ऑटो-ट्रांसपोर्ट

अलर्ट- ऑनलाइन मिल रहा प्रतिबंधित खाने-पीने का सामान: एमेजॉन-फ्लिपकार्ट समेत 5 ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर FSSAI की कार्यवाही; लोगों को गुमराह करने का आरोप

Spread the love


  • Hindi News
  • Business
  • FSSAI Action Against Amazon, Flipkart & Others | Misleading Claims Probe

नई दिल्ली55 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अगर आप भी मोबाइल एप से खाने-पीने का सामान मंगवाते हैं, तो सावधान हो जाइए। सरकारी एजेंसी FSSAI ने अमेजॉन, स्विगी इंस्टामार्ट, बिगबास्केट, फ्लिपकार्ट और जेप्टो जैसी 5 बड़ी कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

इन कंपनियों पर एप पर गलत जानकारी देने, झूठे दावे करने और सेहत के लिए नुकसानदायक या प्रतिबंधित सामान बेचने के आरोप हैं। फिलहाल कंपनियों के खिलाफ जांच की प्रक्रिया शुरू हुई है, सजा या जुर्माना आगे तय होगा।

जहरीला धतूरा ऑनलाइन बेचना सबसे बड़ी लापरवाही

इस पूरे मामले में सबसे बड़ी लापरवाही ऑनलाइन धतूरा बेचना है। आयुर्वेद और खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत धतूरा एक जहरीला पदार्थ माना जाता है।

इसे बिना सख्त नियंत्रण या आम खाद्य पदार्थों की तरह खुलेआम नहीं बेचा जा सकता। FSSAI ने इसे फूड सेफ्टी कानून के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन माना है।

किस एप पर क्या गड़बड़ी मिली

  • अमेजन: हैप्पिलो कंपनी के खजूर (डेट्स) पर झूठे और गुमराह करने वाले दावे लिखे मिले। साथ ही, एप पर जहरीला धतूरा और उसके बीज बेचे जा रहे थे, जिन पर बैन है।
  • स्विगी इंस्टामार्ट: हैप्पिलो खजूर के अलावा ‘मिल्की मिस्ट’ ब्रांड की क्रीम, दही और योगर्ट (दही का ही एक रूप) पर गलत जानकारी देने का आरोप है। इस एप पर भी धतूरा बिकता हुआ पाया गया।
  • बिगबास्केट: टाटा के इस एप पर भी हैप्पिलो खजूर, मिल्की मिस्ट के तीनों डेयरी प्रोडक्ट्स और खतरनाक धतूरे की लिस्टिंग पाई गई।
  • फ्लिपकार्ट: हैप्पिलो ब्रांड के खजूर पर ग्राहकों को गुमराह करने वाले दावे करने का मामला दर्ज हुआ है।
  • जेप्टो: 10 मिनट में डिलीवरी करने वाले इस ऐप पर भी हैप्पिलो खजूर की गलत जानकारियों के साथ बिक्री को लेकर कानूनी एक्शन लिया गया है।

क्विक-कॉमर्स के दौर में सेफ्टी पर बढ़ा फोकस

आजकल 10-15 मिनट में राशन और खाने-पीने का सामान घर पहुंचाने का दौर है। लोग दुकान जाने के बजाय सीधे एप से देखकर ऑर्डर करते हैं।

ऐसे में FSSAI की इस कार्रवाही से कंपनियों को सख्त संदेश है कि एप पर दिखाई गई फोटो और जानकारी बिल्कुल सही होनी चाहिए और किसी भी जहरीली या बैन की गई चीज को बेचने की इजाजत नहीं मिलेगी।

FSSAI की इस सख्त कार्रवाई के बाद कंपनियों को भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है और गलत सामान बेचने वाले दुकानदारों को एप से हमेशा के लिए हटाया भी जा सकता है।

—————

पूरी खबर लिखें

सुप्रीम कोर्ट बोला- पैकेज्ड फूड पर वॉर्निंग लेबल लगाओ: ज्यादा चीनी-नमक और फैट की जानकारी दो, सरकार ऐसा नहीं करती तो हम आदेश देंगे

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट्स के वॉर्निंग लेबल पर केंद्र सरकार और फूड सेफ्टी अथॉरिटी (FSSAI) को आखिरी चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा कि नमकीन, बिस्किट और चिप्स के पैकेट पर ज्यादा चीनी-नमक और फैट की चेतावनी देने वाले वॉर्निंग लेबल लगाने पर अगर सरकार फैसला नहीं ले पा रही है तो हम आदेश जारी करेंगे। ये खबर भी पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *