इंडियन आर्मी ‘अनंत शस्त्र’ एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम खरीदेगी:  पहले इसका नाम QRSAM था; जमीन से हवा में 30 किमी तक मारक क्षमता
टिपण्णी

इंडियन आर्मी ‘अनंत शस्त्र’ एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम खरीदेगी: पहले इसका नाम QRSAM था; जमीन से हवा में 30 किमी तक मारक क्षमता

Spread the love


नई दिल्ली20 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
'अनंत शस्त्र' को पाकिस्तान-चीन बॉर्डर पर तैनात किया जाएगा। प्रतिकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar

‘अनंत शस्त्र’ को पाकिस्तान-चीन बॉर्डर पर तैनात किया जाएगा। प्रतिकात्मक फोटो

भारतीय सेना का एयर डिफेंस सिस्टम अब और मजबूत होगा। सेना ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) को लगभग ₹30 हजार करोड़​​ में ‘अनंत शस्त्र’ मिसाइल सिस्टम खरीदने का टेंडर जारी किया है। इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने बनाया है।

पहले इसे क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल (QRSAM) कहा जाता था। अब इसका नाम बदलकर ‘अनंत शस्त्र’ रखा गया है। सोर्स के मुताबिक, अनंत शस्त्र की 5 से 6 रेजिमेंट खरीदी जाएंगी और इन्हें पाकिस्तान-चीन की सीमाओं पर तैनात किया जाएगा।

अनंत शस्त्र की खासियत यह है कि यह चलते-फिरते भी दुश्मन के टारगेट को हिट कर सकता है। साथ ही बहुत कम समय में फायर कर सकता है। इसकी मारक क्षमता लगभग 30 किलोमीटर (जमीन से हवा में) तक है। यह सेना के मौजूदा आकाशतीरऔर मीडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल (MRSAM) मिसाइल सिस्टम का साथ देगा।

‘अनंत शस्त्र’ की दिन और रात दोनों में सफल टेस्टिंग की जा चुकी है। इसी साल मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी गई थी। उस दौरान पाकिस्तानी ड्रोन हमलों को सेना की एयर डिफेंस यूनिट्स ने गन और मिसाइलों से नाकाम किया था।

सेना को मिलेंगे और भी स्वदेशी हथियार

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि आने वाले समय में सेना को नए रडार, शॉर्ट रेंज एयर वेपन, जैमर और लेजर-आधारित एंटी-ड्रोन सिस्टम भी मिलेंगे। सेना स्वदेशी हथियारों पर ज्यादा भरोसा बढ़ा रही है।

भारत-पाक संघर्ष का हीरो बना था आकाशतीर डिफेंस सिस्टम

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आकाशतीर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तानी मिसाइल्स और ड्रोन्स को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह एक स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-पावर्ड एयर डिफेंस सिस्टम है।

आकाशतीर रडार, सेंसर और कम्युनिकेशन सिस्टम को इंटिग्रेट करके सिंगल नेटवर्क बनाता है, जो रियल टाइम में हवाई खतरों का पता लगाने, ट्रैक करने और उन्हें न्यूट्रिलाइज करने में सक्षम है।

S-400 एयर डिफेंस क्या है और कितना ताकतवर है

S-400 एक एयर डिफेंस सिस्टम है, यानी ये हवा के जरिए हो रहे अटैक को रोकता है। ये दुश्मन देशों के मिसाइल, ड्रोन, राकेट लॉन्चर और फाइटर जेट्स के हमले को रोकने में कारगर है।

इसे रूस के एलमाज सेंट्रल डिजाइन ब्यूरो ने बनाया है और दुनिया के बेहद आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम में इसकी गिनती होती है। भारत और रूस के बीच S-400 की 5 यूनिट के लिए 2018 में करीब 40 हजार करोड़ रुपए की डील हुई थी।

इस सिस्टम की खासियत क्या है?

  • S-400 की सबसे बड़ी खासियत इसका मोबाइल होना है। यानी रोड के जरिए इसे कहीं भी लाया ले जाया जा सकता है।
  • इसमें 92N6E इलेक्ट्रॉनिकली स्टीयर्ड फेज्ड ऐरो रडार लगा हुआ है जो करीब 600 किलोमीटर की दूरी से ही मल्टीपल टारगेट्स को डिटेक्ट कर सकता है।
  • ऑर्डर मिलने के 5 से 10 मिनट में ही ये ऑपरेशन के लिए रेडी हो जाता है।
  • S-400 की एक यूनिट से एक साथ 160 ऑब्जेक्ट्स को ट्रैक किया जा सकता है। एक टारगेट के लिए 2 मिसाइल लॉन्च की जा सकती हैं।
  • S-400 में 400 इस सिस्टम की रेंज को दर्शाता है। भारत को जो सिस्टम मिल रहा है, उसकी रेंज 400 किलोमीटर है। यानी ये 400 किलोमीटर दूर से ही अपने टारगेट को डिटेक्ट कर काउंटर अटैक कर सकता है। साथ ही यह 30 किलोमीटर की ऊंचाई पर भी अपने टारगेट पर अटैक कर सकता है।

……………………… भारत के एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें..

पाकिस्तान के हमले से बचाता है चार परतों वाला सिस्टम: भारत का एयर डिफेंस सिस्टम कैसे करता है काम, S-400 से लेकर इग्ला-S तक जानिए पूरी जानकारी

7 मई की रात भारत ने पाकिस्तान और PoK में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक स्ट्राइक की थी। इसके बाद पाकिस्तान लगातार भारत पर ड्रोन और मिसाइल अटैक किए थे। लेकिन टारगेट तक पहुंचने से पहले ही ज्यादातर नष्ट हो घए थे। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *