12 घंटे पहलेलेखक: शशांक शुक्ला
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हममें से ज्यादातर लोग सालाना इनकम टैक्स रिटर्न भरते हैं और टैक्स बचाने के लिए नए-नए इन्वेस्टमेंट ऑप्शन खोजते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि भारत में कमाई और इन्वेस्टमेंट के ऐसे तरीके भी हैं, जिन पर आपको टैक्स नहीं देना पड़ता है।
अगर आप इस तरह की टैक्स-फ्री इनकम और इन्वेस्टमेंट को अच्छी तरह से समझ लें, तो टैक्स सेविंग के साथ-साथ फाइनेंशियल प्लानिंग भी स्मार्ट तरीके से कर सकते हैं।
ऐसे में आज हम ‘आपका पैसा’ कॉलम में हम जानेंगे कि-
- ऐसे कौन-से इनकम सोर्स हैं, जिन पर टैक्स नहीं लगता है?
- आप इनका फायदा कैसे उठा सकते हैं?

सवाल- क्या सभी तरह की आमदनी पर टैक्स देना जरूरी है?
जवाब- नहीं, इनकम टैक्स एक्ट की धारा-10 के तहत कुछ इनकम पूरी तरह टैक्स फ्री होती है। आइए टैक्स-फ्री इनकम के स्त्रोत को ग्राफिक के जरिए समझते हैं।

आइए ग्राफिक्स को विस्तार से समझते हैं।
एग्रीकल्चरल इनकम भारत में खेती-किसानी से होने वाली आमदनी को इनकम टैक्स एक्ट की धारा-10(1) के तहत पूरी तरह टैक्स फ्री रखा गया है। इसमें फसल, बागवानी, पौधों से कमाई और जमीन को लीज पर देकर कमाया गया धन शामिल होता है।
बीमा की मैच्योरिटी रकम अगर आपने जीवन बीमा (LIC या कोई और बीमा कंपनी) की पॉलिसी ली है और वह पूरी अवधि तक चलने के बाद मैच्योर होती है तो उस पर मिलने वाली रकम टैक्स फ्री होती है।
हालांकि इसके लिए जरूरी है कि हर साल का प्रीमियम बीमा राशि (सम एश्योर्ड) से 10% से ज्यादा न हो और पॉलिसी 1 अप्रैल 2012 के बाद ली गई हो। अगर ये शर्तें पूरी नहीं हुईं, तो टैक्स देना पड़ सकता है।
PPF की मैच्योरिटी और ब्याज पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF एक सरकारी बचत स्कीम है, जिसमें निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी। तीनों टैक्स फ्री होते हैं। इसका लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है और आप इसमें हर साल 500 से 1.5 लाख रुपए तक निवेश कर सकते हैं।
स्कॉलरशिप और सरकारी पुरस्कार अगर आपको सरकार या किसी मान्यता प्राप्त संस्था से पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिली है, तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगता है। इसी तरह भारत रत्न, पद्मश्री, अर्जुन अवॉर्ड जैसे राष्ट्रीय पुरस्कारों की इनामी राशि को भी टैक्स फ्री रखा गया है।
रिश्तेदारों से मिला गिफ्ट आयकर कानून कहता है कि अगर आपको किसी करीबी रिश्तेदार जैसे माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नी या बच्चों से गिफ्ट मिला है, तो उस पर टैक्स नहीं देना होता है।
इसके अलावा शादी के मौके पर मिले गिफ्ट भी टैक्स फ्री होते हैं, चाहे वह किसी से भी मिले हों। लेकिन अगर किसी गैर-रिश्तेदार से 50,000 रुपए से ज्यादा का गिफ्ट मिले, तो वह टैक्स के दायरे में आता है।
HUF से मिला पैसा HUF यानी हिंदू अविभाजित परिवार, जो एक टैक्स इकाई के रूप में पंजीकृत होता है। अगर HUF की तरफ से उसके किसी सदस्य को पैसा दिया जाता है, तो वह रकम टैक्स फ्री मानी जाती है।
हालांकि, HUF की कुल आमदनी पर टैक्स लगता है, लेकिन उसका वितरण सदस्यों को टैक्स छूट के साथ किया जा सकता है।
रिटायरमेंट बेनिफिट्स रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को मिलने वाले कुछ लाभ जैसे ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट और कम्यूटेड पेंशन को आयकर में छूट दी गई है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए ये पूरी तरह टैक्स फ्री होते हैं, जबकि प्राइवेट सेक्टर में ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख रुपए और लीव एनकैशमेंट की सीमा 3 लाख रुपए तक टैक्स फ्री है। पेंशन में एकमुश्त रकम (कम्यूटेड) भी कुछ शर्तों के तहत टैक्स फ्री होती है।
ऑफिस से मिलने वाले कुछ अलाउंस और रिम्बर्समेंट आपकी सैलरी में शामिल कुछ भत्ते और रिम्बर्समेंट जैसे मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम, फूड कूपन, मोबाइल-इंटरनेट बिल और ट्रैवल अलाउंस पर कुछ लिमिट तक टैक्स नहीं लगता है। इसमें सही प्लानिंग से आप सालाना हजारों रुपए का टैक्स बचा सकते हैं।
EPF, NPS और SCSS की मैच्योरिटी इनकम लंबी अवधि की बचत योजनाएं जैसे EPF (इंप्लीयज प्रोविडेंट फंड), NPS (नेशनल पेंशन स्कीम) और SCSS (सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम) पर मिलने वाली मैच्योरिटी इनकम भी टैक्स फ्री हो सकती है।
EPF की रकम 5 साल की नौकरी के बाद टैक्स फ्री होती है, जबकि NPS में 60% तक की मैच्योर रकम टैक्स फ्री रहती है। SCSS में ब्याज टैक्सेबल होता है, लेकिन 80TTB के तहत सीनियर सिटीजन को 50,000 रुपए तक की छूट मिलती है।
VRS की रकम अगर आप स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) के तहत नौकरी छोड़ते हैं, तो आपको मिलने वाली अधिकतम 5 लाख रुपए की राशि टैक्स फ्री होती है।
ये छूट केवल एक बार मिलती है और इसके लिए जरूरी है कि कर्मचारी की उम्र कम से कम 40 साल हो या उसने 10 साल की सेवा पूरी कर ली हो। यह लाभ सरकारी और कुछ प्राइवेट कर्मचारियों के लिए मान्य है।
सवाल- टैक्स फ्री इनकम का सही फायदा कैसे उठाएं?
जवाब- टैक्स फ्री इनकम का फायदा कई तरीकों से उठा सकते हैं। आइए जानते हैं कि किस मद में कितना फायदा उठाया जा सकता है।
EPF और PPF से टैक्स-फ्री इनकम
- EPF में ब्याज टैक्स-फ्री
- PPF में 15 साल तक ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री
- मैच्योरिटी पर भी कोई टैक्स नहीं
ELSS और म्यूचुअल फंड
- ELSS में 3 साल बाद कैपिटल गेन 1 लाख रुपए तक टैक्स-फ्री
- डिविडेंड पर 5,000 रुपए तक TDS नहीं कटता है।
बचत खाते का ब्याज
- सालाना 10,000 रुपए तक ब्याज टैक्स-फ्री (सेक्शन 80TTA)
- सीनियर सिटिजन के लिए 50,000 रुपए तक छूट (सेक्शन 80TTB)
अन्य टैक्स-फ्री इनकम
- कृषि आय पूरी तरह टैक्स-फ्री
- गिफ्ट 50,000 रुपए तक टैक्स-फ्री
- सुकन्या समृद्धि योजना का ब्याज और मैच्योरिटी पूरी तरह टैक्स-फ्री
सवाल- क्या कुछ अन्य आय के साधन हैं जिनपर टैक्स नहीं लगता है?
जवाब- हां, कुछ अन्य आय के साधन, इन्वेस्टमेंट हैं जिनपर टैक्स नहीं लगता है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं।

सवाल- क्या टैक्स फ्री इनकम को ITR में दिखाना जरूरी है?
जवाब- हां, भले ही कोई इनकम टैक्स फ्री है, लेकिन आपको ITR में इसका खुलासा करना चाहिए। इससे आपकी इनकम का सोर्स क्लियर रहता है और भविष्य में कोई टैक्स नोटिस जैसी कोई परेशानी नहीं झेलनी पड़ती है।
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