एन. रघुरामन का कॉलम:  सभी का सम्मान करें, लेकिन हर व्यक्ति–हर चीज पर संदेह भी रखें
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: सभी का सम्मान करें, लेकिन हर व्यक्ति–हर चीज पर संदेह भी रखें

Spread the love


  • Hindi News
  • Opinion
  • N. Raghuraman’s Column Respect Everyone, But Also Be Suspicious Of Everyone And Everything

46 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु - Dainik Bhaskar

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

शनिवार शाम करीब 5.45 बजे मैं अनाउंसमेंट के इंतजार में जयपुर एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर कोने की सीट पर बैठा था। मेरी छठी इंद्री ने कहा कि मेरे कंधे के ऊपर से कोई मुझे मोबाइल पर टाइप करते देख रहा है। जैसे ही उस अनजान व्यक्ति को देखने मैं पीछे मुड़ने का सोचा कि मेरे मोबाइल पर एक मैसेज आया–‘सेंड मी द XXXXXX।’ यह मेरे और पत्नी के बीच का कोड वर्ड है, हम कभी भी पासवर्ड नहीं कहते।

पासवर्ड ढूंढ़ने के लिए मैसेज आइकन दबाने की बजाय मैंने स्क्रीन के दाहिनी ओर मौजूद कैमरा बटन और साथ ही रिवर्स कैमरा आइकन भी दबा दिया। कैमरा तुरंत मेरे और कंधे के पीछे मौजूद उस चेहरे पर फोकस हो गया। इससे पहले कि मैं उस चेहरे का स्क्रीनशॉट ले पाता, उस अनजान व्यक्ति का भारी बैकपैक मेरे कंधे से टकराया– क्योंकि बैकपैक वाला तेजी से मुड़ा और भीड़ में गायब हो गया।मैं खड़ा हुआ तो मेरी सीट भी चली गई।

मैं पूरे एयरपोर्ट में घूमता रहा, क्योंकि पूरा फ्लोर बस स्टैंड से भी बदतर लग रहा था। हर इंच पर यात्री थे, क्योंकि जो स्पेस एक फ्लाइट के यात्रियों के लिए भी पर्याप्त नहीं थी, वहां चार अलग-अलग गंतव्यों की चार फ्लाइट्स के यात्री थे। इनमें दो डिले फ्लाइट्स के यात्री थे और दो शेड्यूल्ड फ्लाइट्स के यात्री थे। अगले दो घंटे मैं उस चेहरे को खोजता रहा, जिसकी झलक कैमरे में दिखी थी, पर ढूंढ नहीं पाया।

मुझे पता है कि स्कैमर्स अकसर अच्छे कपडे़ पहनते हैं और सहज तरीके से बात करते हैं। मैंने अपनी पत्नी से बात की और एहतियातन कोड वर्ड भी बदल दिया। स्कैमर्स के इस दौर में आप ज्यादा कमाने के लिए क्या सीखते हैं, यह व्यक्तिगत मसला हो सकता है। लेकिन ऑनलाइन स्कैम की दुनिया में सुरक्षित कैसे रहें?, यह सभी की साझा समस्या है।

एक परिवार के तौर पर बरती जाने वाली सावधानियां यहां पेश हैं: 1. व्हाट्सएप घोस्टपेयरिंग साइबर फ्रॉड का नया तरीका है। इसमें ठग व्हाट्सएप के मल्टी-डिवाइस पेयरिंग फीचर का दुरुपयोग करता है। ठग, यूजर्स को क्यूआर कोड स्कैन करने के लिए बहकाते हैं, जो अकसर कस्टमर सपोर्ट वेरिफिकेशन, नौकरी, सर्वे के नाम पर भेजे जाते हैं।

स्कैन करते ही ठग का डिवाइस पीड़ित के व्हाट्सएप से ‘लिंक्ड’ हो जाता है। फिर स्कैमर आपकी पहचान बनकर दूसरों से बात कर सकता है। सुरक्षित रहने के लिए अनजान क्यूआर कोड को स्कैन न करें। लिंक्ड डिवाइसेज की नियमित जांच करते रहें। 2. स्कैमर्स घबराहट और जल्दबाजी पैदा करके फंसाते हैं। मसलन, कोई टोल नाका क्रॉस करते ही वे ट्रैफिक चालान भेज देंगे।

लिंक पर क्लिक करने को कहेंगे। पर क्लिक न करें। डर या दबाव लगे तो एक पल रुकें और सोचें। अकसर पहला ट्रैप यही होता है। 3. कभी भी सार्वजनिक जगहों पर अनजान केबल या चार्जिंग पोर्ट से फोन चार्ज न करें। नियमित रूप से डेटा का बैकअप लेकर दूसरे डिवाइस में सुरक्षित रखना भी कारगर है। ईमेल आईडी, नेट बैंकिंग पासवर्ड कभी नोट्स ऐप, स्क्रीनशॉट या व्हाट्सएप चैट में न रखें। ये साइबर अपराधियों को खुला न्योता है। सार्वजनिक वाई-फाई के इस्तेमाल से बचें।4. संदिग्ध फोन कॉल पर फैमिली विशेष कोड वर्ड यूज करें।

सभी जरूरी अकाउंट्स पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखना चाहिए।5. संभव हो तो बैंक अकाउंट से जुडे़ फोन नंबर को रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले नंबर अलग रखें, ताकि हैकिंग को रोक सकें। 6. सामान्य नियम यह है कि अनजान नंबर से आए मैसेज या फाइल पर इंटरैक्ट न करें। लिंक पर क्लिक और अटैचमेंट को डाउनलोड न करें, चाहे कितना ही असली लगे।

फंडा यह है कि मेरी सलाह में सार्वजनिक जगहों पर सभी का सम्मान रखते हुए भी हर व्यक्ति और हर चीज पर शक करिए। स्कैमर्स की दुनिया में यह बदतमीजी नहीं कहलाता। जानकारी रखना, सतर्क रहना और सावधान रहना साइबर क्राइम के खिलाफ सबसे मजबूत बचाव है।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *