स्वास्थ्य विभाग के दावों और निजी अस्पतालों की मनमानी का एक ऐसा चेहरा सामने आया है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार के चिराग को बुझा दिया है। गलत ऑपरेशन से कन्हैयापुरवा निवासी ममता जहां 11 माह से चारपाई पर लेटी हैं। वहीं इलाज की चिंता में बेटे अभिषेक राजपूत ने 25 जून की शाम जहर खाकर जान दे दी। गमगीन परिवार ने संवाद न्यूज एजेंसी से शनिवार को अपना दर्द साझा किया।
थाना क्षेत्र के गांव कन्हैयापुरवा निवासी ममता के बच्चेदानी में इन्फेक्शन होने पर परिजन ने अगस्त 2025 को कल्याणपुर स्थित निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि बच्चेदानी के ऑपरेशन में पेशाब नली की कट गई थी। इस गलत ऑपरेशन के बाद वह लोग इतना डर गए कि दोबारा उस हॉस्पिटल में नहीं गए। इसके बाद इलाज के लिए वह कानपुर के ही दूसरे निजी हॉस्पिटल के चक्कर लगाने लगे। पांच बार यहां पर भी ममता का ऑपरेशन हुआ। आयुष्मान कार्ड से मदद मिली लेकिन सातवें ऑपरेशन के लिए यहां पर अस्पताल प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद 35 हजार रुपये खर्च होने को लेकर डिमांड कर दी गई।








