ग्राम सोने की कीमत

  • दिल्ली: 24 कैरेट सोने की कीमत ₹99,520 और 22 कैरेट सोने की कीमत ₹91,250
  • मुंबई: 24 कैरेट सोने की कीमत ₹99,380 और 22 कैरेट सोने की कीमत ₹91,100
  • कोलकाता: 24 कैरेट सोने की कीमत ₹99,380 और 22 कैरेट सोने की कीमत ₹91,100
  • चेन्नई: 24 कैरेट सोने की कीमत ₹99,380 और 22 कैरेट सोने की कीमत ₹91,100
  • भोपाल: 24 कैरेट सोने की कीमत ₹99,420 और 22 कैरेट सोने की कीमत ₹91,150

इस साल अब तक ₹22,000 महंगा हुआ सोना

इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 76,162 रुपए से 22081 रुपए बढ़कर 98,243 रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी का भाव भी 86,017 रुपए प्रति किलो से 26,683 रुपए बढ़कर 1,12,700 रुपए पर पहुंच गया है। वहीं पिछले साल यानी 2024 में सोना 12,810 रुपए महंगा हुआ था।

2030 तक 1.68 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम हो सकता है सोना

विघ्नहर्ता गोल्ड के चेयरमैन महेंद्र लुनिया के अनुसार 2030 तक सोने के दाम 1.68 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकते हैं। सोने की कीमतों में उछाल के कारणों में भू-राजनीतिक तनाव से लेकर वैश्विक आर्थिक मंदी जैसे फैक्टर्स है।

सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। नए नियम के तहत एक अप्रैल से छह डिजिट वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्किंग के बिना सोना नहीं बिकेगा। जैसे आधार कार्ड पर 12 अंकों का कोड होता है, उसी तरह से सोने पर 6 अंकों का हॉलमार्क कोड होगा। इसे हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी HUID कहते हैं।

ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग के जरिए ये पता करना संभव हो गया है कि कोई सोना कितने कैरेट का है।

2. कीमत क्रॉस चेक करें सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

24 कैरेट सोने को सबसे शुद्ध सोना माना गया है, लेकिन इसकी ज्वेलरी नहीं बनती, क्‍योंकि वो बेहद मुलायम होता है। आमतौर पर ज्वेलरी के लिए 22 कैरेट या इससे कम कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है।

कैरेट के हिसाब से ऐसे चेक करें कीमत

मान लीजिए 24 कैरेट सोने का दाम 60 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम है। यानी एक ग्राम सोने की कीमत हुई 6000 रुपए। ऐसे में 1 कैरेट शुद्धता वाले 1 ग्राम सोने की कीमत हुई 6000/24 यानी 250 रुपए।

अब मान लीजिए आपकी ज्वेलरी 18 कैरेट शुद्ध सोने से बनी है तो 18×250 यानी इसकी कीमत 4,500 रुपए प्रति ग्राम हुई। अब आपकी ज्वेलरी जितने भी ग्राम की है उसमें 4,500 रुपए का गुणा करके सोने की सही कीमत निकाली जा सकती है।

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