11 मिनट पहले
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- 40 साल के फुटबॉलर रोनाल्डो विश्व कप क्वालिफायर मुकाबलों में 39 गोल के साथ शीर्ष पर रहे। उनके लंबे सफल करियर की कुछ खास बातें, उन्हीं की जुबानी…
मैं सपने देखने वाला इंसान हूं… लेकिन मैं खुली आंखों से सपने देखता हूं। मेरा मानना है कि जिंदगी में कुछ भी असंभव नहीं है, बस आपके लक्ष्य साफ होने चाहिए। जो कुछ मेरी जिंदगी में हुआ है, वह कभी एक सपना था और अब हकीकत है। इस बात से मुझे गर्व और खुशी दोनों मिलती है। आज भी मेरे पास कई बड़े लक्ष्य हैं… और अधिक खिताब जीतना, अपने करियर को और सफल बनाना। सबसे अहम, अपने देश के लिए बड़ी ट्रॉफी जीतना। अगर ऐसा होता है, तो यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक होगी। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में पुर्तगाल जरूर कोई अहम खिताब जीतेगा। यह विश्वास मुझे और मेहनत करने की प्रेरणा देता है। सपने हकीकत बन जाएं, इसके लिए आपको मेहनत के साथ काम करते रहना होगा। आज भी मेरी कोशिश खूब मेहनत करने की होती है। मैं अच्छे से जानता हूं कि केवल मेहनत के कारण ही मैं इस स्तर पर आ पाया हूं। अगर वाकई मैंने कोई स्तर हासिल किया है, तो यहां तक पहुंचने में सिर्फ मेरे आत्मविश्वास का हाथ ही नहीं है। यह सिर्फ इसलिए हो पाया है कि मैं कुछ अलग और ज्यादा करता था। मैदान पर भी और मैदान के बाहर भी। जब 12 साल का था, कई लोग मुझे कहते थे कि तुममें प्रतिभा तो है, लेकिन काफी दुबले हो। तब मैंने यह सोचा कि शरीर तो सुधर सकता है, जिम जाकर बन सकता है। कड़ी मेहनत और समर्पण से सब संभव है, सब ठीक हो सकता है। मैंने तय किया कि मैं अपना शरीर बना लूंगा। मैंने यह बेहद कम वक्त में किया। आज भी मैं अपने शरीर को आखिरी दम तक खींचता हूं और यह प्रतिक्रिया करता है, यह अलग अनुभव है जो मुझे हर रोज खुशी देता है। यह पहला मौका था जब मैंने मेहनत का रंग देखा था। इसके बाद से मुझे मेहनत का शौक लग गया। हर इंसान मेहनत का आनंद लें। एक बार आपने मेहनत को रंग लाते देख लिया तो फिर यह रंग उतरने वाला नहीं है।
हीरो वह है, जिसकी सोच प्रेरित करे मेरा हीरो कोई ऐसा इंसान नहीं है जिससे मैं सिर्फ ऑटोग्राफ लेना चाहंू। हीरो तो वह है जिसकी सोच और राय मुझे प्रेरित करे। चाहे वह कोई अभिनेता हो या बास्केटबॉल, गोल्फ या फॉर्मूला वन का खिलाड़ी। मैं केवल फुटबॉलर नहीं हूं, बल्कि हमेशा से एथलीट बनने की भावना रखता हूं। अगर मैं फुटबॉल में न होता, तो जरूर किसी और खेल में अपनी पहचान बनाता।
जिंदगी को पूरी गहराई से जीना चाहिए मेरे लिए जिंदगी का असली मतलब है… पूरी गहराई से जीना, अपने पेशे में छाप छोड़ना, खुश रहना और एक अच्छा इंसान बनकर युवाओं को प्रेरित करना। यही मेरी सोच है और यही मेरे जीने का तरीका। अब यह सवाल नहीं कि मैं कैसे याद किया जाना चाहता हूं क्योंकि जो कुछ मैंने पिछले दस-बारह सालों में हासिल किया है, उसने मुझे फुटबॉल के इतिहास का हिस्सा बना दिया है। (तमाम इंटरव्यूज में…)








