करीब 3 महीने से सोना 1.40 लाख रुपए के आस-पास टिका हुआ था, लेकिन अगस्त में अचानक इलरे दाम बढ़ने लगे। 3 हफ्ते में ही कीमतें 20 हजार बढ़ गईं। 24 अगस्त को 10 ग्राम सोना 1 लाख 62 हजार रुपए में बिक रहा है।
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खामोशी के बाद सोना अचानक क्यों भागने लगा, यह तेजी कब तक जारी रहेगी और क्या अभी खरीदना सही फैसला होगा; आज के एक्सप्लेनर में इन्हीं सवालों के जवाब…

सवाल-1: अगस्त में सोने की कीमतें क्यों बढ़ने लगी हैं?
जवाब: 4 बड़ी वजहें हैं… 1. डॉलर का कमजोर होना
- दुनिया के बाजार में सोने की खरीद-बिक्री सबसे ज्यादा अमेरिकी डॉलर में होती है। इसीलिए डॉलर और सोने का एक करीबी, लेकिन उल्टा रिश्ता है। अगर डॉलर मजबूत, तो सोना सस्ता और डॉलर कमजोर, तो सोना महंगा होता है।
- पिछले 1 महीने में डॉलर इंडेक्स 2.5% टूटा है। ये इंडेक्स दुनिया की 6 बड़ी करेंसी- यूरो, जापानी येन, पाउंड, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक से मिलकर बनता है। इनके मुकाबले अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ। इसलिए सोने की कीमतें बढ़ने लगीं।
2. अमेरिकी बॉन्ड पर कम मुनाफे की उम्मीद
- अमेरिकी सरकार लोगों से पैसा जुटाने के लिए सरकारी बॉन्ड जारी करते हैं। उसे खरीदने वालों को ब्याज मिलता है, जिसकी दरें सरकार बदलती रहती है। यह दुनिया में सबसे ज्यादा निवेश किए जाने वाले एसेट्स में से एक है।
- जब भी बॉन्ड यील्ड, यानी ब्याज दर सोने के बढ़ते दाम की तुलना में कम होती है, तो निवेशक बॉन्ड से पैसा निकालकर सोने में लगाने लगते हैं।
- 19 अगस्त को जब अमेरिकी वित्त विभाग ने ऐलान किया कि वे बाजार से अपने लॉन्ग टर्म के सरकारी बॉन्ड्स को दोगुनी तादाद में वापस खरीदेंगे। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें घटाने की भी उम्मीद है। निवेशक फौरन सोने की तरफ शिफ्ट हो गए, इसलिए कीमतों उछाल आ गया।
3. दुनियाभर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे
- दुनिया में सबसे ज्यादा व्यापार दो चीजों में होता है- सोना और डॉलर। पिछले कुछ सालों में निवेशकों का डॉलर पर से भरोसा कम हुआ है। डॉलर का दबदबा कम करने के लिए दुनिया के तमाम सेंट्रल बैंक्स अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं, यानी लगातार सोना खरीद रहे हैं। कुछ ने तो रिकॉर्ड लेवल पर गोल्ड रिजर्व जुटा लिया है।
- वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, दुनियाभर के सेंट्रल बैंक्स औसतन हर साल एक हजार टन से ज्यादा शुद्ध सोना खरीद रहे हैं। अप्रैल-जून 2026 में सेंट्रल बैंक्स ने कुल 289 टन सोना खरीदा।
- जब सेंट्रल बैंक्स ऐसी खरीदारी जारी रखते हैं, तो बाजार में सोने के दाम बढ़ते हैं।
4. घरेलू बाजार में खरीद पैटर्न का बदलना
जून में भारत ने करीब 20 टन सोना विदेशों से खरीदा था, जो जुलाई में करीब 45 टन हो गया है, यानी दोगुना। इसकी वजह है- भारतीय बाजार के 3 हिस्सों का अब एक साथ एक्टिव होना।
- पिछले साल से जारी उछाल के कारण लोगों ने ज्वेलरी की खरीदारी टाली थी, लेकिन वे फिर से सोना खरीदने लगे हैं।
- त्योहारी सीजन के चलते सर्राफा कारोबारी स्टॉक को फिर से भर रहे हैं और ज्वेलरी मेकर्स को ज्यादा ऑर्डर मिल रहे हैं।
- सोने में तेजी के कारण मुनाफा उठाने के लिए निवेशक भी गोल्ड ईटीएफ, सिल्लियों और सिक्कों में लगातार पैसा लगा रहे हैं।
सवाल-2: क्या सोने की कीमतें अभी और बढ़ सकती हैं?
जवाब: ग्लोबल मार्केट में इस वक्त सोने की कीमत करीब 4,600 डॉलर प्रति औंस है। जुलाई में इंटरनेशनल बैंकिंग कंपनियों ने अनुमान और एक्सपर्ट्स के एनालिसिस के मुताबिक दिसंबर 2026 तक सोने के दाम 10% तक बढ़ सकते हैं…
- जेपी मार्गन ग्लोबल रिसर्च: दिसंबर 2026 तक सोने का औसत दाम 4,500 डॉलर रह सकता है। यानी मौजूदा कीमत से कोई खास बढ़ोत्तरी की उम्मीद नहीं है।
- गोल्डमैन सैक्स: 2026 के आखिर तक सोना की कीमत 4,900 डॉलर तक पहुंच सकती है।
- UBS ग्रुप: 2027 की शुरुआत में सोने का भाव 5,000 डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
- मॉर्गन स्टैनली: अगले साल की शुरुआत में सोना 5,000 डॉलर का आंकड़ा छू सकता है।
इन्वेस्टमेंट सलाह देने वाली कंपनी केडिया एडवाइजरी के फाउंडर अजय केडिया का अनुमान है कि दिसंबर तक इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमत 5,000 डॉलर के पार पहुंच जाएगी। इससे भारत में सोने की कीमत 1.75 लाख से 1.80 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकती हैं।
स्टॉक मार्केट एनालिसिस कंपनी स्ट्राइक मनी एंड इंडिया चार्ट्स के फाउंडर रोहित श्रीवास्तव बताते हैं, ‘आने वाले 1 साल तक सोना 1.35 लाख से लेकर 1.75 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के बीच झूल सकता है।’
सवाल-3: चांदी की कीमतों में क्या ट्रेंड दिख रहा है?
जवाब: सोने की तुलना में चांदी के दाम ज्यादा तेजी से ऊपर-नीचे होते रहते हैं। ये ट्रेंड देखिए…

- चांदी की कीमतें बढ़ने की मुख्य वजह इंडस्ट्रियल डिमांड है। इलेक्ट्रिक गाड़ियां, सोलर पैनल, AI डेटा सेंटर्स और माइक्रोचिप बनाने में इसका इस्तेमाल होता है। इसके अलावा सोने की बढ़ती कीमतों की वजह से ज्वेलरी में भी अब सिल्वर की डिमांड बढ़ी है।
- अजय केडिया बताते हैं कि चांदी की कीमत का अनुमान लगाने का एक पैमाना है- गोल्ड सिल्वर रेशियो। यह बताता है कि एक ग्राम सोने की कीमत में कितने ग्राम चांदी खरीदी जा सकती है। इसे 60 से 70 के बीच होना चाहिए। जब इस रेशियो में कमी आती है, तब चांदी में खरीद बढ़ने लगती है। अभी चांदी 70 से उतरकर 60 के आसपास है। लिहाजा चांदी के दाम अभी और बढ़ेंगे।
- अजय केडिया के मुताबिक साल के आखिर तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 90 डॉलर प्रति औंस के पास पहुंच सकता है। यह अभी 69 डॉलर है। इससे भारतीय मार्केट में चांदी 3.25 से 3.50 लाख प्रति किलो तक जा सकती है।
सवाल-4: तो क्या अभी सोना-चांदी खरीदना चाहिए?
जवाब: एक्सपर्ट्स मानते हैं कि शॉर्ट टर्म में सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, लेकिन लॉन्ग टर्म निवेश के लिए अभी भी खरीदा जा सकता है।
रोहित श्रीवास्तव के मुताबिक, ‘अगर 3 साल तक निवेश करके रख सकते हैं, तो हर गिरावट पर सोना लेना अच्छी स्ट्रैटेजी होगी। चांदी की कीमत भी सोने की कीमत के साथ-साथ ही बढ़ती जाएगी।’
अजय केडिया के मुताबिक, ‘चांदी का ट्रेंड देखकर लगता है कि सोने से ज्यादा तेजी से बढ़ेगी। अगर लंबी अवधि तक निवेश कर सकते हैं, तो सोना-चांदी अभी जरूर खरीदना चाहिए। आने वाले 3 साल में सोने की कीमत 2.75 से 3 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकती है।’
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डिस्क्लेमर: यह स्टोरी केवल एजुकेशनल उद्देश्यों से लिखी गई है। इन्वेस्टर्स को हमारी सलाह है कि निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने स्तर पर विशेषज्ञों से परामर्श जरूर लें।
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