नई दिल्ली28 मिनट पहले
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फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने जब्त, रिजेक्टेड और एक्सपायर्ड फूड आइटम्स को नदियों, झीलों या खुले इलाकों में फेंकने पर पूरी तरह बैन लगा दिया है। FSSAI ने मंगलवार, 4 नवंबर को राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के कमिश्नर्स को इसके लिए ऑर्डर जारी किया है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि डिस्पोजल के दौरान फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) या अधिकृत अधिकारी की निगरानी और वीडियो रिकॉर्डिंग जरूरी है। डिस्पोजल के बाद सर्टिफिकेट बनाकर डेजिग्नेटेड ऑफिसर, फूड सेफ्टी कमिश्नर और फूड बिजनेस ऑपरेटर (FBO) को भेजना होगा।
खुले में डिस्पोजल से दोबारा इस्तेमाल का खतरा
पिछले कुछ समय में कई रिपोर्ट्स आईं कि जब्त या एक्सपायर्ड फूड को नदियों या खुले मैदानों में फेंक दिया जाता है, जिससे वाटर पॉल्यूशन और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। FSSAI ने कहा कि ऐसा करना न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि ऐसे आइटम्स को सप्लाई चेन में दोबारा इस्तेमाल होने का खतरा भी पैदा करता है।
इससे पहले 21 दिसंबर 2020 को फूड रेगुलेटर ने ऐसी ही गाइडलाइन जारी की थी, जिसे अब सख्ती से लागू किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोर्ट या इससे जुड़े अधिकारी के आदेश पर ही डिस्ट्रक्शन होगा, ताकि कोई गलत इस्तेमाल न हो।
डिस्पोजल के लिए नई गाइडलाइन
- डिस्पोजल सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) -अप्रूव्ड इंसिनरेटर्स में इंसिनरेशन करना होगा, जहां पूरी तरह जलाने का रिकॉर्ड रखा जाए।
- बायोडिग्रेडेबल वेस्ट के लिए कंपोस्टिंग या डेजिग्नेटेड सैनिटरी लैंडफिल्स में डिस्पोजल, जहां लीचेट कंट्रोल हो।
- अगर वॉल्यूम ज्यादा हो, तो लोकल म्यूनिसिपल अथॉरिटीज या स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड्स से कोऑर्डिनेशन करना जरूरी है।
- राज्य अपने इलाके में डिस्पोजल फैसिलिटी की लिस्ट बनाएंगे और कमिश्नर को देंगे।
- हर महीने की 5 तारीख तक कंप्लायंस रिपोर्ट FSSAI को भेजनी होगी। अगर कोई डेविएशन मिला, तो तुरंत रिपोर्ट करनी होगी।








