एक दिन मेरी गाड़ी, एक दिन तुम्हारी के फार्मूले पर अब अधिवक्ता ईंधन बचाने की मुहिम में जुट गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यानथ की अपील से प्रेरित होकर अलीगढ़ में अधिवक्ताओं ने वाहन साझा (व्हीकल शेयरिंग) और ई-रिक्शा के उपयोग को बढ़ावा देना शुरू कर दिया है। इस पहल से हर महीने करीब 20 हजार लीटर ईंधन बचने का अनुमान लगाया जा रहा है।
अलीगढ़ कोर्ट में करीब पांच हजार अधिवक्ता हैं। इतने ही वाहन हैं, अगर 50 फीसदी वाहनों की संख्या में कमी होती है तो करीब 2500 हजार वाहन कम होंगे। इनमें दो हजार दोपहिया वाहन और 500 कारें शामिल हैं। बार एसोसिएशन के अनुमान के मुताबिक औसत 10 किलोमीटर प्रतिदिन चलने पर यह वाहन 25 हजार किलोमीटर चलते हैं। महीने में 24 कार्य दिवस भी हों तो यह वाहन कुल छह लाख किलोमीटर चलते हैं। अगर यह वाहन न चलें तो प्रति माह 20 हजार लीटर ईंधन की बचत होती है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेश पाठक ने बताया कि जल्द ही एसोसिएशन की एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें आधिकारिक तौर पर वाहन साझा करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। योजना सरल है। यदि दो साथी अधिवक्ता एक ही क्षेत्र से आते हैं, तो एक दिन एक की बाइक का इस्तेमाल होगा और दूसरे दिन दूसरे की। जबकि कार का प्रयोग सामूहिक रूप से किया जाएगा, ताकि सड़क पर वाहनों का दबाव और पेट्रोल-डीजल की खपत कम हो सके। अलीगढ़ कचहरी परिसर में शुरू हुई यह पहल अब चर्चा का विषय बनी हुई है। अधिवक्ताओं का मानना है कि यदि समाज का प्रबुद्ध वर्ग (वकील) इस तरह के कदम उठाता है, तो इससे आम जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
हम चाहते हैं कि अधिवक्ता साथी इस मुहिम में आगे आएं। इससे न केवल आर्थिक बचत होगी, बल्कि हम देश के विकास और पर्यावरण सुरक्षा में भी अपना योगदान दे सकेंगे। – उमेश पाठक, अध्यक्ष, बार एसोसिएशन








