पहलगाम के आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत से पूरे देश में आक्रोश है। देश दुनिया के तमाम नेताओं ने हमले की कड़ी निंदा की है। इस बीच ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बृहस्पतिवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकवादी हमले ने प्रमाणित कर दिया है कि आतंकवाद का धर्म होता है।
उन्होंने यहां ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में यह भी कहा कि पहलगाम में लोगों की हत्या ही नहीं है बल्कि यह भारत राष्ट्र को चुनौती है। उन्होंने कहा, ‘‘यह हम सब 80-90 करोड़ हिन्दुओं को चुनौती है। और ये पूरे विश्व को चुनौती है कि देखो कि हम निशाना बनाकर तुम्हारा कैसे अपमान करते हैं। यह पूरे देश का अपमान है।’’
शंकराचार्य ने कहा कि पहलगाम की घटना सामान्य नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘पहली बात तो ये है कि हमारे देश के बड़े-बड़े नेता समय-समय पर कहते रहते हैं कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। नेतागण, बोलने से पहले अब सोचिए, घटना ने प्रमाणित कर दिया कि आतंकवाद का धर्म होता है।’’
उन्होंने कहा कि तभी तो लोगों का धर्म पूछकर उन्हें मार दिया गया, किसी एक धर्म विशेष का होने के कारण उनकी हत्या की गई। उन्होंने कहा, ‘‘जिन्होंने जान बचाने के लिए कहा कि वे इस धर्म के नहीं हैं, उनके कपड़े उतरवाकर उनका खतना देखा गया। और फिर गोली मारी गई। इसका एक मतलब तो साफ है और यह सिद्ध हो गया कि आतंकवाद का धर्म होता है।’’
शंकराचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि नोटबंदी और अनुच्छेद 370 हट जाने से आतंकवाद समाप्त हो जाएगा, इसके बावजूद पहलगाम की घटना हुई है तो यह किसकी असफलता है। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जो को आगे आकर जवाब तो देना चाहिए कि कौन विफल रहा है।’’ शंकराचार्य ने कहा, ‘‘जिन लोगों ने कहा था कि कश्मीर में हमने ये कर दिया है, वो कर दिया है और आइए स्वर्ग की वादियों का आनंद उठाइए। आपके आश्वासन पर ये लोग वहां गए। आपको भी विचार करने की आवश्यकता है कि आप कहां चूक कर रहे हैं।’’
(इनपुट-भाषा)








