एन. रघुरामन का कॉलम:  लक्ष्य को पाने में मैनिफेस्टेशन कैसे मदद करता है?
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एन. रघुरामन का कॉलम: लक्ष्य को पाने में मैनिफेस्टेशन कैसे मदद करता है?

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32 मिनट पहले

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एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु - Dainik Bhaskar

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

‘हमने इस पल को साकार करने की ठान ली थी।’ सोमवार की रात अपने अंतिम लीग मैच में मुम्बई इंडियंस को हराकर टॉप-2 में शामिल होने वाली पंजाब किंग्स के बल्लेबाज शशांक सिंह ने ये बात कही। उन्होंने कहा, ‘नीलामी के बाद हमने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया, जहां हम बातचीत और मैनिफेस्ट करते थे कि हम इस साल खिताब जीतेंगे।

पहला लक्ष्य टॉप-2 में पहुंचना था और हमने ये बाधा पार कर ली।’ यदि आप उनके शब्द देखें तो टीम ने अंतिम चार में पहुंचने के लिए मैनिफेस्ट नहीं किया। उन्हें खिताब चाहिए था और इसके लिए वे क्वालीफाइंग चार में से शीर्ष दो में आना चाहते थे।

अचरज नहीं कि टीम ने 11 साल के इंतजार के बाद प्लेऑफ में जगह बनाई। हालांकि टीम ने पूरे सीजन में, खासतौर पर हाल के मैचों में मजबूत प्रदर्शन किया है, पर श्रेयस अय्यर के नेतृत्व व रिकी पोंटिंग की कोचिंग ने एक दूसरे की मदद और परवाह का एक नया दृष्टिकोण दिया, जिसके सकारात्मक बदलाव दिखे।

शशांक ने कहा, ‘ठान लेना एक बात है, उसमें भरोसा करना दूसरी। हमने इसके लिए कड़ी मेहनत की और इसका श्रेय पंजाब किंग्स से जुड़े हरेक व्यक्ति को जाता है। आईपीएल जैसी लीग में टॉप टू में पहुंचना आसान नहीं है।’

तो मैनिफेस्टेशन क्या है? सार रूप में कहें तो इसका मतलब अपनी सोच, भावना और कार्य को अपनी इच्छाओं के साथ जोड़ना है, ताकि उन्हें वास्तविकता में तब्दील किया जा सके। और शशांक बिल्कुल यही बात कह रहे हैं। यह एक प्रक्रिया है, जिसमें सकारात्मक मानसिकता, अपने इरादों पर फोकस करना और लक्ष्य पाने के लिए सतत काम करते रहना शामिल है।

‘मेनिफेस्टेशन’ या अपनी आकांक्षाओं को सच बनाने के उद्देश्य से उनके बारे में सोचना कभी भी बहुत ज्यादा लोकप्रिय नहीं रहा। यह वह कार्य और अभ्यास है, जिसमें आप वांछित चीज को पाने के लिए विचार करते हैं और गहनता से ध्यान केंद्रित करते हैं। अब इसे प्राप्त कैसे करें? मैनिफेस्टेशन के जरिए अपने सपनों को साकार करने के कुछ चुनिंदा सिद्धांत यहां पेश हैं।

1. मनोभाव स्पष्ट हों: अपनी इच्छाएं यथासंभव रूप से स्पष्ट रखें। जैसे पंजाब किंग्स ने 2025 का IPL जीतने की ठानी। ये कभी नहीं कहा कि वे किसी साल IPL जीतना चाहते हैं। ​ऐसे ही अपनी इच्छाएं स्पष्ट रूप से यथासंभव परिभाषित करें।

2. सकारात्मक सोचें: हमेशा इच्छित परिणामों पर फोकस करें, खासतौर पर सोने से पहले। कभी आराम नहीं करने वाला आपका अवचेतन मन तब लक्ष्य हासिल करने के आइडिया सोचता रहेगा, तब भी जब आपका शरीर आराम कर रहा होगा। लक्ष्य हासिल करने के लिए यह धीरे-धीरे आपको अपनी क्षमताओं पर भरोसा दिलाने लगता है और सकारात्मक मानसिकता विकसित करता है।

3. विजुअलाइजेशन: अभ्यासकर्ता और गुरु सुझाते हैं कि अपनी इच्छाओं की ऐसी कल्पना करो कि जैसे वह पहले ही साकार हो चुकी हैं। इसमें विजन बोर्ड बनाना या नियमित लिखना शामिल हो सकता है। लेकिन आपको सोने से पहले डायरी जरूर लिखनी चाहिए, ताकि अवचेतन दिमाग इस पर काम कर सके।

4. कार्यों को अलाइन करें: वांछित परिणाम प्राप्त करने की दिशा में छोटे-छोटे कदम बढ़ाएं। इसमें आदतें बदलना, नई स्किल सीखना या सोचा-समझा जोखिम उठाना हो सकता है। अंतत: खुद पर और अपनी टीम पर भरोसा रखें। अपने इरादे की ताकत व खुद की सहायता के लिए ब्रह्मांड की शक्ति पर अटूट भरोसा रखें। ताज्जुब नहीं कि शाहरुख खान ने एक फिल्म में कहा था कि ‘जब आप कोई चीज को शिद्दत से चाहो तो….’

हालांकि, फिलहाल पंजाब किंग्स के लिए आईपीएल का खिताब दूर है, लेकिन यह टीम कई कारणों से कईयों की चहेती बन गई है। इसमें टीम की को-ऑनर प्रीति जिंटा का भरोसा भी शामिल है, जो हर मैच में अपनी टीम के पीछे चट्टान की तरह खड़ी रहती हैं।

फंडा यह है कि मैनिफेस्टेशन काम करता है। विज्ञान में इसे आरएएस- रेटिकुलर एक्टिवेटिंग सिस्टम कहते हैं। मत भूलें, आपके विचारों में आपको विजयी बनाने की जबरदस्त ताकत है।

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