13 घंटे पहले
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- फुटबॉलर मेसी के नवंबर में भारत आने की खबरें हैं, जिससे वो चर्चा में हैं। उनके शानदार करियर से जुड़ी वो बातें जो आपको भी प्रेरित करेंगी…
मैं परफेक्ट नहीं हूं, शायद कभी रहा भी नहीं। एक या दो नहीं… ऐसे बहुत-से काम हैं जिनमें मैं अच्छा नहीं हूं। लेकिन मैं हर चीज में प्रतिस्पर्धी हूं, मुझे हारना कतई पसंद नहीं है। जब मैं दोस्तों के साथ ताश खेलता हूं, तो उसमें भी जीतना चाहता हूं। जब हम विदेश में होते हैं और मैं अपने साथियों के साथ पारचिस (स्पेन का एक बोर्ड गेम) खेलता हूं, तो भी मुझे जीतना ही है। अगर मैं जीतता नहीं हूं, तो मुझे थोड़ा बुरा लगता है। जब मैं किसी काम में हिस्सा लेता हूं, तो पूरी कोशिश करता हूं कि सफल रहूं।
लेकिन मैंने यह भी सीखा है कि हर बार जीतना संभव नहीं है। हर इंसान को हार की निराशा को पार करना ही होता है और यह जरूरी भी है ताकि आगे बढ़ते रहें और बेहतर बनें। हर मैच, चाहे वह जीत हो या हार, हमें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाता है। वैसे, जीतना ही सबकुछ नहीं है। किसी काम को करने का सफर ही आपको जीवन के बेशकीमती पाठ पढ़ा देता है। हार से इंसान और बड़ा बनता है। खुशियों में सब कुछ भव्य लगता है और हम ध्यान नहीं देते, लेकिन कठिन परिस्थितियों में मिली सीख भविष्य में बहुत काम आती है। देखा जाए तो अंतिम सत्य यही है कि आपको बस बेहतर होना है। आपको पता होता है कि बहुत-सी चीजें हैं जिन्हें आप और बेहतर कर सकते हैं। उसी पर आपका फोकस होना चाहिए। हासिल करने की इच्छा, कोशिश करने की तमन्ना ही सबकुछ है। परिस्थितियां अनुकूल हों या विपरीत हों, आपको डटे रहना है।
कभी जीत मिलती है, कभी हार का सामना करना पड़ता है। असली चुनौती यह नहीं है कि जब सबकुछ अच्छा चल रहा हो तब आप कैसा खेलते हैं, बल्कि यह है कि जब हालात आपके खिलाफ हों तब आप कितना मजबूत बने रहते हैं। जब मुश्किल आती है, तो हमें और भी अधिक धैर्य और विश्वास की जरूरत होती है। वैसे यह भी मजेदार है कि तैयारी कभी खास नहीं होती। वर्ल्ड कप है तो खूब तैयारी करनी है, ऐसा ठीक नहीं। हर मैच की तैयारी एक-सी करनी जरूरी है। मैं हर गेम एक जैसा खेलता हूं। कोई हालात या दबाव तैयारी को नहीं बदल सकते।
मुझे चीजों की कल्पना करना अच्छा लगता है, जैसे विपक्षी डिफेंडर क्या करेंगे और क्या हो सकता है। मैच से पहले मेरी तैयारी वैसी ही होती है जैसी ट्रेनिंग के दौरान रहती है। मेरे पास कोई खास अंदाज नहीं है। मैं बस वही कपड़ा पहन लेता हूं, जो सबसे पहले हाथ में आ जाए। मैं उन लोगों में से नहीं हूं, जो मैच से पहले ड्रेसिंग रूम में जोर से चिल्लाते हैं या शोर मचाते हैं। मुझे शांत रहना पसंद है। मुझे अच्छा लगता है अपने विचारों के साथ रहना और उन परिस्थितियों के बारे में सोचना, जो आने वाले मैच में सामने आ सकती हैं।
हार आपकी सबसे बड़ी ताकत बन सकती है जब हालात अच्छे नहीं होते, तो आपको सिर्फ मेहनत और भरोसे के साथ आगे बढ़ना होता है। मैंने यह सीखा है कि मुश्किल वक्त में हार मान लेना आसान होता है, लेकिन टिके रहना सबसे बड़ा हौसला है। आलोचनाएं, हार और दर्दनाक अनुभव आपको नीचे गिरा देते हैं, लेकिन अगर आप डटे रहते हैं तो यही चीजें आपकी सबसे बड़ी ताकत भी बन जाती हैं। (तमाम इंटरव्यूज में…)








